जन-जन तक पहुंचे जनऔषधि‍: प्रधानमंत्री

 

आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को जनऔषधि‍ केंद्र चलाने वाले लोगों से वीडि‍यो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की। खास बात ये है कि प्रधानमंत्री   लगातार दूसरे दिन झारखण्ड के लोगों से रू-ब-रू हुए। उन्होंने जनऔषधि केंद्र खोलने वाले झारखण्ड निवासी रामगढ़ के अंजन प्रकाश जी से बात की। इस दौरान देश भर में जनऔषधि केंद्र चलाने वाले लोगों को बधाई देते हुए श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह एक पुण्य का कार्य है जिससे समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का फायदा पहुंच रहा है।

वहीं, झारखण्ड के रामगढ़ जिले के निवासी अंजन प्रकाश ने प्रधानमंत्री जी से बातचीत के दौरान बताया कि कैसे दूर दूराज से लोग उनकी दुकान पर सस्ती दवाएं लेने आते हैं और गरीबों को सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। अंजन ने बताया कि कैसे सस्ती दवाओं के जरिए गरीबों को हर महीने हजारों रुपए की बचत हो रही है। जनऔषधि केंद्र की दवाएं इस्तेमाल करने के बाद लोगों को ये विश्वास हुआ है कि सरकार क्वालिटी से समझौता किये बगैर सस्ती दवाएं दे रही है।

अंजन प्रकाश ने कहा, “मुझे इस परियोजना में पिछले साल दुकान संचालन का अवसर मिला। मुझे इसका बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। दूर-दराज के इलाकों से मेरे यहां गरीब और मिडिल क्लास के लोग दवाइयां खरीदने के लिए आते हैं। इस वजह से मेरी दुकान से दवाइयों की अच्छी ब्रिकी हो रही है।”

जब प्रधानमंत्री जी ने अंजन से पूछा के पहले आप क्या सोचते थे, क्या कभी नौकरी के लिए सोचा था, कैसे आप इस काम में आ गए? इस पर अंजन ने कहा-  सर, मैं नौकरी कर रहा था, लेकिन मुझे संतुष्टि‍ नहीं मिल रही थी। मेरे पिताजी का सेवा-भाव में बहुत मन लगता है। मुझे लग रहा था कि पापा का नाम कैसे रोशन करूं। मैं कैसे देश की सेवा करूं। ऐसे में पिछले साल इस परियोजना से जुड़ गया। अब मुझे बहुत दुआ मिलती है।

वहीं जब प्रधानमंत्री ने पूछा कि आपको इस दुकान को लेने में किसी तरीके का पैसा तो नहीं देना पड़ा न, आपका किसी तरीके से करप्शन से सामना तो नहीं हुआ? इस पर अंजन ने कहा- नहीं, सर। ऐसा कुछ नहीं हुआ। एक सप्ताह के भीतर मुझे इसका लाइसेंस मिल गया। मैं खुद फार्मासिस्ट हूं। एक हफ्ते के भीतर ड्रग इंस्पेक्टर साहब ने मुझे लाइसेंस दे दिया।