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स्वरोजगार के लिए नहीं होगी फंड की कमी, अधि‍कारी कैंप लगाकर दें ऋण: रघुवर दास

 

माननीय मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने शुक्रवार को कहा कि झारखण्ड में रोजगार के सृजन और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। सरकार की ये भी कोशिश है कि अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग के युवाओं के लिए ऐसी व्यवस्था हो कि वो आसानी से अपने सपने को पूरा कर सकें। उनके सामने संभावनाओं, संसाधनों और वित्तीय कमी जैसी परेशानियां ना हो। मुख्यमंत्री ने ये बातें झारखण्ड मंत्रालय में अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को अपना व्यापार शुरू करने के लिए ऋण लेने में दिक्कत आ रही है, जबकि सरकार ने इसके लिए विभिन्न वर्गों के लिए वित्त निगम का गठन किया है। इन निगमों के गठन का मकसद है कि युवाओं को स्वरोजगार के लिए आसानी से ऋण मुहैया कराया जा सके, लेकिन इसकी जानकारी सभी को नहीं है। इस संबंध में जागरूकता फैलाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कल्याण विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि स्वरोजगार के लिए ऋण का आवेदन करने वाले युवाओं को कैंप लगाकर ऋण का वितरण करें। इसका फायदा ये होगा कि इससे इस योजना का प्रचार प्रसार हो सकेगा और उनमें स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया जा सकेगा।

“सरकार का लक्ष्य है कि हर वर्ग के लोगों का जीवन स्तर ऊंचा उठे। युवा अपना व्यापार करना चाहते हैं। लेकिन वित्तीय सहायता नहीं मिलने के कारण सफल नहीं हो पाते हैं। वित्तीय मदद मिलने से उन्हें व्यापार शुरू करने में आसानी होगी। साथ ही वे कई लोगों को रोजगार भी दे सकेंगे।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के युवाओं को बैंक से लोन लेने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। कई बार उन्हें बेवजह भी परेशान किया जाता है। ऐसे युवाओं के लिए सरकार ही सहारा है। इसी को देखते हुए वित्त निगम का गठन किया गया था। लेकिन जानकारी ना होने की वजह से जरुरतमंद इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं। जरूरत होगी, तो सरकार इन निगमों को और फंड आवंटित करेगी।

“पूंजी के अभाव में कोई युवा बेरोजगार न रहे, यह हमारा प्रयास है। गरीब-आदिवासी लोन चुकाते हैं। उनके लिए स्वाभिमान से बड़ा कुछ नहीं है, इसलिए पैसे वापसी की चिंता नहीं करें।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में इनके नाम पर केवल राजनीति होती रही है, लेकिन इनकी सुध किसी ने नहीं ली। सरकार इन युवाओं के अपने पैर पर खड़े होने में मदद करेगी। बैठक में मुख्य सचिव श्री सुधीर त्रिपाठी, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री सुनील कुमार वर्णवाल और कल्याण सचिव श्रीमती हिमानी पांडेय उपस्थित थीं।

सभी बेघर टाना भगतों को तीन-तीन कमरे का घर बनाकर देगी सरकार: सीएम

 

माननीय मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने गुरुवार को कहा कि टाना भगतों ने आजादी की लड़ाई में बढ़-चढ़ कर भाग लिया। उनके हित में काम कर सरकार कोई अहसान नहीं कर रही है, यह उनका हक है। सरकार उनकी ऋण को उतारने का काम कर रही है। टाना भगतों के विकास के लिए सरकार ने एक अलग प्राधिकार का गठन किया है। यह प्राधिकार उनकी समस्याओं के समाधान के लिए काम कर रहा है। मुख्यमंत्री ने ये बातें बनहोरा हेहल में टाना भगत अतिथि गृह के शिलान्यास के बाद लोगों को संबोधित करने के दौरान की।

“प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सभी बेघर टाना भगतों को सरकार तीन-तीन कमरे का घर बनाकर देगी। जमीन के निबंधन के दौरान जो जीएसटी की राशि लग रही है, उसे टाना भगत विकास प्राधिकार वहन करेगा। इसी प्रकार झारखण्ड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय के एक वर्षीय कोर्स में टाना भगत के बच्चों का दाखिला कराया जा रहा है। इसके नामांकन व अन्य मद में होने वाली खर्च को राज्य सरकार वहन करेगी। टाना भगतों की मांग पर छात्रावास भी खोला जाएगा।”  

