झारखण्ड के स्वच्छ विद्यालयों ने पेश की मि‍साल

 

 माननीय मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने बुधवार को कहा कि झारखण्ड के बच्चे हमारे लिए सबसे कीमती संसाधन हैं। इनको शिक्षित करके ही हम राज्य को विकास की ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। सरकार में आने के साथ ही हमारी सरकार ने राज्य में शिक्षा के सुदृढ़ीकरण पर जोर दिया। इसी कड़ी में आधारभूत संरचना मजबूत की जा रही है। मुख्यमंत्री ने उक्त बातें झारखंड अधिविध परिषद् (जैक) द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार समारोह में कही।

“स्कूलों में बेंच-डेस्क उपलब्ध कराये गये हैं। सभी स्कूलों में पेयजल और शौचालय की उपलब्धता करायी जा रही है। अभी स्कूलों में बिजली कनेक्शन दिया जा रहा है। राज्य में शिक्षकों की कमी को दूर किया जा रहा है। बच्चों के ड्रॉपआउट को रोकने के लिए काफी कदम उठाये गये हैं। इन सबका नतीजा सामने दिखने लगा है।” 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जुलाई तक शिक्षकों की बहाली कर ली जाएगी। इससे स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होगी। राज्य के स्कूलों की ग्रेडिंग (ए-बी-सी) का सुझाव भी दिया। जो ‘ए’ ग्रेड में शामिल हों, वे अपने स्तर को बनाये रखें। ‘बी’ ग्रेड वाले ‘ए’ ग्रेड में आने का प्रयास करें। इसी प्रकार ‘सी’ ग्रेड वाले अपनी स्थिति सुधारें। जिला शिक्षा अधीक्षकों (डीएसई) से उन्होंने फिल्ड विजीट करने का निर्देश देते हुए कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले, यह उनकी जिम्मेवारी है। 

“अधिकारी केवल नौकरी न करें, बल्कि राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें। वे अपने क्षेत्र के स्कूलों के प्राचार्यों के साथ बैठक करें। स्कूलों में पढ़ाई के अलावा स्वच्छता पर भी ध्यान देने का काम करें। स्कूल के प्राचार्य व शिक्षक अपने स्कूल को साफ-सुथरा रखने के लिए थोड़ा-थोड़ा आर्थिक योगदान दें। छोटे-छोटे कामों के लिए चिट्ठी न लिखें।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल की तुलना में स्वच्छता के मामले में झारखण्ड के स्कूलों का काफी अच्छा प्रदर्शन हुआ है। 2016 में जहां 9 स्कूल फाइव स्टार प्राप्त थे, वहीं इस वर्ष इनकी संख्या 212 हो गई है। फोर स्टार और थ्री स्टार पाने वाले स्कूलों की संख्या में भी काफी बढ़ोत्तरी हुई है। आने वाले वर्षों में हम ज्यादा से ज्यादा स्कूलों को फाइव स्टार स्कूल की श्रेणी में लायें। जल्द ही हर स्कूल को टैब उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे शिक्षकों और छात्रों की पूरी जानकारी मिलती रहेगी। छात्र अपने स्कूलों की सफाई करें। स्कूल के प्राचार्य और शिक्षक भी उनका साथ दें। इससे हम स्वच्छ झारखण्ड की ओर तेजी से बढ़ेंगे।

“हर जिले के डीसी 10 दिन के अंतराल पर स्कूल, अस्पताल और सरकारी केंद्रों का निरीक्षण करें और विकास योजनाओं का आंकलन करें। सभी DSE अपने-अपने जिले में बैठक करें। स्कूलों में शौचालय, पानी, खाना नहीं रहेगा तो ड्रॉपआउट होगा, ये नहीं होना चाहिए।” 

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिला, स्कूल, शिक्षक और बच्चों को पुरस्कृत किया। इस दौरान शिक्षा मंत्री श्रीमती नीरा यादव, शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री एपी सिंह, जैक के चेयरमैन श्री अरविंद प्रसाद सिंह समेत अन्य लोग उपस्थित थे।