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मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने किया आदि महोत्सव का शुभारंभ

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि आदिवासी कला के विकास एवं उनके द्वारा तैयार किये गये उत्पाद को देश-विदेश में बाजार उपलब्ध कराने हेतु राज्य सरकार प्रयासरत है ताकि उनके उत्पादों का उचित मूल्य मिले और उनके जीवन स्तर में सुधार हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार आदिवासी समुदाय की आय में वृद्धि हेतु प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को आड्रे हाउस में जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार एवं ट्राईफेड द्वारा आयोजित आदि महोत्सव का शुभारंभ कर लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने आड्रे हाउस में लगे स्टाॅल का भी अवलोकन किया। 

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि, राज्य के पर्यटन स्थलों में देश-विदेष से काफी लोग आते हैं। इसे ध्यान में रखते हुये सरकार पर्यटन स्थलों में बाजार हाट की व्यवस्था करेगी जहां आदिवासी कला, एवं उनके द्वारा तैयार उत्पादों को एक बाजार मिलेगा। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से लोग हमारे राज्य में आकर आदिवासी समुदाय की कला,संस्कृति एवं उनकी जीवन शैली पर रिसर्च करें, इसे ध्यान में रखते हुये हमारी सरकार इस बजट में शोध संस्थान पर राशि खर्च करने पर फोकस करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आदिवासी समाज एवं गरीब पिछड़े लोगों के उत्थान पर फोकस किया और आदिवासी समाज की आय में वृद्धि करने हेतु कई कार्यक्रम चलायें। 

मुख्यमंत्री श्री दास ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि इस समृ़द्ध राज्य की गोद में पल रही गरीबी को जड़ से खत्म कर हर चेहरे पर मुस्कान लायें। उन्होंने कहा कि आजादी के 70 सालों के बाद भी आदिवासी समाज के जीवन में अप्रत्याषित सुधार नहीं हुआ। राज्य सरकार ने आदिवासी समाज के लोगों की आय में वृद्धि करने हेतु मुख्यमंत्री लघु उद्यम बोर्ड का गठन किया है। उन्होंने कहा कि सरकार झार मधु के नाम से उत्पाद तैयार कर रही है। इस हेतु 600 किसानों को मास्टर ट्रेनर के रुप में तैयार किया जा रहा है। हर जिले में प्रोसेसिंग प्लांट लगाया जायेगा तथा रांची में एक बड़ा प्लांट भी लगाया जायेगा। इसी तरह लाह एवं हस्तषिल्प के क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत सरकार के जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री सुदर्शन भगत ने कहा कि भगवान बिरसा मुण्डा की पावन धरती पर पहली बार आदि महोत्सव का आयोजन हुआ है। इस आयोजन से देश और दुनिया में लोग झारखण्ड के हस्तशिल्पकारों के बनाये उत्पाद को जानेंगे। कारिगरों को बाजार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। आदिवासी, जनजाती समाज को विकास के मुख्यधारा से जोड़ने का निरंतर प्रयास सरकार द्वारा की जा रही है। इन्हें रोजगार से जोड़कर स्वांबलम्बी बनाना है। गांवों की आवश्यकताओं को आदिवासी समाज के लोग मिल-जुल कर पूरा करते हैं।

 गांवों में रहने वाले लोगों के पास हुनर की कमी नहीं है। वे लोग हस्तशिल्प के क्षेत्र में काफी दक्ष होते हैं। केन्द्र सरकार ने भी आदिवासियों एवं जनजातीयों के विकास हेतु प्रतिबद्ध प्रयास किया है। झारखण्ड सरकार भी इनके हित में कई महत्वपूर्ण योजनाएं चला रही है।  
समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास मंत्री डाॅ0 लुईस मराण्डी ने कहा कि आदि महोत्सव के आयोजन राज्य के आदिवासी कला एवं संस्कृति को विश्व के मानचित्र पर स्थापित करने का एक सराहनीय प्रयास है। ऐसे आयोजनों से हस्तशिल्प कारिगरों का मनोबल बढ़ेगा। साथ ही साथ रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। व्यापार के क्षेत्र में आदिवासी एवं जनजाती समाज के लोगों को आगे ले जाने हेतु सरकार प्रयासरत है। इस समुदाय के लोगों को रोजगार से जोड़कर ही झारखण्ड को समृद्ध राज्य के रूप में विकसित किया जा सकता है। राज्य सरकार द्वारा इनके कल्याणार्थ मुख्यमंत्री लघु उद्यम बोर्ड का गठन सहित कई कल्याणकारी योजनाएं चलायी जा रही हैं।

इस अवसर पर पद्मश्री श्री अशोक भगत, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सुनील कुमार बर्णवाल, ट्राईफेड के अधिकारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।  स्वागत संबोधन में ट्राईफेड के एमडी श्री प्रवीर कृष्ण ने आदि महोत्सव के उद्देश्य एवं ट्राईफेड के कार्यों पर प्रकाश डाला।