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने टाना भगतों, आदिवासियों और गरीबों को छलने का काम किया है। स्वतंत्रता आंदोलन के लिए एक परिवार को ही श्रेय दिया जाता रहा है। यह हजारों गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों के साथ अन्याय है। हमारे गरीब पूवर्जों ने भी देश की आजादी के लिए खून बहाया है। आदिवासियों ने अंग्रेजों के खिलाफ उलगुलान किया। सभी के प्रयासों से ही आजादी मिली है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र के मंत्रियों को गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों के गांव में जाकर कार्यक्रम करने का निर्देश दिया था। इसी कड़ी में गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने भगवान बिरसा मुंडा के जन्म स्थल उलिहातू जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की थी।

 

“हमारी सरकार गरीब, आदिवासी, किसान के नाम पर राजनीति नहीं करती है। हम उनका हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। टाना भगतों के लिए हो रहे विकास कार्यों में किसी प्रकार की कोताही सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी।” 

कार्यक्रम में पूर्व विधायक श्री गंगा टाना भगत ने कहा कि वर्तमान सरकार ने जितना काम टाना भगतों के लिए किया, अब तक किसी सरकार ने नहीं किया। इस सरकार में ही टाना भगत विकास प्राधिकार का गठन किया गया है। अपने वादे के मुताबिक मुख्यमंत्री जी ने टाना भगतों के आराम के लिए अतिथि गृह के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। कार्यक्रम में सांसद श्री रामटहल चौधरी, हटिया विधायक श्री नवीन जायसवाल, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव श्री केके सोन, भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री सुनील कुमार समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

योग ने पूरी दुनिया को स्वस्थ रहने का संदेश दिया- रघुवर दास

 

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के  मौके पर रांची के प्रभात तारा मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के साथ योग किया। योगाभ्यास के बाद कार्यक्रम में आए लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि योग के माध्यम से पूरे विश्व को स्वस्थ रहने का संदेश भारत दे रहा है। पूरे झारखण्डवासियों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री  ने कहा कि हमें स्वस्थ झारखण्ड बनाना है।

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि मनुष्य केवल एक शरीर नहीं है, बल्कि यह मन और आत्मा का संसार है। योग केवल शरीर के साथ मन की शान्ति और आत्मा को पूर्ण विस्तार भी देता है। यह सुख और खुशी प्राप्त करने का भी सच्चा माध्यम है।

 

श्री रघुवर दास ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने योग को समस्त विश्व में आधिकारिक मान्यता दिलाई है, जिससे आज योग का सम्पूर्ण विश्व में विस्तार हो गया है।

इस मौके पर अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि योग सेहत के खजाने की गोल्डन चाभी है। हमारे प्रधानमंत्री की पहल पर आज हर भारतवासी गौरवान्वित है। उसकी सदियों पुरानी उपलब्धि को पूरा विश्व न केवल मान रहा है, बल्कि उसका अनुसरण कर रहा है।

 

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास की तारीफ करते हुए केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि वह स्वयं योग के पथ प्रदर्शक हैं और हम सभी के लिए प्रेरणा के स्रोत भी हैं।

इस अवसर पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्री रामचन्द्र चंद्रवंशी ने कहा कि योग के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के साथ जीवन में सदाचार को बढ़ावा मिल रहा है। ध्यान और समाधि के महत्व को दुनिया समझ रही है। स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती निधि खरे ने कहा कि सभी लोगों को प्रतिदिन के जीवन का अंग योग को बनाना चाहिए।

धुर्वा के प्रभात तारा मैदान में मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास के अलावा अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के साथ राज्य सरकार के नगर विकास मंत्री श्री सीपी सिंह, स्वास्थ्य मंत्री श्री रामचंद्र चंद्रवंशी, रांची के सांसद श्री राम टहल चौधरी, हटिया के विधायक श्री नवीन जयसवाल, कांके विधायक श्री जीतू चरण राम, अल्पसंख्यक कल्याण आयोग के अध्यक्ष कमाल खां, झारखंड राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष श्री संजय सेठ, रांची की मेयर श्रीमती आशा लकड़ा, राज्य के मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी, पुलिस महानिदेशक डी के पांडे, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव श्रीमती निधि खरे,राज्य सरकार के आला अधिकारियों एवं कर्मचारियों, पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों के जवान, सरकारी तथा निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों, विभिन्न संस्थाओं के स्वयंसेवकों, योग प्रशिक्षकों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने योगाभ्यास किया।

सरकार की नीयत और नीति साफ है, हम जनभागीदारी से विकास के हिमायती हैं: मुख्यमंत्री

 

