Our Chief Minister

सरकारी विभागों में इलेक्ट्रिक कार के उपयोग को बढ़ावा दें- रघुवर दास

 

माननीय मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने बुधवार को कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग से न केवल पर्यावरण की सुरक्षा होगी, बल्कि मुद्रा की भी बचत होगी। पेट्रोलियम पदार्थों पर निर्भरता कम होने से सभी को लाभ होगा। झारखण्ड देश में पांचवां राज्य बन गया, जहां सरकारी वाहन के रूप में इलेक्ट्रिक कारों को शामिल किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने ये बातें झारखण्ड मंत्रालय में ऊर्जा विभाग द्वारा इलेक्ट्रिक कारों के उपयोग के शुभारंभ कार्यक्रम में कही। पहले चरण में ऊर्जा विभाग को ईईएसएल से 20 कारें मिली है। अगले दो सप्ताह में 30 कारें और मिलेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के अन्य सरकारी विभाग भी इस मॉडल को अपनायें। आम लोग भी इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करें। इससे हमारा झारखण्ड स्वच्छ और हरित प्रदेश बना रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नीति आयोग से इस संबंध में पॉलिसी बनाने का निर्देश दिया है। इससे ई-मोबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा।

कार्यक्रम में ऊर्जा विभाग के सचिव श्री नितिन मदन कुलकर्णी ने कहा कि रांची में अब तक 12 चार्जिंग स्टेशन बनाये जा चुके हैं। आने वाले समय में और चार्जिंग स्टेशन बनाएं जाएंगे। इस दौरान जेबीवीएनएल के प्रबंध निदेशक श्री राहुल पुरवार, जेयूयूएनएल के प्रबंध निदेशक श्री कुलदीप चौधरी, ईईएसएल की निदेशक वित्त श्रीमती रेणू नारंग समेत अन्य लोग उपस्थित थे।

स्वच्छता ही सेवा अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें: मुख्यमंत्री

 

माननीय मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा स्वच्छ भारत अभियान को देशभर में सबसे ज्यादा सराहा गया है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्वच्छ भारत के सपने को पूरा करने के लिए झारखण्ड सरकार कृतसंकल्पित होकर काम कर रही है। काम अब अंतिम चरण में है। 15 सितंबर से पूरे देश में स्वच्छता ही सेवा अभियान की शुरुआत हो रही है। इस दौरान ‘न गंदगी करेंगे और न करने देंगे’ का संकल्प सभी लेंगे। दो अक्टूबर महात्मा गांधी की जंयती तक चलने वाले इस अभियान को जन आंदोलन बनाना है। मुख्यमंत्री ने उक्त निर्देश झारखण्ड के सभी उपायुक्तों को वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में दिया। इसमें मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी, आम लोग, व्यापारिक संगठन, सामाजिक संगठन के प्रतिनिधियों को भागीदारी करनी है। इसके तहत हर दिन एक घंटा सभी को साफ-सफाई के लिए श्रमदान करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी दौरान राज्य को पूरी तरह खुले में शौचमुक्त करने का लक्ष्य पूरा हो जाएगा। दो अक्टूबर को झारखण्ड खुले में शौचमुक्त हो जाएगा। जिन आठ जिलों में काम पीछे है, मुख्यमंत्री ने उन जिलों से उपायुक्तों से बातकर 30 सिंतबर तक लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण में भी झारखण्ड अव्वल आये, इसके लिए अलग से कार्य योजना बनायी जाएगी। राज्य में शत प्रतिशत शौचालय बन रहे हैं। उनका उपयोग हो, इसके लिए जन जागरण अभियान चलाया जाएगा।

17 से 25 सितंबर तक सेवा दिवस

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी क्रम में 17 से 25 सितंबर तक सेवा दिवस मनाया जाएगा। इसके तहत शहरी स्लम में हेल्थ चेकअप कैंप लगाये जाएंगे। सभी उपायुक्त जिले के सिविल सर्जन के साथ बैठक कर एक कार्यक्रम बना लें। जहां कैंप लगना है, उस क्षेत्र को चिह्नित कर लें। इसमें भी जनप्रतिनिधियों के साथ सामाजिक-व्यापारिक संगठनों को जोड़ें। मेडिकल कैंप लगाकर गरीब, असहाय एवं सामान्य लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी। साथ ही, सभी क्षेत्रों में LED वाहनों एवं स्थायी स्क्रीनों पर प्रधानमंत्री के जीवन पर बनी प्रेरक लघु फिल्म ‘चलो जीते हैं’ भी प्रदर्शित की जाएगी।