स्किल हब बनेगा झारखण्ड

झारखंड को पूर्वी भारत का स्किल हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार राज्य सरकार की मदद करेगी। यहां इससे जुड़े संस्थान खोले जाएंगे। जहां लोगों को विभिन्न प्रकार के कौशल विकास के कोर्स करवाए जाएंगे। ये निर्णय नई दिल्ली में मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास और केंद्रीय पेट्रोलियम रसायन प्राकृतिक गैस और कौशल विकास मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ हुई बैठक में लिया गया। बैठक में यह भी तय किया गया कि गैस आधारित अर्थव्यवस्था को विकसित करने के लिए इससे संबंधित उद्योगों पर काम किया जाएगा। राज्य में वैसे उद्योग लगाए जाएंगे जिनमें गैस के उपयोग से उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद बनाए जा सकते हैं। पूर्वी भारत के बंदरगाहों से झारखंड के शहरों के सीधे जुड़ाव के लिए सड़क और रेल मार्ग का निर्माण किया जाएगा। साथ ही जो राज्य के औद्योगिक शहर हैं, उन्हें भी बंदरगाहों से जोड़ा जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि 25 जनवरी को शिकारीपाड़ा में एलपीजी पंचायत की शुरूआत होगी। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद रहेंगे। उज्ज्वला योजना और गैर उज्ज्वला योजना के तहत ज्यादा से ज्यादा गैस कनेक्शन वितरण के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बैठक में कोयले के विकल्प के रूप में मिथेन व अन्य उत्पादों को विकसित करने पर भी सहमति बनी। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम करेंगे। बैठक में सिंदरी खाद कारखाना पर भी चर्चा हुई।

रांची प्रेस क्लब की पहचान पूरे देश में एक आदर्श क्लब के रूप में हो

रांची प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित कमेटी के शपथ ग्रहण समारोह का बुधवार को आयोजन किया गया। रांची विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में हुए इस समारोह में मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने रांची प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित सदस्यों को शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि “झारखण्ड में प्रतिभा और संसाधन की कमी नहीं, बस कमी थी जुनून की, लगन की। झारखण्ड के युवा पत्रकारों का जोश और लगन देखकर लगता है कि आने वाले दौर में झारखण्ड के युवा देश भर में पत्रकारिता को नया आयाम देंगे।”

 

वन उत्पादों से जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहन देगी सरकार

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि झारखण्ड में बड़े पैमाने पर वनोपज होते हैं, जिनका वैल्यू एडिशन कर ग्रामीणों के जीवन में बदलाव लाया जा सकता है। ग्रामीणों कोप्रशिक्षण देकर अच्छी गुणवत्तायुक्त उत्पाद तैयार कराना, उनकी ब्रांडिंग करना, उन्हें मार्केट उपलब्ध कराना इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। गांव में प्रतिभा की कमी नहीं है। मौका मिलते ही वे अपनी पहचान देश-दुनिया में बना सकते हैं। राज्य सरकार वनोत्पाद से जुड़े उद्योगों को  बढ़ावा देकर गांव के विकास की रूपरेखा तैयार कर रही है।श्री रघुवर दास के केंद्रीय जनजातीय कल्याण राज्य मंत्री श्री सुदर्शन भगत और ट्राइफेड के अधिकारियों के साथ बैठक में बोल रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग, कल्याण विभाग, वन विभाग और कृषि
विभाग का समन्वय कर नीति बनायी जा रही है। राज्य में हाट बाजारों को विकसित किया जारहा है। वहां आधारभूत संरचना को सुधारा जा रहा है। यहां ग्रामीणों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिले, इसकी व्यवस्था सरकार करेगी। लाह व इसके उत्पादों की मांग पूरी दुनिया में है। ग्रामीणों को प्रशिक्षित कर लाह व तसर के उत्पाद तैयार कराये जायेंगे। उनकी ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए बोर्ड का गठन किया गया है।इसी प्रकार हस्तशिल्प के लिए भी बोर्ड बनाया गया है। सरकार राज्यभर के हस्तशिल्पियों का आंकड़ा इकट्ठा कर रही है।

उन्हें बाजार की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण देकर उत्पाद तैयार कराया जायेगा। उनके उत्पादों के लिए बाजार भी तलाशा जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिरौंजी, ईमली, हरे-बहेरा, आंवला आदि की सही कीमत मिले, इसका भी प्रयास किया जायेगा। इन छोटे-छोटे प्रयासों से उनकी आमदनी को बढ़ाया जा सकता है। बैठक में ट्राइफेड के प्रबंध निदेशक श्री प्रवीर कृष्ण ने कहा कि हाट में आधारभूत संरचना को सुधारने के लिए केंद्र सरकार राशि देती है। टेक्सटाइल के उत्पादों के  लिए प्रशिक्षण, लूम और बाजार भी ट्राइफेड उपलब्ध कराती है। राज्य सरकार के सहयोग से राज्य में 1000 ग्राम प्रोसेसिंग यूनिट लगायी जायेगी, जहां वनोपज, हैंडीक्राफ्ट, टेक्सटाइल आदि के लिए वैल्यू एडिशन केंद्र बनेंगे। यहां बिना मशीन वैल्यू एडिशन का प्रशिक्षण दिया जायेगा। बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती राजबाला वर्मा, वन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री इंदूशेखर चतुर्वेदी, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सुनील कुमार बर्णवाल, कल्याण सचिव श्रीमती हिमानी पांडेय, ग्रामीण विकास सचिव श्री अविनाष कुमार, कृषि सचिव श्रीमती पूजा सिंघल समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

