मातृत्व स्वास्थ्य में लंबी छलांग, 208 से घटकर 165 हुई एमएमआर

 

झारखण्ड के मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास की गतिशील और दूरदर्शी नेतृत्व में झारखण्ड लगातार आगे बढ़ता जा रहा है। जननी सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम और प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा अभियान की लगातार निगरानी और अनुश्रवण की वजह से झारखंड ने मातृत्व स्वास्थ्य में लंबी छलांग लगाई है। राज्य में मातृ मृत्यु दर (एक लाख शिशुओं के जन्म पर माताओं की मौत) 208 से घटकर 165 हो गई है, जो पिछली बार जारी आंकड़ों की तुलना में 43 कम है और राष्ट्रीय अनुपात 130 के काफी करीब पहुंच गया है। अब झारखण्ड देशभर में अनुपात कम करने वाले राज्यों की श्रेणी में छठे नंबर पर आ गया है। इस तरह राज्य में मातृ मृत्यु दर में 21 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। 

कब कितनी थी एमएमआर
2004-06 : 312
2007-08 : 261
2010-12 : 219
2011-13 : 208
2014-16 : 165

फाइल फोटो

 

ये आंकड़े साल 2014-2016 के लिए हैं, जो 3,91,838 महिलाओें पर किए गए सर्वे पर आधारित हैं। सर्वेक्षण के दौरान पाया गया कि 37,641 स्वस्थ बच्चों का जन्म हुआ। प्रसव के बाद माताओं में लाइफटाइम रिस्क की संभावना 0.6 प्रतिशत पाई गई।
जानकारी को साझा करते हुए स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे ने बताया कि मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए राज्य सरकार लगातार कोशिश कर रही है, ताकि झारखंड का आंकड़ा राष्ट्रीय औसत से भी कम हो जाये। श्रीमती खरे ने कहा कि इसे और कम करने के लिए और सार्थक प्रयास किये जा रहे हैं। 

हाल ही में झारखण्ड सरकार ने बाल विवाह (जो राज्य में 38 प्रतिशत है) में कमी लाने के लिए मुखबिर योजना शुरू की है। इसके अलावा किशोरी गर्भावस्था (टीनएज प्रेगनेंसी) में कमी लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग सहियाओं के माध्यम से ग्रामीणों में जागरूकता लाने का प्रयास किया जा रहा है। 

प्रधान सचिव निधि खरे ने बताया कि हाई रिस्क प्रेगनेंसी श्रेणी की महिलाओं की पहचान कर सुरक्षित प्रसव के लिए उन्हें 108 एंबुलेंस सेवा की मदद से फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) तक पहुंचाने की व्यवस्था की गयी है। उन्होंने कहा कि हर महीने की 9 तारीख को प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षित अभियान चलाया जाता है, जिसमें एनिमिया की जांच कर आयरन और कैल्शियम की गोली दी जाती है। इसके अलावा चिकित्सक महिलाओं की एएनसी जांच करते हैं। 

फाइल फोटो

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक श्री कृपानंद झा ने कहा कि मातृ मृत्यु अनुपात को कम करने के लिए झारखंड के सभी जिलों का प्रयास सराहनीय है। 

सीएसआर आंकड़ों के अनुसार राज्यों का प्रदर्शन जिसमें झारखण्ड का प्रदर्शन इन राज्यों से बेहतर है –
राज्य         MMR(2014-16)  
असम –     237
उत्तर प्रदेश –  201
राजस्थान –  199
ओडिशा –    180
मध्य प्रदेश – 173
झारखण्ड – 165