इसके साथ ही 23 सिंतबर से आयुष्मान भारत की शुरुआत पूरे देश में झारखण्ड से हो रही है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी स्वयं झारखण्ड आ रहे हैं।  आयुष्मान भारत के तहत झारखण्ड राज्य के चिन्हित 57 लाख परिवारों को 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा किया जाएगा। आयुष्मान भारत सफलतापूर्वक झारखण्ड में लागू हो सके, इसके लिए सांसद, विधायक सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक संगठन से जुड़े लोग अपने-अपने क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। राज्य के सरकारी अस्पताल इसके लिए तैयारी पूरी कर लें। राज्य के 57 लाख परिवारों को उनका यह हक मिले, इसे सुनिश्चित किया जा रहा है। जब तक एक-एक परिवार को इसका लाभ नहीं मिलेगा, तब तक यह अभियान निरंतर चलता रहेगा। इसके साथ ही मजदूरों व सफाई कर्मचारियों का एक सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा। इसमें अच्छा काम करने वाले कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाएगा।

बैठक में मुख्य सचिव श्री सुधीर त्रिपाठी, स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती निधि खरे, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री सुनील कुमार वर्णवाल, जल संसाधन व स्वच्छता विभाग की सचिव श्रीमती अराधना पटनायक, शहरी विकास विभाग के सचिव श्री अजय कुमार समेत अन्य वरीय अधिकारी व वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी 24 जिलों के उपायुक्त उपस्थित थे।

11 सितंबर 2018: कैबिनेट की बैठक में लिए गए अहम फैसले

 

राजधानी रांची में स्थित बिरसा मुंडा जेल के जीर्णोद्धार एवं संरक्षण कार्य तथा बिरसा मुंडा संग्रहालय के रूप में विकसित करने के लिए 26,68,90,800 रुपए की लागत योजना पर प्रशासनिक स्वीकृति तथा बिरसा मुंडा जेल के संरक्षण कार्य से संबंधित प्रथम खंड की राशि 9,24,24,900 रुपए की योजना का कार्य वित्तीय नियमावली के नियम 245 के तहत नियम 235 को शिथिल करते हुए मनोनयन के आधार पर मेसर्स इंडियन ट्रस्ट फॉर रूरल हेरिटेज एंड डेवलपमेंट को आवंटित करने की मंजूरी दी गई।

 

राज्यकर्मियों को Blood Donation/Aphaeresis Donation के लिए प्रत्येक वर्ष अधिकतम 4 बार रक्तदान के लिए कुल 4 दिन विशेष आकस्मिक अवकाश स्वीकृत किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

 

वन,पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधीन वर्दीधारी क्षेत्रीय कर्मचारियों वनरक्षी/वनपाल के वर्दी भत्ता के पुनरीक्षण के संबंध में स्वीकृति दी गई।

 

अंगीकृत बिहार विद्युत शुल्क नियमावली, 1949 के नियम 11 में संशोधन पर स्वीकृति दी गई।

मुख्यमंत्री ने चीन में फूड प्रोसेसिंग यूनि‍ट का किया भ्रमण

 