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने बुधवार को कहा कि सरकार की नीयत और नीति साफ है। सरकार जनभागीदारी से विकास की हिमायती है। यही वजह है कि विकास मेला का आयोजन कर सरकार की योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाया जा रहा है। इसका दूसरा पहलू यह भी है कि जरूरतमंद लोग सरकार की योजनाओं से अवगत होकर उसका लाभ लें, क्योंकि सरकार का उद्देश्य ही है गरीबी उन्मूलन। सरकार आपकी है, आपके जीवन में बदलाव लाने हेतु सरकार धन की कमी नहीं होने देगी। विकास में आप अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने ये बातें जामताड़ा स्थित दुलाडीह मैदान में आयोजित विकास मेला सह प्रदर्शनी शिविर में कही।

आंधी और बारि‍श के बीच कार्यक्रम को संबोधि‍त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये आंधी विकास की आंधी है, जो पूरे राज्य में बह रही है। सरकार हर गांव, शहर और पूरे राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए कृतसंकलिप्त है। पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने हर क्षेत्र में विकास की एक नई परिभाषा को लिखा है। राज्य के लोग बहुत भोले हैं। यहां के लोगों को सिर्फ विकास से मतलब है जिसपर सरकार निरंतर कार्य कर रही है। पहली बार सरकार ने लोगों के दर्द को समझा है। सरकार सभी वर्गों के लोगों को ध्यान में रखकर योजना बना रही है ताकि सभी लोगों को सरकार की योजना का लाभ मिले। सभी का सर्वांगीण विकास हो सके। उन्होंने कहा कि साढ़े तीन साल में सरकार ने राम राज्य स्थापित करने का दावा नहीं किया है, लेकिन हर क्षेत्र में एक से बढ़कर एक कार्य किए हैं।

“पहले बिचौलियों की वजह से गरीब को लाभ नहीं मिला पाता था। सरकार ने बिचौलियों को खत्म करने का कार्य किया है। सरकार सीधे लाभुक के खाते में योजना की राशि भेज रही है। इससे बिचौलियों की रात की नींद उड़ गई है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की आधी आबादी का जब तक भला नहीं होगा तब तक राज्य का भला नहीं हो सकता। महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। कई योजनाओं के माध्यम से उन्हें सशक्त किया जा रहा है। सरकार स्वरोजगार से जोड़कर महिलाओं को सशक्त एवं स्वावलंबी बनाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हर जिला में पॉल्ट्री फेडरेशन सोसाइटी बनेगी। आने वाले समय में विकास की इस गति को और तेज़ करना है। माननीय प्रधानमंत्री जी के सपनों को हम सभी को मिलकर पूरा करना है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सम्मान देने का कार्य हमारी सरकार ने किया है आज उसकी चर्चा हर जगह हो रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना, शौचालय योजना या फिर उज्ज्वला योजना सभी योजनाएं महिलाओं को ध्यान में रखकर बनाई गई है।

“महिलाओं को अब लकड़ी चुनकर या धुआं के बीच खाना बनाने की जरूरत नहीं है। 15 हजार महिलाओं को रेडी टू ईट योजना से जोड़ा जाएगा। महिलाओं को 90% अनुदान पर 2 गाय उपलब्ध कराया जा रहा है, युवाओं को भी इस योजना के तहत 50% अनुदान पर गाय दी जा रही है। बकरी पालन और अंडा उत्पादन के लिए सरकार महिलाओं को 4 लाख रुपये प्रदान कर रही है। साथ ही उनके लिए बाजार भी उपलब्ध कराया जा रहा है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की महिलाओं को चूल्हे की धुआं से मुक्त करने के लिए वर्ष 2018 के अंत तक 34 लाख LPG सिलेंडर और साथ में चूल्हा का वितरण करने का लक्ष्य तय किया गया है। मुझे इस बात की खुशी है कि आज जामताड़ा की 30 हजार महिलाओं को इस योजना से आच्छादित किया गया। सरकार उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी गैस कनेक्शन दे रही है। झारखण्ड सरकार पहली ऐसी सरकार है जो एलपीजी गैस कनेक्शन के साथ चूल्हा मुफ्त लाभुकों को दे रही है।

“संथाल परगना के लोग सीधे और सरल हैं। संथाल के युवाओं से मैं यह अपील करता हूं कि संथाल परगना को बदलने में आप सहयोग करें। आप समय के साथ खुद को अपनी सोच में सकारात्मक बदलाव लाएं, नहीं तो हम पीछे रह जाएंगे। अगर समय के साथ परिवर्तनशील हुए तो आने वाले समय में संथाल परगना विकास के मानचित्र में स्वतः स्थापित हो जाएगा। सरकार आदिवासियों के हित में कार्य कर रही है।”

