बाबाधाम और बासुकीनाथ का मेला विश्व स्तर पर जाना जाए, ऐसी हो व्यवस्था: सीएम

 

माननीय मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने गुरुवार को पावन श्रावणी मेले के कुशल आयोजन के लिए बाबा बैद्यनाथ धाम बासुकीनाथ तीर्थ क्षेत्र विकास प्राधिकरण के साथ बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि देवघर और बासुकीनाथ का श्रावणी मेला विश्व स्तर पर जाना जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलें, उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, ऐसी व्यवस्था हो। साफ-सफाई पेयजल और बिजली की निर्बाध व्यवस्था रहे। ऐसी व्यवस्था हो कि कांवड़ि‍यों को लगे कि वे देवभूमि में प्रवेश कर रहे हैं।

“प्रशासन इस बात का ख्याल रखे कि दिव्यांगजनों को पूजा करने में कोई परेशानी नहीं आये। सभी पंडालों में मंदिर कमेटी या सिविल डिफेंस के लोगों को हमेशा तैनात करें। पानी की निकासी का और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। पवित्र शिवगंगा को स्वच्छ रखा जाए।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेला की इंटीग्रेटेड मॉनिटरिंग सिस्टम हो। मुख्यमंत्री कार्यालय में इसे लाइव देखा जाएगा तथा इसका पर्यवेक्षण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेला के संचालन में अधिक से अधिक जन भागीदारी बढ़ाई जाए।  सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों के साथ भी बैठक किया जाए। NCC स्काउट एंड गाइड आदि को भी जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि बाबा बैद्यनाथ धाम और बासुकीनाथ के लिए एक डीआईजी मेला प्रभारी रहेंगे, जो ट्रैफिक सहित संपूर्ण प्रबंधन को देखेंगे। मेला के दौरान शिल्पग्राम हैंडीक्राफ्ट मेला लगे, जिसमें जनजातीय समुदायों द्वारा बनाई जाने वाली सामग्रियों की पूरी ब्रांडडिंग हो तथा उसे बिक्री के लिए रखा जा सके।

“संथाल  परगना के सभी प्रोडक्ट्स जैसे अगरबत्ती, चप्पल और हैंडीक्राफ्ट के सामानों की बिक्री को प्रोमोट करें। आदिवासी इलाकों में रहने वाले लोग हस्तकलाओं में दक्ष होते हैं, उन्हें मार्केट उपलब्ध करवाएं। इससे पूरे देश में हमारे प्रोडक्ट्स की ब्रांडिंग होगी।”

माननीय मुख्यमंत्री ने मेला की तैयारियों की समीक्षा के दौरान कहा कि साफ-सफाई, रूट लाइनिंग आदि की पूरी निगरानी की जाए। पुलिस के जवान तीन शिफ्ट में काम करें। पूरे भक्ति भाव से कार्य हो। सभी अधिकारी अलर्ट रहें, धैर्य रखें तथा आपस में समन्वय बनाए रखें। मेला का प्रचार-प्रसार राष्ट्रीय स्तर पर हो। कांवड़ि‍यों के लिए की जाने वाली व्यवस्था को भी प्रमुखता से दर्शायें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेला के बाद एक उच्चस्तरीय बैठक होगी, जिसमें आने वाले 50 वर्षों की जरूरतों के हिसाब से तैयारियों और आधारभूत संरचना तैयार किया जाए। पर्यटक तभी आएंगे जब हम अपने धार्मिक स्थलों को विकसित करेंगे। बासुकीनाथ मंदिर प्रांगण में स्थाई CCTV लगाने के लिए 15 लाख रुपये दिये जाएंगे। डाकबम श्रद्धलुओं के लिए 108 एम्बुलेंस तैनात रहें। शिवगंगा और प्रांगण के आसपास अच्छी लाइटिंग करवाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी शौचालयों पर लोक चित्रकला की चित्रकारी की जाए। पूरे क्षेत्र में साफ-सफाई हेतु 400 सफाई मित्रों को तैनात किया जाए।

“कांवड़ि‍यों के लिए जगह-जगह हेल्थ चेकअप शिविर लगाए जाएं। पेयजल की व्यवस्था के लिए पानी टंकी इत्यादि की व्यवस्था सुनिश्चित करें। बासुकीनाथ धाम की सभी दुकानें सुव्यवस्थ‍ित हो। मानसरोवर का भी सौन्दर्यीकरण करें।”

बैठक में मंत्री श्री अमर कुमार बाउरी, मंत्री श्रीमती लुईस मरांडी, सांसद श्री निशिकांत दुबे तथा विधायक श्री बादल ने महत्वपूर्ण सुझाव दिये। देवघर तथा दुमका के उपायुक्त ने एक प्रजेंटेशन के माध्यम से तैयारियों के बाबत जानकारी दी। बैठक में इनके अलावा विधायक जरमुंडी श्री बादल पत्रलेख, मुख्य सचिव श्री सुधीर त्रिपाठी, गृह सचिव श्री एसकेजी रहाटे, डीजीपी श्री डीके पांडे, एडीजी श्री अनुराग गुप्ता, पुलिस महानिरीक्षक श्री आशीष बत्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री सुनील कुमार वर्णवाल, पर्यटन सचिव श्री मनीष रंजन, पूर्व सांसद श्री अभयकांत प्रसाद, उपायुक्त दुमका श्री मुकेश कुमार, उपायुक्त देवघर श्री राहुल कुमार, पंडा धर्म रक्षिणी सभा के सदस्य सहित प्राधिकार के अन्य सदस्य उपस्थित थे।