25 जनवरी को प्रधानमंत्री एलपीजी पंचायत योजना की होगी शुरुआत

  • मुख्यमंत्री ने केंद्रीय पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस सह कौशल विकास मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व में गैस व तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक की
  • कोल से मिथेन गैस बनाकर विदेशी पूंजी बचायी जा सकती है- मुख्यमंत्री    
  • 25 जनवरी को शिकारीपाड़ा में प्रधानमंत्री एलपीजी पंचायत योजना की शुरुआत की जायेगी- रघुवर दास
  • उज्जवला योजना में झारखंड का सहयोग दूसरे राज्यों के लिए रोल मॉडल है – धर्मेंद्र प्रधान
  • जल्द ही झारखण्ड में पाइपलाइन, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन, बॉटलिंग प्लांट, टर्मिनल आदि की शुरुआत की जायेगी- धर्मेंद्र प्रधान

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि झारखंड संभावनाओं से भरा प्रदेश है। यहां कोयला और स्टील प्रचुर मात्रा में है। पेट्रोलियम उत्पादों के विकल्प के तौर पर कोयले का उपयोग किया जा सकता है। कोल से मिथेन गैस बनाकर विदेशी पूंजी बचायी जा सकती है। उन्होंने कहो कि केंद्र सरकार का पेट्रोलियम मंत्रालय इसमें सहयोग करे। राज्य सरकार हर संभव सहयोग के लिए तैयार है। श्री रघुवर दास आज केंद्रीय पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस सह कौशल विकास मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व में गैस व तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक  कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम कंपनियों के लिए डिपो, पाइपलाइन, बॉटलिंग प्लांट, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन आदि के लिए जमीन समेत अन्य जरूरतों को पूरा करने में पूर्ण सहयोग कर रही है।

               मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 जनवरी को शिकारीपाड़ा में प्रधानमंत्री एलपीजी पंचायत योजना की शुरुआत की जायेगी। राज्य में एलपीजी गैस के वितरण में तेजी लायी जायेगी। इस वर्ष 24 लाख एलपीजी गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य है। केंद्रीय मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने उज्जवला योजना में झारखंड के सहयोग और प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि यहा दूसरे राज्यों के लिए रोल मॉडल है। उन्होंने कहा कि जल्द ही राज्य में पाइपलाइन, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन, बॉटलिंग प्लांट, टर्मिनल आदि की शुरुआत की जायेगी। अगले दो से तीन माह में राज्य में 6-7 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं धरातल पर उतरेंगी। इससे न केवल रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि राज्य के औद्योगिकीकरण में भी मदद मिलेगी। यहां के स्टील प्लांट को गैस की सप्लाई होने पर उच्च गुणवत्ता के स्टील उत्पाद तैयार हो पायेंगे। बड़ी-बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियां यहां अपने प्लांट लग सकेंगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रांची व जमशेदपुर शहर मे पाइपलाइन के माध्यम से घरेलु गैस की आपूर्ति के लिए निर्माण कार्य का शिलान्यास जल्द किया जायेगा। झारखंड में जो योजनाएं शुरू होनेवाली है, उनके पूर्ण होने के बाद अगले 25 साल तक झारखंड की आवश्यकताओं की पूर्ति होगी। राज्य में कोयले की अधिकता को देखते हुए यहां कोल से मिथेन गैस बनाने के प्लांट लगाये जायेंगे।

               बैठक में गेल के जगदीशपुर-हल्दिया व बोकारो धर्मा पाइपलाइन, ओएनजीसी के कोल बेड मिथेन ब्लॉक, बीपीसीएल, एचपीसीएल व आइओसीएल के डिपो, एलपीजी प्लांट, बॉटलिंग प्लांट की क्षमता बढ़ाने, सिंदरी खाद कारखाने के शुरू करने संबंधी विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

               इस दौरान विकास आयुक्त अमित खरे समेत राज्य सरकार के सभी आला अधिकारी, गेल, ओएनजीसी, तेल कंपनियां के वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

झारखण्ड ने रचा…इतिहास, निजी क्षेत्र में 27 हजार से ज्यादा युवाओं को मिले नियुक्ति पत्र

 

