राज्य भर के सभी अस्पतालों में चिकित्सा और प्रबंधन अलग-अलग- रघुवर दास

 

झारखण्ड मंत्रालय में मंगलवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की गई। बैठक में मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास, स्वास्थ्य मंत्री श्री रामचंद्र चंद्रवंशी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों मौजूद रहे। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य के सभी बड़े अस्पतालों में प्रबंधन को अलग करें। रिम्स की तर्ज पर दोनों मेडिकल कॉलेज, सदर अस्पतालों में भी प्रबंधन और चिकित्सक का काम अलग-अलग होगा। चिकित्सक केवल मरीजों का इलाज करेंगे। अस्पताल का प्रबंधन देखने के लिए अलग से स्टाफ भर्ती करें। इससे अस्पतालों में न केवल चिकित्सा सुविधाएं बेहतर होंगी, बल्कि चिकित्सकों के काम का बोझ भी हलका होगा। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य में खून की उपलब्धता बढ़ाने के लिए एक दिन राज्यस्तरीय रक्तदान शिविर का आयोजन किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के आकांक्षी जिलों में चिकित्सा सेवा को प्राथमिकता की सूची में रखें। इनमें भी जो छह अतिपिछड़े जिले हैं, उन पर ज्यादा ध्यान दें। बच्चों व महिलाओं को लिए चिकित्सक बढ़ायें। चिकित्सकों की कमी को पूरा करने के लिए मेडिकल कॉलेजों से कैंपस सिलेक्शन करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आयुष चिकित्सकों की नियुक्ति पंचायत स्तर पर करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही राज्य के सात जिलों में अभी ब्लड बैंक नहीं हैं, उन जिलों में जल्द से जल्द ब्लड बैंक खोलने के निर्देश दिए। लावारिश शवों के दाह संस्कार करने वाली संस्थाओं को आर्थिक सहायता के रूप में 1000 रुपये प्रति शव प्रोत्साहन राशि देने का निर्देश दिया।

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्री रामचंद्र चंद्रवंशी, मुख्य सचिव श्री सुधीर त्रिपाठी, विकास आयुक्त डॉ डी.के. तिवारी, स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती निधि खरे, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री सुनील कुमार वर्णवाल, कल्याण सचिव श्रीमती हिमानी पांडेय समेत स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारी उपस्थित थे।