मुख्यमंत्री ने चीन में फूड प्रोसेसिंग यूनि‍ट का किया भ्रमण

 

माननीय मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने गुरुवार को शिष्टमंडल के साथ झेंगझोऊ शहर (Zhengzhou) सिटी स्थित शेनचुवान (Sanquan) कंपनी के फूड प्रोसेसिंग यूनिट का भ्रमण किया। कंपनी के चेयरमैन श्री शेन जेमिन (Chen Zemin) ने मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास और शिष्टमंडल का स्वागत किया। लगभग एक घंटे तक अपने प्लांट के विभिन्न सुविधाओं फूड प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और क्वालिटी टेस्टिंग आदि कैसे की जाती है, इसकी जानकारी दी। नेशनल स्टैंडर्ड क्वालिटी को बरकरार रखते हुए सब्जियां सहित कई अन्य उत्पादों की प्रोसेसिंग और पैकेजिंग करके एक्सपोर्ट किये जाने के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस प्लांट में लगभग 8 हजार लोग काम करते हैं। इस कंपनी के पूरे चीन में 7 प्लांट हैं और लगभग 10 हजार लोग इस कपनी में काम करते हैं। इस कंपनी का टर्नओवर करीब 10 बिलियन यूआन यानी लगभग 10 हजार करोड़ रुपए के बराबर है।

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कंपनी के चेयरमैन को झारखण्ड में सब्जियों के उत्पादन और फूड प्रोसेसिंग की संभावनाओं के बारे में अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने झारखण्ड की फूड प्रोसेसिंग नीति तथा उद्योगों के लिए जो सुविधाएं झारखण्ड सरकार दे रही है, उसकी जानकारी दी। इसके अलावा उन्हें झारखण्ड आकर इस संभावनाओं को समझने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने 29-30 नवंबर को आयोजित होने वाले ग्लोबल एग्रीकल्चर एंड फूड समिट के लिए उन्हें और उनके डेलि‍गेट्स को आमंत्रित किया। इस दौरान ये भी आश्वस्त किया है कि झारखण्ड में उन्हें व्यापार के अवसरों से अवगत कराते हुए उन्हें सारी सुविधाएं दी जाएंगी। जो झारखण्ड की स्थानीय कंपनियां हैं उनके साथ बैठक करायी जाएगी, ताकि सिर्फ निवेश ही नहीं, बल्कि तकनीक ट्रांसफर से लेकर तकनीक सहयोग तक हो सके। झारखण्ड में इस क्षेत्र में अधिक से अधिक निवेश आ सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में झारखण्ड भारत का सबसे बड़ा फूड प्रोसेसिंग हब बनेगा।

श्री शेन जेमिन ने ये आश्वस्त किया है कि वो भारतीय बाजार का और झारखण्ड में फूड प्रोसेसिंग की जो संभावनाएं हैं उसका अध्ययन करेंगे और अवश्य ही आगे की कार्रवाई करेंगे। श्री शेन जेमिन ने कहा कि झारखण्ड में बड़े पैमाने पर सब्जी उत्पादित की जाती है। उसका किस तरह प्रोसेसिंग हो सकता है, इस पर भी वह अवश्य पहल करेंगे।

बता दें, वार्ता सकारात्मक वातावरण में हुई और इसमें ऐसी संभावना बनी है कि झारखण्ड में भी फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को बढ़ावा मिल सके। झारखण्ड की स्थानीय कंपनियों को बेहतर तकनीक का लाभ मिल सके। चीन के दौरे में मुख्यमंत्री का जोर रहा है कि चीन की वैसी कंपनी जो अधिक से अधिक एक्सपोर्ट करती हैं तथा जो फ़ूड प्रोडक्ट की प्रोसेसिंग करते हैं, उनका निवेश झारखण्ड में अधिक से अधिक किस प्रकार से हो।