मुख्यमंत्री और चीन के अतंरराष्ट्रीय विभाग के मंत्री श्री सोंघ थाओ के बीच द्विपक्षीय मुद्दों पर हुई वार्ता

 

माननीय मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास के नेतृत्व में चीन दौरा पर गए प्रतिनिधिमंडल की मंगलवार को श्री सोंध थाओ, मिनिस्टर ऑफ इंटरनेशनल डिपार्टमेंट ऑफ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के साथ वार्ता हुई। इस दौरान श्री सोंध थाओ ने यह माना कि दोनों देश भारत और चाइना की आबादी मिला कर 2.56 बिलियन हो जाती है जो लगभग पूरे विश्व की आबादी की एक तिहाई है। वर्तमान में ये पूरे विश्व की जीडीपी का 21 प्रतिशत की हिस्सेदारी करते हैं। जीडीपी रेट और मजबूत हो सकती है यदि दोनों देश एक साथ मिलकर कार्य करें। वर्ल्ड ट्रेड में भी इन दोनों देशों की बहुत बड़ी भागीदारी हो सकती है। दोनों देशों का एक नेचुरल रिलेशनशिप है। ये दोनों एक नेचुरल फ्रेंड हैं और दोनों एक-दूसरे की आवश्यकताओं का सम्मान करते हैं। साथ ही पूरे विश्व की सामाजिक और आर्थिक प्रगति में दोनों देश एक साथ काम कर सकेंगे और एक साथ दोनों की इकोनॉमी भी आगे बढ़ पाएगी।

श्री सोंध थाओ ने कहा कि झारखण्ड में जो निवेश का वातावरण है, झारखण्ड का जो ग्रोथ रेट है, ईज ऑफ डुइंग बिजनेस है, जो बिजनेस एन्वायरमेंट है वह प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि यद्यपि झारखण्ड एक नया राज्य है, लेकिन ये 8.2 प्रतिशत के ग्रोथ रेट से बढ़ रहा है जोकि हाइली एप्रेसिएबल है। उन्होंने ये भी कहा कि झारखण्ड में निवेश की काफी संभावनाएं हैं।

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने झारखण्ड राज्य में 29-30 नवंबर 2018 को आयोजित होने वाले ग्लोबल एग्रीकल्चर एंड फूड समिट 2018 के बारे जानकारी देते हुए कहा कि इसमें विश्व के कई देशों के एग्रीकल्चर एंड फूड प्रोसेसिंग से संबधित कई कंपनिया भाग लेंगी। मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने श्री सोंध थाओ को भी चाइनीज कंपनियों को इसमें भाग लेने के लिए आमंत्र‍ित किया।

श्री सोंध थाओ के साथ हुई यह वार्ता बहुत ही सकारात्मक रही। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के अंतिम चीन दौरे के बाद भारत-चीन के द्विपक्षीय संबंध में बेहतरी आई है। उस दौरे के बाद से देश के किसी राज्य के पहले मुख्यमंत्री के तौर पर चीन में ये दौरा हुआ है और इसे बहुत ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत-चीन संबंध और चीन का भारत के विभिन्न राज्यों के साथ जिस प्रकार से निवेश का एवं बेहतर संबंध की कोशिश हो रही है, उस दृष्टि से यह दौरा बहुत महत्वपूर्ण है।