श्री रघुवर दास ने कहा कि आपने मुझ गरीब को अपना मुखिया भले चुना हो, लेकिन मैं आपके दर्द को महसूस करता हूं और समझता हूं। सरकार गरीबी उन्मूलन योजना बना रही है ताकि गरीब का भला हो सके। गरीब के विकास के लिए सरकार कुछ भी करेगी।

“सरकार दिसम्बर 2018 तक हर घर तक बिजली पहुंचायेगी। राज्य के 1500 किलोमीटर सड़क का निर्माण गांव को जोड़ने के लिए होगा। सरकार हर गांव को संपर्क रास्ते से जोड़ने का कार्य कर रही है। आने वाले समय में एक विकसित झारखण्ड और गरीबी से मुक्त झारखण्ड बनाने का जो हमारा संकल्प है हम उसे पूरा करेंगे।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य और देश में जो विकास की राजनीति चल पड़ी है उसे और गति देना है। साढ़े तीन साल के कार्यकाल में कृषि, आईटी, पर्यटन, इंफ्रास्ट्रक्चर समेत सभी क्षेत्रों में कार्य हुआ है। संथाल परगना का विकास राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है। यही वजह है कि देवघर में एम्स और एयरपोर्ट निर्माण के लिए शिलान्यास किया गया। जनवरी 2019 तक यहां आपातकालीन सेवा और ओपीडी शुरू करने का पूर्ण प्रयास होगा। पर्यटन को भी बढ़वा देकर अधिक से अधिक लोगों को रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ने की योजना है। 2018 तक बिजली व्यवस्था दुरुस्त हो, इसके लिए वितरण और संचरण लाइन को दुरुस्त किया जा रहा है। सरकार को इस बात का आभास है कि फिलहाल बिजली से आप सभी को परेशानी हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जामताड़ा को बेहतर और समृद्ध जिला बनाना है। हाल की दिनों में जामताड़ा की चर्चा गलत कार्य करने में किया गया। यह ठीक नहीं है। क्या आपको अपने जामताड़ा की बदनामी अच्छी लगती है? जरा सा अनैतिक कार्य कर जामताड़ा को बदनाम करने वाले एक बात समझ लें, अनैतिक ढंग से अर्जित किया धन आपको चैन से सोने नहीं देगा। गलत करने वाले लोगों को सरकार किसी कीमत पर नही छोड़ेगी। उनकी संपत्तियों को जब्त किया जाएगा।

“युवा गलत कार्य न करें। अपनी काबिलियत को सही पहचान दें। सरकार आपको बेहतर प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराएगी। रोजगार उप्लब्ध कराएगी। इसलिए भटके हुए लोग आप लौट आएं सरकार आपको रोजगार देगी।”

कार्यक्रम में माननीय मंत्री कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग श्री रणधीर कुमार सिंह, मंत्री समाज कल्याण श्रीमती लुइस मरांडी, पूर्व मंत्री श्री सत्यानंद झा बाटुल सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

इस वर्ष 12.5 लाख किसानों को KCC देने का लक्ष्य, अब तक 11.41 लाख किसानों को मिल चुका है लाभ

 

माननीय मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने बुधवार को कांके स्थित गागी गांव में प्रखंड कृषि महोत्सव सहकृषि चौपाल का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसान अन्नदाता हैं। उनके जीवन में खुशहाली लाना हमारा लक्ष्य है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है। झारखण्ड सरकार इसी लक्ष्य को पाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसके लिए गांव-गांव तक अच्छी सड़क, सिंचाई और बेहतर बिजली सुविधा पहुंचाने का काम चल रहा है। कुछ समय लग रहा है, लेकिन अगले साल जनवरी से किसानों के लिए अलग कृषि फीडर बनाने का काम शुरू होगा। वहीं, इस वर्ष 12.5 लाख किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) देने का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से 11.41 लाख किसानों का इसका लाभ दिया जा चुका है। इसी प्रकार 25 लाख किसानों को मृदा परीक्षण कार्ड देने के लक्ष्य में से चार लाख कार्ड का वितरण किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में गांव-गांव तक संपर्क रास्ता बनाने के लिए 1500 करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया है। इससे 15000 किमी सड़क बनायी जाएगी।  इसी प्रकार सिंचाई सुविधा बढ़ाने के लिए इस साल 2000 तालाबों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। पिछले साल राज्य में छह लाख डोभा बनाये गये। इससे भूमिगत जल की स्थिति में भी सुधार हुआ। बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए काम चल रहा है।