झारखण्ड ने आज वो कर दिखाया जिसकी कल्पना करना तक नामुमकिन था रांची के खेलगांव स्थित टाना भगत इंडोर स्टेडियम में राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आयोजित स्किल समिट 2018 के अवसर पर 27 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि सरकार ने राज्य से बेरोजगारी हटाने का प्रण लिया है। आज 27 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने के अवसर पर उन्हें बधाई।

 

*यह एक ऐतिहासिक क्षण है**, जब एक साथ 27 हजार से अधिक युवाओं को निजी क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त हुआ है। आप दिल लगा कर काम करें और झारखंड का नाम रौशन करें। *

स्टेडियम में उपस्थित युवाओं को संबोधित करते हुये उन्होंने कहा कि आप युवाओं के उत्साह को देख ऐसा लग रहा है कि युवाओं को आगे बढ़ने से कोई रोक नहीं सकता। स्वामी विवेकानंद जी की जंयती जिसे पूरा देश राष्ट्रीय युवा दिवस के रुप में मना रहा है के अवसर पर झारखण्ड इतिहास रच रहा है । हमारी सरकार ने आज 25 हजार युवाओं को रोजगार देन का वादा किया था उसे आज पूरा किया है ।

*झारखण्ड प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नये भारत के निर्माण के सपने को पूरा करने में अपनी सीधी भागीदारी निभा रहा है। *

श्री रघुवर दास ने कहा कि पूरा विश्व जब बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहा है ऐसे समय में झारखण्ड सरकार ने एक टीम भावना से काम कर युवाओं को बेहतर रोजगारोन्मुख इको सिस्टम दिया है । आज हम शान से कह सकते हैं कि रोजगार देखना है, विकास देखना है तो झारखण्ड आईये।

*1977 में मेरे पिताजी टाटा स्टील कंपनी से सेवा मुक्त हुए थे और मैंने 1980 में 1500 रुपये में नौकरी शुरू की साथ ही कुजू से कोयला लाकर भी अपनी टाल के माध्यम से बेचा । इसलिए बेरोजगारी और गरीबी का दर्द मैं समझता हूं । झारखंड का मुख्यमंत्री बनने पर मैंने संकल्प लिया के मैं झारखंड का नंबर 1 मजदूर बन कर राज्य की सेवा करुंगा। मुख्यमंत्री का पद मुझे सेवा के लिये ही मिला है ।  *

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी की सोच है कि भारत की दुनिया भर में स्किल्ड इंडिया के रुप में एक अलग पहचान बने। उन्होंने कहा कि झारखण्ड में कुशल श्रमिकों की एक फौज तैयार हो रही है, जो राज्य और देश के बाहर भी लोगों के बीच अपना ध्यान आकृष्ट करेगी । हमारी सरकार ने 700 करोड़ रुपये खर्च कर झारखण्ड के बच्चों को कुशल बनाने का निर्णय लिया है।

*अटल जी ने कहा था कि अंधेरा छटेंगा और विकास का सूरज निकलेगा झारखंड में अपार संभावनाएं हैं आने वाले वर्षों में हमारा देश विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में खड़ा होगा।*

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राजधानी रांची में भी जल्द विदेश भवन बनेगा। आप युवा देश के बाहर सरकार द्वारा अधिकृत एजेंसी के माध्यम से ही जाएं। अगर बाहर कुछ दुर्घटना हो जाती है तो राज्य सरकार 5 लाख अनुदान स्वरुप प्रदान करेगी। आज हम 25 हजार लोगों को नौकरी दे रहे हैं अगले साल हम झारखंड के और एक लाख युवाओं को रोजगार देंगे ।

केंद्रीय मंत्री पेट्रोलियम प्राकृतिक गैस एवं कौशल विकास श्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस अवसर पर कहा कि झारखंड की कार्यकुशलता अब चरम पर है । यह सजग सरकार जिम्मेवार सरकार की छवि को परिलक्षित करता है ।मुझे यहां आकर इस बात का इस बात की जानकारी हुई कि झारखंड के 24 जिलों में मेगा स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित करने की योजना है । यह यह सोच बहुत आगे की है। झारखंड समृद्ध बनेगा ।

*मेरा मानना है कि विश्व की आधुनिकता को भारत के संस्कार से जोड़ने का नाम कौशल विकास है। इस पवित्र यज्ञ जनआंदोलन में झारखंड सरकार ने मुझे शामिल किया इसके लिए धन्यवाद।*

श्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि केन्द्र सरकार की योजनाओं को पूरे देश में किसी राज्य ने अगर मूर्तरूप दिया है तो वह झारखंड है। एक जिम्मेवार शासक और हम सब की जिम्मेवारी है नौजवानों व आने वाली पीढ़ी को सुविधाओं से आच्छादित व उन्हें सम्मान की जिंदगी प्रदान करने की।इसमें कौशल विकास का महत्वपूर्ण योगदान है।

*यह **3 साल की स्थित सरकार की महत्वपूर्ण देन है कि आज हम एक साथ 25000 से ज्यादा युवाओं को रोजगार प्रदान कर रहे हैं। *