माननीय मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने गुरुवार को शिष्टमंडल के साथ झेंगझोऊ शहर (Zhengzhou) सिटी स्थित शेनचुवान (Sanquan) कंपनी के फूड प्रोसेसिंग यूनिट का भ्रमण किया। कंपनी के चेयरमैन श्री शेन जेमिन (Chen Zemin) ने मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास और शिष्टमंडल का स्वागत किया। लगभग एक घंटे तक अपने प्लांट के विभिन्न सुविधाओं फूड प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और क्वालिटी टेस्टिंग आदि कैसे की जाती है, इसकी जानकारी दी। नेशनल स्टैंडर्ड क्वालिटी को बरकरार रखते हुए सब्जियां सहित कई अन्य उत्पादों की प्रोसेसिंग और पैकेजिंग करके एक्सपोर्ट किये जाने के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस प्लांट में लगभग 8 हजार लोग काम करते हैं। इस कंपनी के पूरे चीन में 7 प्लांट हैं और लगभग 10 हजार लोग इस कपनी में काम करते हैं। इस कंपनी का टर्नओवर करीब 10 बिलियन यूआन यानी लगभग 10 हजार करोड़ रुपए के बराबर है।

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कंपनी के चेयरमैन को झारखण्ड में सब्जियों के उत्पादन और फूड प्रोसेसिंग की संभावनाओं के बारे में अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने झारखण्ड की फूड प्रोसेसिंग नीति तथा उद्योगों के लिए जो सुविधाएं झारखण्ड सरकार दे रही है, उसकी जानकारी दी। इसके अलावा उन्हें झारखण्ड आकर इस संभावनाओं को समझने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने 29-30 नवंबर को आयोजित होने वाले ग्लोबल एग्रीकल्चर एंड फूड समिट के लिए उन्हें और उनके डेलि‍गेट्स को आमंत्रित किया। इस दौरान ये भी आश्वस्त किया है कि झारखण्ड में उन्हें व्यापार के अवसरों से अवगत कराते हुए उन्हें सारी सुविधाएं दी जाएंगी। जो झारखण्ड की स्थानीय कंपनियां हैं उनके साथ बैठक करायी जाएगी, ताकि सिर्फ निवेश ही नहीं, बल्कि तकनीक ट्रांसफर से लेकर तकनीक सहयोग तक हो सके। झारखण्ड में इस क्षेत्र में अधिक से अधिक निवेश आ सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में झारखण्ड भारत का सबसे बड़ा फूड प्रोसेसिंग हब बनेगा।

श्री शेन जेमिन ने ये आश्वस्त किया है कि वो भारतीय बाजार का और झारखण्ड में फूड प्रोसेसिंग की जो संभावनाएं हैं उसका अध्ययन करेंगे और अवश्य ही आगे की कार्रवाई करेंगे। श्री शेन जेमिन ने कहा कि झारखण्ड में बड़े पैमाने पर सब्जी उत्पादित की जाती है। उसका किस तरह प्रोसेसिंग हो सकता है, इस पर भी वह अवश्य पहल करेंगे।

बता दें, वार्ता सकारात्मक वातावरण में हुई और इसमें ऐसी संभावना बनी है कि झारखण्ड में भी फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को बढ़ावा मिल सके। झारखण्ड की स्थानीय कंपनियों को बेहतर तकनीक का लाभ मिल सके। चीन के दौरे में मुख्यमंत्री का जोर रहा है कि चीन की वैसी कंपनी जो अधिक से अधिक एक्सपोर्ट करती हैं तथा जो फ़ूड प्रोडक्ट की प्रोसेसिंग करते हैं, उनका निवेश झारखण्ड में अधिक से अधिक किस प्रकार से हो।

मुख्यमंत्री और चीन के हेनान प्रांत के कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के सचिव श्री वॉन के बीच हुई द्विपक्षीय मुद्दों पर वार्ता

 

भारत की धरती पर चीन के हेनान प्रांत से आने वाले ह्वेनसांग और फाहियान भारत के इतिहास के अमिट हस्ताक्षर हैं। झारखण्ड के इटखोरी से ही भगवान बुद्ध की आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत हुई थी। हेनान प्रांत से हमारे अतीत के बेहतर रिश्तों की तरह भविष्य में भी बहुत बेहतर संबंध की अपेक्षा है। माननीय मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने बुधवार देर शाम चीन के हेनान प्रांत के कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चीन के पार्टी सेक्रेटरी श्री वॉन (Wang Guosheng) के साथ हुई द्विपक्षीय वार्ता के क्रम में यह बात कही।