“झारखण्ड में 60 ग्रिड, 257 सब स्टेशन की जरूरत है। इनका निर्माण हो रहा है। जर्जर तारों को पहली बार बदला जा रहा है। दिसंबर 2018 तक झारखण्ड के घर-घर में बिजली होगी।”  

श्री रघुवर दास ने कहा कि किसान काफी मेहनत करते हैं। बिचौलिया और दलालों के कारण उन्हें उपज का सही मूल्य नहीं मिलता है। बिचौलिया और दलालों से मुक्त कराने के लिए तकनीक को बढ़ावा दिया जा रहा है। किसान मोबाइल की मदद से दूसरी मंडी में उत्पाद की कीमत जान सकते हैं। राज्य के प्रखंडों में कोल्ड रूम खोले जा रहे हैं। मंडी बनाने में भी किसानों की मदद ली जाएगी।

“किसानों की आय केवल कृषि की मदद से नहीं बढ़ायी जा सकती। पशुपालन-मत्स्य पालन और बागवानी भी इसमें मददगार साबित होंगे। किसान गौ पालन करें, सरकार इसमें मदद करेगी। युवा समूह बनाकर डेयरी फार्म खोलें। इसके लिए सब्सिडी दी जा रही है। दूध बेचने के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं होगी। सरकार मेधा डेयरी के माध्यम से यह दूध खरीद लेगी।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ विकास विरोधी नेता लोगों के बीच झूठ फैला रहे हैं। भूमि अधिग्रहण संशोधन मामले में मुआवजे की राशि के लिए अब लोगों को दो-तीन साल का इंतजार नहीं करना होगा। उन्हें अधिकतम आठ माह में मुआवजा मिल जाएगा। सरकारी विकास कार्यों के लिए भूमि समय पर मिलने से स्कूल, कॉलेज, बिजली सब स्टेशन, ग्रिड, कैनाल, सड़क आदि के निर्माण में तेजी आएगी। गरीबों के जीवन में बदलाव आएगा। उनके बच्चे स्कूलों में पढ़ सकेंगे। गांव में अस्पताल बनने से बीमार होने पर शहरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। सड़क बनने से किसानों को अपने उत्पाद शहरों तक लाने में आसानी होगी। बिजली मिलने से गांव की अर्थव्यवस्था में व्यापक बदलाव आएगा। लेकिन कुछ लोगों को केवल राजनीति करनी है, उन्हें लोगों की भलाई से कोई मतलब नहीं है।

कार्यक्रम में कृषि मंत्री श्री रणधीर सिंह, सांसद श्री रामटहल चौधरी, कांके विधायक डॉ. जीतूचरण राम, कृषि विभाग की सचिव श्रीमती पूजा सिंघल समेत बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में विकास के पथ पर बढ़ रहा है झारखण्ड- रघुवर दास

 

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने आज नई दिल्ली, राष्ट्रपति भवन में नीति आयोग के शासी निकाय की चौथी बैठक में भाग लिया जिसकी अध्यक्षता प्रधान मंत्री जी ने की।    बैठक को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने नीति आयोग को सहकारी संघवाद (कॉपरेटिव फेडेरेलिज्म) को बढ़ावा देने हेतु आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने के लिए अपने संसाधनों से अनुसूचित जनजाति बहुल 6 अन्य आकांक्षी जिलों के लिए वर्ष 2018-19 से अगले तीन वर्षों के लिए प्रतिवर्ष 50.00 करोड़ प्रति जिला, कुल 300.00 करोड़ रू0 प्रतिवर्ष की सहायता देने का प्रबंध किया है। साथ ही, मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने झारखण्ड में आकर राज्य के आकांक्षी जिलों के उपायुक्तों से सीधी बात कर उनका मनोबल ऊंचा किया जिससे विकास के प्रति राज्य में नयी ऊर्जा का संचार हुआ है। राज्य किसानों की आय को दुगुना करने के लिए जो लक्ष्य निर्धारित किया गया है, उसे मूर्त रूप देने के लिए प्रयासरत है।

झारखण्ड ने वर्ष 2015 से आवश्यकता आधारित उर्वरक उपयोग के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड स्कीम का कार्यान्वयन प्रारंभ किया है, जिसमें अब तक 3.7 लाख मिट्टी के सैम्पल की जांच हो चुकी है तथा 9.22 लाख मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किये जा चुके हैं। इस योजना के तहत वर्ष 2018-19 के अंत तक 25.00 लाख किसानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि झारखण्ड में लगभग 950 ग्रामीण हाट है, जिन्हें विकसित करने की कार्रवाई की जा रही है। इसके अतिरिक्त राज्य में लगभग 1 लाख 30 हजार सखी मंडलों का गठन किया गया है।