शिक्षा मंत्री श्रीमती नीरा यादव ने कहा कि युवा दिवस के अवसर पर 25 हजार से ज्यादा युवाओं को नौकरी प्रदान कर मोमेंटम झारखण्ड की वास्तविक छवि उभर कर सामने आई है। राज्य सरकार का संकल्प है कि प्रत्येक वर्ष 1 लाख युवाओं का कौशल विकास कर रोजगार से जोड़ा जायेगा ।

*स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था कि देश के बच्चों को ऐसी शिक्षा मिले जिससे उनका सर्वांगीण विकास हो सके**, वे आत्मनिर्भर बन सकें, चरित्र का निर्माण और समाज सेवा के भावना उनमें भरी हो।*

श्रीमती यादव ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री जी ने भी गरीबी को चुनौती के रूप में लेकर इसके खिलाफ युद्ध छेडने की बात कही है। प्रधानमंत्री ने कौशल युक्त मानव संसाधन पर जोर दिया है । राज्य सरकार ने भी प्रधानमंत्री जी की बातों को आत्मसात करते हुए कौशल विकास हेतु 49 चयनित एजेंसियों, 263 कौशल विकास केंद्रों,

22 सेक्टर और 90 ट्रेड के माध्यम से युवाओं का कौशल विकास कर रही है ।

मुख्यसचिव श्रीमती राजबाला वर्मा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था कि लगातार निरंतर चलते रहना है.. झारखण्ड सरकार भी स्वामी जी की उन बातों को आत्मसात करते हुए कार्य कर रही है ताकि राज्य के युवाओं का सशक्तिकरण हो तथा यहां की सवा तीन करोड़ जनता का समग्र विकास और समृधि सुनिश्चित हो सके ।

*झारखण्ड युवा राज्य है। राज्य के युवाओं के पास ऊर्जा**, साहस, सपने और आकांक्षाएं हैं। ये ही राज्य की शक्ति हैं जिसपर हमें गर्व है। माननीय मुख्यमंत्री जी कहते हैं कि युवाओं को सपने देखने दो, लक्ष्य ऊंचा रखने दो जिसके जरिये वे सफलता की ऊंची उड़ान भर सकें। *

श्रीमती वर्मा ने कहा कि राज्य के युवाओं के सपने को धरातल पर उतारने और उनकी आकांक्षाओं को मूर्तरूप देने के लिये झारखण्ड सरकार कृतसंकल्पित है । दूरगामी सोच और कार्ययोजना के साथ राज्य के बच्चों के सपनों को साकार करने में झारखण्ड सरकार जुटी है ताकि आर्थिक व सामाजिक विकास में युवाओं का हाथ मजबूत हो सके । श्रीमती वर्मा ने बताया कि युवाओं को बेहतर कौशल विकास के तहत प्रशिक्षण प्राप्त हो इस निमित राज्य सरकार ने 700 करोड़ रुपये का उपबंध किया है। मेगा स्किल डेवलपमेंट सेंटर की स्थापना की गई है। गुणवत्ता युक्त प्रशिक्षण के लिये सिंगापुर कंपनी के साथ राज्य सरकार डव्न् कर गुणवत्ता पूर्ण प्रशिक्षण सुनिश्चित किया गया।

उच्च एवं तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव श्री अजय कुमार सिंह ने कहा कि स्किल समिट 2018 के माध्यम से युवाओं में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ है। युवा वर्ग आशान्वित है। उनमें पढ़ने और आगे बढ़ने की प्रवृत्ति में अभिवृद्धि हुई है। स्किल झारखण्ड की ओर अग्रसर राज्य के लिये स्किल समिट मील का पत्थर साबित होगा। इस कार्यक्रम के पूर्व माननीय मुख्यमंत्री जी ने 25 हजार नियुक्तियां करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में विभिन्न विभागों की संचालित योजनाओं को समाहित और युवाओं को प्रशिक्षित किया गया। मेगा स्किल डेवलपमेंट सेंटर के माध्यम से युवा प्रशिक्षित हुए। स्कूल , कॉलेज में कार्यक्रम संचालित हुए। 14 स्थाई प्लेसमेंट सेंटर स्थापित हुए। 210 कैंपस प्लेसमेंट का आयोजन हुआ और आज राज्य सरकार अपने लक्ष्य से 25 हजार से कहीं ज्यादा 27 हजार 842 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित कर रहें हैं।

श्री सिंह ने बताया कि रांची के 5893 और पूर्वी सिंहभूम के 4074 युवाओं को इस स्किल समिट 2018 में नियुक्ति पत्र मिला है। टॉप 6 सेक्टर में युवाओं को रोजगार प्रदान किया गया है। सबसे अधिक 43 हजार रुपये मासिक की नौकरी राज्य के युवाओं को मिला है। राज्य सरकार लगातार युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ने हेतु प्रयत्नशील है। सरकार का प्रयास है कि राज्य के युवा कुशल और हुनरमंद बनें।