मुख्यमंत्री ने झारखण्ड राज्य में 29-30 नवंबर 2018 को आयोजित होने वाले ग्लोबल एग्रीकल्चर एंड फूड समिट 2018 के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इसमें विश्व के कई देशों के एग्रीकल्चर और फूड प्रोसेसिंग से संबंधित कंपनियां भाग लेंगी। हेनान प्रांत में फूड प्रोसेसिंग की लगभग 30 हजार से अधिक कंपनियां काम कर रही हैं, झारखण्ड में इनके निवेश की बहुत बड़ी संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने श्री वॉन सहित हेनान प्रांत के प्रतिनिधिमंडल को ग्लोबल एग्रीकल्चर फूड समिट में भाग लेने के लिए आमंत्रण दिया।

बैठक में श्री वॉन ने मुख्यमंत्री रघुवर दास का स्वागत किया। भारत और चीन के बढ़ते संबंध पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि इस साल भारत के प्रधानमंत्री और चीन के राष्ट्रपति के बीच तीन बार मुलाकात हो चुकी है और ये भारत-चीन के कूटनीतिक संबंधों को एक नया आयाम दे रहा है। इसी के संदर्भ में झारखण्ड के मुख्यमंत्री की अगुवाई में एक शिष्टमंडल हेनान प्रांत आया है, इससे दोनों राज्यों के संबंधों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि हेनान चीन की सबसे घनी आबादी वाला राज्य है, जिसकी आबादी 10 करोड़ है। हेनान एक अच्छा ट्रांस्पोर्टेशन हब है, जहां पर हाई स्पीड रेल नेटवर्क है। साथ ही वाटर-वेज के यहां कई अच्छे पोर्ट्स बने हुए हैं। हेनान नदी, पहाड़, मैदानी क्षेत्र है, इसके अलावा मिनरल के मामले में भी हेनान काफी संपन्न प्रांत है। हेनान का एक समृद्ध विरासत (हेरिटेज) रहा है,  ये पूर्व में चीन की राजधानी भी रह चुकी है। चीन के इतिहास में हेनान का अलग महत्व है। वाणिज्यिक दृष्टि से हेनान चीन का 5वां सबसे बड़ा प्रांत है।

उन्होंने कहा कि हेनान ने कृषि में काफी सराहनीय कार्य किया है। चीन की एक तिहाई कृषि हेनान में होती है। यहां करीब 30 हजार फूड प्रोसेसिंग की कंपनियां हैं। फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री का टर्नओवर करीब 10 ट्रिलियन है। करीब 3 मिलियन सेलफोन का प्रोडक्शन हेनान में होता है, जो कि चीन के सेलफोन प्रोडक्शन का 1/7 है। हेनान के साथ झारखण्ड के अच्छे संबंध स्थापित हो सकते हैं। भारत में इंडस्ट्री के दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है, इसके साथ ये कृषि प्रधान राज्य भी है। श्री वॉन ने झारखण्ड के विकास दर इज ऑफ डूइंग बिजनेस की प्रशंसा करते हुए कहा यह संभावनाओं से भरा हुआ राज्य है।

वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने श्री वॉन से झारखण्ड के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि झारखण्ड भगवान बुद्ध का बहुत बड़ा केंद्र बन सकता है। ईटखोरी में भगवान बुद्ध की आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत हुई थी। बुद्धिज्म के दृष्टिकोण से हेनान प्रांत का झारखण्ड से काफी गहरा नाता स्थापित हो सकता है।

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास के नेतृत्व में गए शिष्टमंडल में ग्रामीण विकास मंत्री श्री नीलकंठ सिंह मुंडा, नगर विकास मंत्री श्री सीपी सिंह, भू- राजस्व मंत्री श्री अमर कुमार बाउरी, विकास आयुक्त श्री डीके तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री सुनील वर्णवाल एवं मुख्यमंत्री के वरीय आप्त सचिव श्री अंजन सरकार सम्मिलित हैं।

मुख्यमंत्री और चीन के अतंरराष्ट्रीय विभाग के मंत्री श्री सोंघ थाओ के बीच द्विपक्षीय मुद्दों पर हुई वार्ता

 