बैठक को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की योजनाओं के चयन एवं कार्यान्वयन में ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए ग्राम विकास समितियां गठित की हैं। जिन गांवों में अनुसूचित जनजाति की आबादी 50 प्रतिशत से अधिक है, वहां आदिवासी विकास समिति का गठन किया गया है। इस तरह राज्य में अबतक 15327 आदिवासी विकास समितियां एवं 10212 ग्राम विकास समितियां गठित की गयी हैं, जिन्हें 5.00 लाख रूपये तक की योजनाओं की स्वीकृति एवं क्रियान्वयन का अधिकार दे दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा राज्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का स्वागत करता है जिसके अंतर्गत राज्य में 25 लाख परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा बीमा से आक्षादित किया जा सकेगा। इसी के साथ राज्य अपने संसाधनों से 30 लाख अतिरिक्त परिवारों को भी 5.00 लाख रूपये तक की स्वास्थ्य बीमा सुविधा उपलब्ध करायेगा। राज्य आयुष्मान भारत के तहत इस वर्ष 711 स्वास्थ्य केन्द्रों, 33 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं 32 शहरी स्वास्थ्य केन्द्रों को वेलनेस सेंटर के रूप में अपग्रेड करेगा तथा सन् 2022 तक सभी स्वास्थ्य केन्द्रों/उपकेन्द्रों को वेलनेस सेंटर के रूप में अपग्रेड कर देगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सन् 2019 में जब पूरा देश राष्ट्रपिता महात्म गांधी की 150वीं जन्म तिथि मना रहा होगा तब हमारा राज्य भी खुले में शौच से मुक्ति तथा ग्राम स्वराज की परिकल्पना को मूर्त रूप दे रहा होगा। बैठक में मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि मनरेगा योजना के तहत किसी अन्य मद से सौर ऊर्जा द्वारा संचालित पम्प का अधिष्ठापन प्रत्येक कुओं के लिए किया जाय ताकि सुलभ सिंचाई उपलब्ध हो सके।

इस बैठक में मुख्यमंत्री जी के साथ राज्य के मुख्य सचिव, श्री सुधीर त्रिपाठी भी उपस्थित रहे।

झारखण्ड विधानसभा के नये भवन का उद्घाटन जनवरी में, सीएम ने विस्थापितों के लिए बन रहे आवास का किया निरीक्षण

 

माननीय मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास जी ने शनिवार को कहा कि झारखण्ड सरकार विकास के प्रति कृतसंकल्पित है। विकास के साथ-साथ विस्थापितों की भी सुध लेने वाली सरकार है। पहले जहां विस्थापित दर-दर भटकते रहते थे, हमारी सरकार विस्थापितों को बसा रही है। इसका जिता-जागता उदाहरण है निर्माणाधीन झारखण्ड विधानसभा और झारखण्ड हाईकोर्ट के विस्थापित। इन्हें सरकार अक्टूबर तक घर बनाकर बसा देगी। मुख्यमंत्री ने ये बातें निर्माणाधीन झारखण्ड विधानसभा, झारखण्ड हाईकोर्ट और विस्थापितों के लिए बन रही कॉलोनी के निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।


मुख्यमंत्री ने संबंधि‍त अधि‍कारियों को निर्देश देते हुए कहा कि गुणवत्ता को बरकरार रखते हुए समय-सीमा में काम पूरा करें। विधानसभा और उच्च न्यायालय भवन से पूर्व विस्थापितों को बसायें। अक्टूबर तक विस्थापितों की कॉलोनी बनकर तैयार हो जाये। उन्होंने झारखण्ड उच्च न्यायालय को दिसंबर और विधानसभा को जनवरी तक पूरा करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के 14 साल बाद भी राज्य की सबसे बड़ी पंचायत का अपना भवन नहीं था। इस पर काफी राजनीति होती रही। विधानसभा भाड़े के भवन में चलता रहा है। सरकार में आते ही हमने झारखण्ड विधानसभा के अपना भवन बनाने का लक्ष्य रखा। इसका शिलान्यास किया। 