फिल्म निदेशक श्री सुभाष घई ने कहा कि झारखंड के बच्चे होनहार और प्रतिभावान हैं। जरूरत हैं उन्हें सही दिशा प्रदान करने की।

*आज झारखण्ड इतिहास रच रहा है। विदेशों में पढ़ाई के साथ साथ कौशल विकास पर भी जोर दिया जाता है वहां की पढ़ाई कौशल विकास पर ही आधारित है। *

श्री घई ने बताया कि उनके पिता चाहते थे कि मैं नौकरी करूं, लेकिन मैं मालिक बनना चाहता था। इसके लिये मैंने खुद को जाना अपने कौशल को पहचाना। आपको भी अपने आप को जानना होगा। मैंने अपने जीवन में बहुत काम किये हैं अब अपने कौशल से युवा पीढ़ी को अवगत कराना है।

महिंद्रा एंड महिंद्रा के एम एन सिंह ने कहा कि देश की कंपनियों को अब स्किल्ड कामगारों की जरूरत है। गुणवत्ता पूर्ण ग्राहक सेवा के लिये यह जरूरी है। झारखण्ड सरकार ने राज्य के युवाओं को मौका दिया है तो युवा आने वाली पीढ़ी के लिये रोल मॉडल बनें ताकि आनेवाली पीढ़ी उनसे प्रेरणा ले सफलता की ओर बढ़े। राज्य सरकार भी गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिये प्रशिक्षित शिक्षक उपलब्ध कराये। समय की मांग के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षण मिले ताकि बच्चें कुशल बन सकें , इससे राज्य का परिदृश्य बदलेगा।

युवा ही भारत का भविष्य हैं

हटिया: मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने आज निफ्ट द्वारा “एक्सीलेंस इन मैन्युफैक्चरिंग एंड द न्यू होराइजन मैपिंग द पाथ वे” विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि निफ्ट को इंस्टीट्यूट ऑफ नेशनल इंपोर्टेंस घोषित करने की अनुशंसा की जाएगी। उन्होंने कहा कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फाउंड्री एंड फोर्ज़ टेक्नोलॉजी जैसा प्रतिष्ठित संस्थान झारखंड के लिए गर्व की बात है । निफ्ट की मानव संसाधन शक्ति पर झारखंड को गर्व है।  निफ्ट संस्थान के 50 गौरवशाली वर्ष पूरे करने पर मुख्यमंत्री ने बधाई दी।

युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि युवा ही भारत का भविष्य हैं। उन्होने कहा कि युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है उनके कौशल क्षमता का विकास हो। देश के इतिहास में पहली बार युवाओं के कौशल क्षमता में विकास के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने विशेष पहल कर अलग मंत्रालय बनाया और सुनियोजित प्रयास किया है। हमने भी उसी अनुरूप कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया है। झारखंड सरकार भी युवाओं का कौशल विकास कर रोजगार उपलब्ध कराने के अभियान को आगे बढ़ा रही है। विकसित देशों में जहां 80% युवा कौशल क्षमता से युक्त है वहीं, हमारे देश में यह 10% के आसपास है जबकि देश की 60℅ आबादी युवा है। स्वामी विवेकानंद का सपना था कि भारत विश्व गुरु बने । राज्य सरकार विवेकानंद की जयंती के अवसर ( राष्ट्रीय युवा दिवस) पर  25000 युवाओं को सीधे रोजगार दे रही है। इनमें ऐसे भी युवा हैं जिन्होंने भले ही उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं की है किंतु उनका कौशल विकास कर उन्हें रोजगार दिया जा रहा है।

       मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यशाला में इस बात पर ध्यान दिया जाना चाहिए की हमारे देश के मैन्युफैक्चरिंग संस्थान जो प्रोडक्ट बनाते हैं उनकी क्वालिटी सर्वश्रेष्ठ हो, जीरो डिफेक्ट हो ताकि, उनके प्रोडक्ट दुनिया भर में छा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा की प्रोडक्ट की पैकेजिंग भी बहुत महत्वपूर्ण है, अगर प्रोडक्ट बढ़िया हो और उसकी पैकेजिंग भी अच्छी हो तो पूरा विश्व उसके लिए बाजार बन सकता है।

 मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य के जनजातीय समाज की हस्तकला अत्यंत उन्नत है, इसे राष्ट्रीय स्तर पर आधुनिक ढंग से किस प्रकार प्रस्तुत किया जा सके  इसके लिए निफ्ट प्रयास करे। हमारे झारखंड में पारंपरिक रुप से जो कौशल प्रतिभा विद्यमान है गांव गांव में जो हुनरमंद लोग मौजूद हैं, निफ्ट इन्हें निखारने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका किस प्रकार निभा सकती है कार्यशाला में इस पर भी विचार करें।