माननीय मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास के नेतृत्व में चीन दौरा पर गए प्रतिनिधिमंडल की मंगलवार को श्री सोंध थाओ, मिनिस्टर ऑफ इंटरनेशनल डिपार्टमेंट ऑफ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के साथ वार्ता हुई। इस दौरान श्री सोंध थाओ ने यह माना कि दोनों देश भारत और चाइना की आबादी मिला कर 2.56 बिलियन हो जाती है जो लगभग पूरे विश्व की आबादी की एक तिहाई है। वर्तमान में ये पूरे विश्व की जीडीपी का 21 प्रतिशत की हिस्सेदारी करते हैं। जीडीपी रेट और मजबूत हो सकती है यदि दोनों देश एक साथ मिलकर कार्य करें। वर्ल्ड ट्रेड में भी इन दोनों देशों की बहुत बड़ी भागीदारी हो सकती है। दोनों देशों का एक नेचुरल रिलेशनशिप है। ये दोनों एक नेचुरल फ्रेंड हैं और दोनों एक-दूसरे की आवश्यकताओं का सम्मान करते हैं। साथ ही पूरे विश्व की सामाजिक और आर्थिक प्रगति में दोनों देश एक साथ काम कर सकेंगे और एक साथ दोनों की इकोनॉमी भी आगे बढ़ पाएगी।

श्री सोंध थाओ ने कहा कि झारखण्ड में जो निवेश का वातावरण है, झारखण्ड का जो ग्रोथ रेट है, ईज ऑफ डुइंग बिजनेस है, जो बिजनेस एन्वायरमेंट है वह प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि यद्यपि झारखण्ड एक नया राज्य है, लेकिन ये 8.2 प्रतिशत के ग्रोथ रेट से बढ़ रहा है जोकि हाइली एप्रेसिएबल है। उन्होंने ये भी कहा कि झारखण्ड में निवेश की काफी संभावनाएं हैं।

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने झारखण्ड राज्य में 29-30 नवंबर 2018 को आयोजित होने वाले ग्लोबल एग्रीकल्चर एंड फूड समिट 2018 के बारे जानकारी देते हुए कहा कि इसमें विश्व के कई देशों के एग्रीकल्चर एंड फूड प्रोसेसिंग से संबधित कई कंपनिया भाग लेंगी। मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने श्री सोंध थाओ को भी चाइनीज कंपनियों को इसमें भाग लेने के लिए आमंत्र‍ित किया।

श्री सोंध थाओ के साथ हुई यह वार्ता बहुत ही सकारात्मक रही। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के अंतिम चीन दौरे के बाद भारत-चीन के द्विपक्षीय संबंध में बेहतरी आई है। उस दौरे के बाद से देश के किसी राज्य के पहले मुख्यमंत्री के तौर पर चीन में ये दौरा हुआ है और इसे बहुत ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत-चीन संबंध और चीन का भारत के विभिन्न राज्यों के साथ जिस प्रकार से निवेश का एवं बेहतर संबंध की कोशिश हो रही है, उस दृष्टि से यह दौरा बहुत महत्वपूर्ण है।

25 सितंबर, 2018 को झारखण्ड में आयुष्मान भारत की होगी शुरुआत, 57 लाख परिवारों के लिए 5 लाख तक की निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं

 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त, 2018 को लाल किले से अपने सम्बोधन में कहा था कि आयुष्मान भारत के तहत 5 लाख रुपये तक की निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा की औपचारिक शुरुआत 25 सितम्बर 2018 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर की जाएगी। इसके आलोक में मंगलवार को झारखण्ड मंत्रालय में मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई, जिसमें यह निर्णय लिया गया कि झारखण्ड में इस योजना को गुजरात, पश्चिम बंगाल तथा छत्तीसगढ़ के मॉडल के अनुरूप हाईब्रिड मॉडल में लागू किया जाएगा। इसके तहत एक लाख तक के स्वास्थ्य सुविधा बीमा कम्पनी के माध्यम से तथा एक लाख से उपर अतिरिक्त 4 लाख रुपये की स्वास्थ्य सुविधा सोसायटी (ट्रस्ट) के माध्यम से किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को स्वास्थ्य सुविधा का लाभ प्राप्त होने में किसी प्रकार की परेशानी ना आए।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को इस आलोक में समीक्षा कर विस्तृत प्रस्ताव मंत्रिपरिषद के समक्ष उपस्थापित करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि अविलम्ब एक अस्पताल में प्रयोग के तौर पर पायलट परियोजना के रूप में इसकी शुरुआत करें, ताकि 25 सितम्बर को बिना किसी अवरोध के पूरे राज्य में लागू किया जा सके। बैठक में मुख्य सचिव श्री सुधीर त्रिपाठी, प्रधान सचिव स्वास्थ्य श्रीमती निधि खरे, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. सुनील कुमार वर्णवाल, श्री दिव्यांशु झा कार्यकारी निदेशक उपस्थित थे।

