स्वरोजगार के लिए नहीं होगी फंड की कमी, अधि‍कारी कैंप लगाकर दें ऋण: रघुवर दास

 

माननीय मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने शुक्रवार को कहा कि झारखण्ड में रोजगार के सृजन और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। सरकार की ये भी कोशिश है कि अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग के युवाओं के लिए ऐसी व्यवस्था हो कि वो आसानी से अपने सपने को पूरा कर सकें। उनके सामने संभावनाओं, संसाधनों और वित्तीय कमी जैसी परेशानियां ना हो। मुख्यमंत्री ने ये बातें झारखण्ड मंत्रालय में अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को अपना व्यापार शुरू करने के लिए ऋण लेने में दिक्कत आ रही है, जबकि सरकार ने इसके लिए विभिन्न वर्गों के लिए वित्त निगम का गठन किया है। इन निगमों के गठन का मकसद है कि युवाओं को स्वरोजगार के लिए आसानी से ऋण मुहैया कराया जा सके, लेकिन इसकी जानकारी सभी को नहीं है। इस संबंध में जागरूकता फैलाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कल्याण विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि स्वरोजगार के लिए ऋण का आवेदन करने वाले युवाओं को कैंप लगाकर ऋण का वितरण करें। इसका फायदा ये होगा कि इससे इस योजना का प्रचार प्रसार हो सकेगा और उनमें स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया जा सकेगा।

“सरकार का लक्ष्य है कि हर वर्ग के लोगों का जीवन स्तर ऊंचा उठे। युवा अपना व्यापार करना चाहते हैं। लेकिन वित्तीय सहायता नहीं मिलने के कारण सफल नहीं हो पाते हैं। वित्तीय मदद मिलने से उन्हें व्यापार शुरू करने में आसानी होगी। साथ ही वे कई लोगों को रोजगार भी दे सकेंगे।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के युवाओं को बैंक से लोन लेने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। कई बार उन्हें बेवजह भी परेशान किया जाता है। ऐसे युवाओं के लिए सरकार ही सहारा है। इसी को देखते हुए वित्त निगम का गठन किया गया था। लेकिन जानकारी ना होने की वजह से जरुरतमंद इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं। जरूरत होगी, तो सरकार इन निगमों को और फंड आवंटित करेगी।

“पूंजी के अभाव में कोई युवा बेरोजगार न रहे, यह हमारा प्रयास है। गरीब-आदिवासी लोन चुकाते हैं। उनके लिए स्वाभिमान से बड़ा कुछ नहीं है, इसलिए पैसे वापसी की चिंता नहीं करें।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में इनके नाम पर केवल राजनीति होती रही है, लेकिन इनकी सुध किसी ने नहीं ली। सरकार इन युवाओं के अपने पैर पर खड़े होने में मदद करेगी। बैठक में मुख्य सचिव श्री सुधीर त्रिपाठी, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री सुनील कुमार वर्णवाल और कल्याण सचिव श्रीमती हिमानी पांडेय उपस्थित थीं।