       कार्यशाला में भारत सरकार मानव संसाधन के संयुक्त सचिव श्री मधु रंजन कुमार, उद्योग सचिव श्री सुनील कुमार वर्णवाल, आईआईटी खड़गपुर के पूर्व निदेशक प्रोफेसर अमिताभ घोष, निफ्ट के चेयरमैन प्रोफ़ेसर पी पी चट्टोपाध्याय, एचईसी के चेयरमैन श्री अभिजीत घोष,  रांची विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रमेश कुमार पांडे, आई ई आई के चेयरमैन श्री संजय सिंह तथा डॉ विजय टोप्पो, संस्थान के प्रोफेसर, कार्यशाला में भाग लेने आए अतिथि तथा बड़ी संख्या में छात्र एवं छात्रा उपस्थित थे।

झारखण्ड सरकार ने केंद्र को 10 नई सिंचाई परियोजनाओं का प्रस्ताव भेजा

झारखण्ड में नई सिंचाई योजनाओं पर शीघ्र कार्य आरम्भ होगा। मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास की पहल पर जल संसाधन सचिव श्री के के सोन ने केन्द्र सरकार को 10 नई वृहद एवं मध्यम सिंचाई परियोजनाओं के कार्यान्वयन में केन्द्रीय सहायता के लिए प्रस्ताव भेजा है।

18 दिसम्बर 2017 को मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने नई दिल्ली में केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री श्री नितिन गड़करी से मुलाकात कर झारखण्ड की सिंचाई परियोजनाओं के विकास एवं कार्यान्वयन पर केन्द्रीय सहायता की मांग की थी जिसको लेकर केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने झारखण्ड सरकार से प्रस्ताव मांगा था । राज्य सरकार द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में 10 नई सिंचाई परियोजनाओं देवघर जिला में बुढ़ई जलाशय योजना, गढ़वा जिला में सोन एवं कनहर पाईपलाईन योजना,सरायकेला में दुगनी बैराज योजना, कोडरमा की तिलैया सिंचाई योजना, गढ़वा के डोमनी नाला बैरेज एवं कनहर बैराज, पलामू जिला के सोन पाईपलाईन योजना, गोड्डा जिला में तरडीहा बैराज योजना एवं सैदपुर बांध तथा रांची जिला की राढू जलाशय योजना सम्मिलित हैं ।

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने जोर दिया है कि राज्य की वर्तमान सिंचाई परियोजनाओं के कार्यान्वयन तथा नई सिंचाई परियोजनाओं के द्वारा कृषि भूमि की सिंचाई को अहम प्राथमिकता दी जाएगी। पिछले तीन वर्षों में 950 करोड़ की लागत से 1307 चेक डैम, 36 बांध एवं 34 उद्वह सिंचाई योजनाओं के निर्माण कार्य को स्वीकृति दी गई है । जिनमें से 602 चेक डैम का कार्य पूरा कर लिया गया है ।

गांवों के सम्पूर्ण विकास के तहत डोभा का निर्माण तथा आहार एवं तलाबों का निर्माण एवं जीर्णोद्धार के पीछे भी जल संचय एवं सिंचाई सुविधा के विस्तार का उद्देश्य निहित है । मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 नई सिंचाई परियोजनाओं पर केन्द्र की सहायता संबंधी स्वीकृति प्राप्त होते ही कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि गांवों को आर्थिक मजबूती देने के लिए तथा कृषि के समग्र विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध प्रयास कर रही है।

जनता के सुझावों के अनुरूप बनेगा बजट

 

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने झारखंड मंत्रालय में वर्ष 2018-19 के बजट की तैयारी को लेकर बैठक कीI उन्होंने कहा कि बजट के क्रियान्वयन में तेजी और योजनाओं का पूरा लाभ तभी सम्भव है, जब जनता की भागीदारी ज्यादा से ज्यादा हो। जनता के सुझावों के अनुरूप बजट बनाया जा रहा है, तो इसे लागू भी जनता के सहयोग से करें। इससे राज्य के विकास में तेजी आएगी और जन आकांक्षाओं को पूरा करने का हमारा लक्ष्य हासिल हो सकेगा।

मुख्यमंत्री श्री दास ने कहा कि हमारे यहां सामुहिकता की परंपरा रही है। इसी का लाभ उठाकर हम गांव का तेजी से विकास कर सकते हैं। गांवों में मांग के अनुरूप छोटे-छोटे पुलिया बनायें। हम सड़कों का जाल गांव के अंदर तक पहुंचा रहे हैं,ताकि ग्रामीण अपने उत्पादन को बाजार तक आसानी से लाकर बेच सके। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य को ध्यान में रखकर योजनाएं चुनें। राज्य के अति पिछड़े छह जिलों पर विशेष फोकस करें। सभी विभाग उन जिलों में विशेष योजनाएं चलायें। इस बार के बजट में रोजगार व स्वरोजगार के अधिक से अधिक अवसर पैदा करना अनुसूचित जाति, जनजाति व कमजोर वर्गों के विकास, महिला सशक्तिकरण, पिछड़े जिलों-प्रखंडों का समेकित विकास पर जोर दिया जायेगा। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आधारभूत संरचना और हर घर तक बिजली पहुंचाने आदि पर भी फोकस रहेगा।