झारखण्ड मंत्रिपरिषद ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के निधन पर पारित किया शोक प्रस्ताव

 

पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न, श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर झारखण्ड सहित समस्त देशवासी अपार कष्ट का अनुभव कर रहे हैं। झारखण्ड राज्य के जनक श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर झारखण्ड की सवा तीन करोड़ जनता की ओर से राज्य मंत्रिपरिषद गहरा शोक प्रकट करती है।

25 दिसम्बर, 1924 को ग्वालियर मध्यप्रदेश में अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म हुआ था। इनकी माता श्रीमती कृष्णा देवी और पिता श्री कृष्ण बिहारी वाजपेयी थे। ग्वालियर और कानपुर में शिक्षा के बाद कुछ समय तक पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़े रहे तथा राष्ट्रधर्म, पांचजन्य, वीर अर्जुन के संपादकीय दायित्वों का भी निर्वहन किया। आर्यसमाज और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सम्पर्क से राष्ट्रवादी चिन्तन को अपना कर राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। वो राष्ट्रीय आन्दोलन में अपने चिन्तन और साहित्य के माध्यम से और सक्रिय सेनानी की तरह जुड़े। भारत के विभाजन से अपार कष्ट में उनकी रचना ‘अजादी अभी अधूरी है’ देशभर में लोकप्रिय हुई।

स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी दस बार लोकसभा तथा दो बार राज्य सभा के लिए निर्वाचित हुए। आपातकाल के पुरजोर विरोध में वो देश के लोकप्रिय नेता बन कर उभरे। स्वर्गीय वाजपेयी का सम्मान सभी राजनीतिक दलों सभी सामाजिक संगठनों में था। मन,वचन और कर्म से वह देश के आजातशत्रु के रूप में विख्यात हुए। भय, भूख, निरक्षरता और अभाव से मुक्त भारत की परिकल्पना उन्होंने की थी, जो उनके राजनीतिक जीवन और साहित्यिक चेतना में दिखाई देता है। नेता विरोधी दल के रूप में उन्होंने भारत का नेतृत्व कर विश्व पटल पर भारत का पक्ष रखा। विदेश मंत्री तथा कालांतर में भारत के प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने विश्व के सामने विश्वबंधुत्व परस्पर समानता और विश्व शांति का पक्ष रखा।

सफल परमाणु परीक्षणों तथा कारगिल युद्ध के समय प्रदर्शित उनकी दृढ़ संकल्प शक्ति ने पूरी दुनिया में भारत को अग्रीणी राष्ट्रों की पंक्ति में शामिल किया। वो भारत के पड़ोसी देशों के साथ मधुर और शान्तिपूर्ण संबंधों को बनाए रखने के प्रयासों में निरंतर लगे रहे तथा सदैव भार के हितों को सर्वोपरि रखा। इस दिशा में लाहौर बस यात्रा और आगरा शिखर सम्मेलन प्रमुख मील के पत्थर हैं।

प्रधानमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल तेजी से प्रगति और विकास के नए-नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए सदैव याद किया जाएगा। स्वर्णिम चतुर्भुज राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, टेलीकॉम सम्पर्कता, आईटी तथा ऊर्जा सेक्टर में योजनाओं का सफल प्रारम्भ उनकी कुछ उल्लेखनीय पहलें थीं।