“अगले साल जनवरी तक झारखण्ड विधानसभा का अपना भव्य भवन होगा। अगला ग्रीष्मकालीन सत्र नयी विधानसभा में होगा। जहां राज्य के 81 विधायक बैठकर जन समस्याओं का समाधान कर सकेंगे। गांवों में भी सरकार पंचायत भवन बनवा रही है, ताकि गांव की सरकार को भी निर्णय लेने के लिए एक स्थान मिल सके।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर किसी को अच्छी जिंदगी जीने का अधिकार है और हमारी सरकार इसी दिशा में काम कर रही है। इसी क्रम में विस्थापितों के लिए कॉलोनी बनवाई जा रही है। विस्थापितों की कॉलोनी में 400 परिवारों के लिए उच्छी गुणवत्ता वाले घर बनाये जा रहे हैं। इन पर लगभग 200 करोड़ रुपये का खर्च आ रहा है। 

“औसतन एक घर पर 50 लाख रुपये का खर्च आ रहा है। हर घर में तीन बेडरूम, किचन, बाथरूम, बरामदा आदि हैं। कॉलोनी में स्कूल और मार्केट कॉम्प्लेक्स का भी निर्माण किया जा रहा है।” 

मुख्यमंत्री ने इन कामों में लगे विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों, संवेदक एवं हजारों मजदूरों को काम की प्रगति के लिए बधाई देते हुए कहा कि इनके निर्माण से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिल सका है। निरीक्षण के दौरान भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री सुनील कुमार समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

राज्य में चल रहीं पथ परियोजनाओं को लेकर सीएम ने की समीक्षा बैठक

माननीय मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने गुरुवार को झारखण्ड मंत्रालय में भारत सरकार के राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (तकनीकी) के सदस्य श्री एके सिंह के साथ समीक्षा बैठक की। राज्य में चल रहीं विभि‍न्न पथ परियोजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधि‍त अधि‍कारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सड़क निर्माण से जुड़े कामों में तेजी लाने के लिए सभी विभाग एक-दूसरे से सामंजस्य स्थापित कर काम करें। झारखण्ड में नेशनल हाइवे के द्वारा चल रहे प्रोजेक्ट से जुड़े मामले संबंधित विभागों को भेज दें। 28 जून को फिर से बैठक की जाएगी। इसमें वन, बिजली, राजस्व, माइंस आदि संबंधित विभाग के अधिकारी, संबंधित जिले के उपायुक्त, डीएफओ समेत नेशनल हाइवे अथॉरिटी के अधिकारी भी रहेंगे। एक-एक प्रोजेक्ट पर तत्काल निर्णय लिया जाएगा।

“विभाग के अधिकारी पूरी तैयारी के साथ पहुंचें। सरकार समस्या नहीं समाधान चाहती है, ताकि आम लोगों के हित में काम हो सके। झारखण्ड में इन सड़कों के बनने से राज्य की स्थिति बदल जाएगी।” 

बैठक में बताया गया कि गंगा ब्रिज के निर्माण का काम बरसात के बाद शुरू हो जाएगा। इसी प्रकार रातू रोड में बनने वाले तीन लेन एलिवेटेड रोड के लिए जुलाई मध्य में शिलान्यास किया जा सकेगा। राज्य में  छह नयी सड़कों (546 किमी) के निर्माण का काम भी जल्द शुरू किया जा सकेगा। इनसे जुड़ी प्रक्रियाएं अंतिम चरण में है।

“कुछ लोग विकास कार्य को अवरूद्ध करना चाहते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सरकार सख्ती से पेश आएगी। चाहे वे बाहरी तत्व हो या विभागों के अधिकारी। सरकार की नीति और नीयत साफ है। हमारा एक मात्र लक्ष्य है झारखण्ड के गांव-गांव को अच्छी गुणवत्तावाली सड़कों से जोड़ना। इस काम में सरकार कोई गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं करेगी। अच्छी सड़कें बनने के साथ ही गांव में खुशहाली आ जाएगी। गांव के लोग अपने काम को फैला सकेंगे।” 

बैठक में मुख्य सचिव श्री सुधीर त्रिपाठी, नेशनल हाइवे अथॉरिटी के सदस्य तकनीकी श्री एके सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री सुनील कुमार वर्णवाल, पथ सचिव श्री केके सोन, पीसीसीएफ श्री संजय कुमार समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

हॉस्पिटल में भर्ती वयोवृद्ध नेता श्री बागुन सुम्बराई से सीएम ने की मुलाकात

 

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने सोमवार को जमशेदपुर के टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल (टीएमएच) अस्पताल में भर्ती वयोवृद्ध नेता श्री बागुन सुम्बराई से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उनके स्वास्थ्य का हाल जाना और शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

94 साल के श्री बागुन सुम्बराई को टीएमएच में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, उन्हें सांस लेने में दिक्कत है। वे सिंहभूम संसदीय क्षेत्र से 5 बार सांसद और चार बार विधायक रह चुके हैं। श्री बागुन पांच बार सांसद रहने के बावजूद सामान्य जीवन व्यतीत करते हैं।