बैठक में विकास आयुक्त श्री अमित खरे ने बताया कि सभी प्रमंडलों में बजट पूर्व संगोष्ठी राज्य स्तरीय 20 सूत्री की बैठक ऑनलाइन व ऑफलाइन प्राप्त कुल 970 सुझावों को संबंधित विभागों को भेजा गया है। इनमें से 38 का चयन बजट में शामिल करने के लिए किया गया है। योजनाओं में गतिशीलता लाने के उद्देश्य से छोटी-छोटी योजनाओं को अम्ब्रेला स्कीम में समाहित किया गया है।

बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती राजबाला वर्मा, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री सुधीर त्रिपाठी, श्रम विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री डी0के0 तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री संजय कुमार, विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव एवं वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

झारखण्ड का विकास देश के लिए एक मॉडल बने

 

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने रांची के प्रोजेक्ट भवन में नाबार्ड द्वारा वर्ष 2018-19 के लिए स्टेट क्रेडिट सेमिनार में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री श्री दास ने नाबार्ड के कार्यों की सराहना करते कहा कि नाबार्ड और झारखण्ड सरकार राज्य में ग्रामीण विकास के लिए लगातार कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने तथा योजनाओं का लाभ समाज के आखिरी व्यक्ति  तक पहुंचाने में नाबार्ड महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है।

आज हमारे प्रधानमंत्री न्यू इंडिया की बात करते है, न्यू इंडिया का सपना तभी पूरा होगा जब न्यू झारखण्ड बनेगा। उसके लिए हमें ग्रामीण विकास पर जोर देना होगा। असली भारत और असली झारखण्ड गांवों में है। नाबार्ड किसानों और गरीबों के लिए जो काम कर रहा है वो एक मॉडल है, उसके लिए आपको बधाई।’

मुख्यमंत्री श्री दास ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए नाबार्ड और बैंकों से अपील की कि बैंक गरीबों और महिलाओं को ऋण खुले मन से दें। हमारे गरीब भाई बहन अपना कर्ज वापस जरूर करते हैं क्योंकि उनका मन साफ रहता है। वित्तीय संस्थान अपना दिल बड़ा करें क्योंकि गांव की जनता बहुत ईमानदार है।

हमें ऊंची छलांग लगानी है, उसके लिए अपनी सोच को भी बड़ा करना पड़ेगा। किसी राज्य में इतने संसाधन नहीं है जितने झारखण्ड में हैं, लेकिन यहां के लोग गरीब हैं। इन गरीबों की जिंदगी में बदलाव लाना है। मैं चाहता हूं कि झारखण्ड का विकास देश के लिए एक मॉडल बने। ’

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि आगामी बजट जनता का बजट होगा जिसमें गांवों की बेहतरी पर जोर होगा। श्री दास ने कहा कि सरकार ऐसा बजट बनाएगी जिसका लाभ हर किसी को मिले।

देश के 30 पिछड़े ज़िलों में 6 झारखंड में हैं। इन जिलों को पिछले 70 सालों में नजरअंदाज किया गया जिसकी वजह से इन इलाकों का विकास नहीं हो पाया। अगर इन जिलों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में भी ये जिले पिछड़े ही रहेंगे। आगामी बजट में हमारी सरकार इन 6 जिलों पर खास जोर देने जा रही है। नाबार्ड और बैंक भी इन जिलों में खास ध्यान दे। स्वयं सहायता समूह को मिलने वाले ऋण में बढ़ोत्तरी करें। 

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि, हमारी सरकार गांव की जनता पर विश्वास करती है। हम छोटी-छोटी योजनाओं को सीधा गांवों तक लेकर जा रहे हैं। हम ऐसी प्रक्रिया अपनाने जा रहे हैं जिससे लाभुक के खाते में पूरा पैसा जाए।

रांची के प्रोजेक्ट बिल्डिंग में बैठ कर हम कोई योजना अपने गांवों पर नहीं थोपेंगे। विकास कार्यों का पूरा हक गांव वालों को होगा। हम गांव, गरीब किसान और महिलाओं की क्रय शक्ति को बढ़ाना चाहते हैं। हम पूरे राज्य में हस्तकला का पंजीकरण करने जा रहे हैं। प्रखड स्तर पर हम मॉर्डन हाट लगायेंगे। हमारा फोकस गरीब किसान और महिलाएं हैं  । ’

मुख्यमंत्री श्री दास ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के सपने को पूरा करने के लिए डिजिटल झारखंड पर जोर देने की अपील की। श्री दास ने कहा कि हमें आम गांवों को डिजिटल गांव में बदलना है।

मुख्यमंत्री ने नाबार्ड और बैंकों से अपील की कि वो हर साल गांवों को डिजिटल बनाने के लिए एक लक्ष्य निर्धारित करें। श्री दास ने अधिकारियों से कहा कि देश और राज्य के प्रति जुनून पैदा करें, बिन इस जुनून के देश में बदलाव नहीं आएगा।