संसदीय परम्पराओं का जीवन भर पालन कर उन्होंने भारत के संसदीय लोकतंत्र को नए आयामों के साथ समृद्ध किया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने उनमें भारत का भविष्य देखा था। पंडित जवाहर लाल नेहरू ने भी उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए यह कहा था कि एक दिन वे भारत का नेतृत्व करेंगे। डॉ. राम मनोहर लोहिया उनके हिन्दी प्रेम के प्रशंसक थे। पूर्व प्रधानमंत्री श्री चन्द्रशेखर उन्हें संसद में ‘गुरूदेव’ कहकर संबोधित करते थे। उन्हें सर्वश्रेष्ठ सांसद के पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।

झारखण्ड उनका सदैव ऋणी रहेगा। 15 नवम्बर, 2000 में झारखण्ड राज्य का गठन उन्हीं की देन थी। झारखण्ड राज्य के सृजनकर्ता स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी का झारखण्ड से काफी पुराना एवं गहरा रिश्ता रहा है। कई महत्वपूर्ण मौकों पर वो झारखण्ड आए और यहां के लोगों के बीच अपनी अमिट छाप छोड़ी है। जनजातीय समाज को लेकर अटल जी हमेशा संवेदनशील रहे और उनके प्रधानमंत्री काल में ही भारत सरकार में एक पृथक जनजातीय मंत्रालय का गठन किया गया था। संविधान के 8वीं अनुसूची में संथाल भाषा को सम्मिलित करने का श्रेय भी श्रद्धेय वाजपेयी जी को जाता है, जिसके लिए समस्त झारखण्डवासी उनके ऋणी हैं।

उनके निधन से न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया से एक दूरदर्शी, परिपक्व, संवेदनशील, विशाल हृदयी और दृढ़ संकल्प वाला नेता चला गया। उनके दिखाए रास्ते पर चलकर भारत को एक महान राष्ट्र बनाने के उनके संकल्प को पूरा करने में हम सहभागी बनेंगे। झारखण्ड मंत्रिमंडल स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के दुःखद निधन पर गहरा शोक प्रकट करता है तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी तथा सम्पूर्ण झारखण्ड राज्य की ओर से हार्दिक संवेदनाएं अभिव्यक्त करता है।

मानव तस्करी से बचाई गई बच्चियों को स्वरोजगार से जोड़ें- रघुवर दास

 

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने मंगलवार को झारखण्ड मंत्रालय में प्रेझा फाउंडेशन के अंतर्गत योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि ट्रैफिकिंग से बचाई गई बच्चियों को प्रशिक्षित कर स्वरोजगार से जोड़ें, ताकि उन्हें रोजगार के लिए कहीं भटकना न पड़े। राज्य के पिछड़े जिलों में प्रशिक्षण पर विशेष फोकस करें, वहां की महिलाओं व युवाओं को प्रशिक्षण दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षित युवाओं को विदेश में प्लेसमेंट के लिए सरकार द्वारा नामित संस्था के माध्यम से ही भेजा जाये, इससे वे ठगी का शिकार होने से बचेंगे।

बैठक में कल्याण सचिव श्रीमती हिमानी पांडेय ने बताया कि अभी राज्य में 21 कल्याण गुरुकुल संचालित हो रहे हैं। इनमें 12 अनुसूचित जिलों में और नौ दूसरे जिलों में हैं। इसके साथ ही 10 और गुरुकुल खोले जाने हैं। इनमें अब तक 1913 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 1166 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है, इनमें 964 युवाओं का प्लेसमेंट हो चुका है। अभी कल्याण गुरुकुल की सालाना क्षमता 7500-10000 छात्रों की है। राज्य में अभी चान्हो में नर्सिंग कॉलेज कार्यरत है। नौ और कौशल कॉलेज इसी वर्ष शुरू किये जा रहे हैं।

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्री रामचंद्र चंद्रवंशी, मुख्य सचिव श्री सुधीर त्रिपाठी, विकास आयुक्त डॉ डी.के. तिवारी, नगर विकास सचिव श्री अजय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री सुनील कुमार वर्णवाल, कल्याण सचिव श्रीमती हिमानी पांडेय समेत स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारी उपस्थित थे।