स्वच्छता और शुद्ध पेयजल सरकार की प्राथमिकता

 

माननीय मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने रविवार को पूर्वी सिंहभूम, जमशेदपुर के समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में विभिन्न औद्योगिक घरानों और व्यवसाइयों द्वारा संपादित कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के कार्यों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों से आए हुए प्रतिनिधियों को संबोधित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के लिए विभिन्न प्रक्षेत्र में कॉरपोरेट सोशल रेस्पॉन्सिबिलिटी के तहत उद्योगपतियों द्वारा किए जाने वाले कार्य निश्चित रूप से सराहनीय हैं। सीएसआर के तहत 1% खर्च राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में करने का निर्णय राज्य स्तर पर सीएसआर काउंसिल द्वारा लिया गया है। शहरी क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों के अधिष्ठापन, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति और जिले को प्लास्टिक से मुक्त बनाने की दिशा में विशेष रूप से केंद्रित होकर प्रयास करने की जरूरत है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने देशवासियों से आह्वान किया है कि 2 अक्टूबर 2019 को महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर उनका स्वच्छ भारत का सपना देश जरूर पूरा करेगा। झारखण्ड सरकार ने तय किया है कि 2 अक्टूबर 2018 तक इस लक्ष्य को प्राप्त किया जाएगा और इस दिशा में राज्य सरकार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक संपदा की दृष्टि से झारखण्ड सबसे संपन्न राज्य है फिर भी इसकी गोद में गरीबी और कुपोषण जैसी समस्याएं हैं। सरकार इस कलंक को निर्मूल करने के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है। कुपोषण और दूषित जल जनित बीमारियों से निपटने के लिए स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति को मुख्यमंत्री ने प्राथमिकता देने की बात कही। 


 

“14 अप्रैल से 5 मई 2018 तक ग्राम स्वराज अभियान चलाया गया, जिसके तहत राज्य के 252 गांवों में सरकार की सात फ्लैगशिप योजनाओं का शत-प्रतिशत आच्छादन सफलतापूर्वक पूरा किया गया। 1 जून से 15 अगस्त तक राज्य के 6512 गांवों को आच्छादित किया जाएगा। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार और जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है।”  

इस दौरान मुख्यमंत्री ने शहरी क्षेत्रों में विधि व्यवस्था संधारण हेतु सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने, पर्यावरण की सुरक्षा के लिए प्लास्टिक को अपने प्रतिष्ठानों में पूरी तरह से प्रतिबंधित करने और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के लिए साफ और सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था को सीएसआर कार्यों में शामिल करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री के आह्वान पर विभिन्न उद्योगपतियों ने पोटका और डुमरिया के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में जलमीनार के माध्यम से स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने, शहरी क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे अधिष्ठापित करने और पर्यावरण की रक्षा के लिए अपने प्रतिष्ठानों और कर्मचारियों के बीच प्लास्टिक बैग, बोतल इत्यादि के उपयोग को प्रतिबंधित करने हेतु व्यापक जन जागरूकता कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। 

“हम जिस शहर में रहते हैं उसके प्रति हमारी जिम्मेदारी है। जहां भी उद्योग-धंधे लगाए हैं आसपास के क्षेत्र का विकास हो, क्योंकि इसी समाज से उद्यमियों का हित जुड़ा हुआ है। हर कॉरपोरेट सेक्टर की जिम्मेदारी है कि बुनियादी सुविधाओं में योगदान दें।”  


बैठक के उपरांत उपायुक्त श्री अमित कुमार ने प्रेस प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए जानकारी दी कि पूर्वी सिंहभूम जिला अंतर्गत और आदित्यपुर क्षेत्र की विभिन्न कंपनियों ने माननीय मुख्यमंत्री द्वारा  मुख्य रूप से चिन्हित 3 प्रक्षेत्रों स्वच्छ पेयजल, सीसीटीवी कैमरे और प्लास्टिक बैग,बोतलों पर प्रतिबंध की दिशा में कार्य करने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की है। 5 माह के न्यूनतम कार्यावधि में इन सारे कार्यों को संपादित करने का लक्ष्य है। बैठक में जिले के तमाम वरीय पदाधिकारीगण, हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के प्रबंध निदेशक, जुस्को के महाप्रबंधक, टिन-प्लेट के प्रबंध निदेशक सहित विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों और प्रतिष्ठित व्यवसायियों के प्रतिनिधि गण उपस्थित थे।