मां छिन्नमस्तिके मंदिर में पूजा-अर्चना की प्रणाली निर्धारित करें: सीएम

 

माननीय मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने शनि‍वार को रामगढ़ परिसदन में मां छिन्नमस्तिके धाम, रजरप्पा को विकसित किए जाने के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के वरीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि देश के प्रमुख धार्मिक तीर्थ स्थल के रूप में मां छिन्नमस्तिके धाम, रजरप्पा को विकासित करने के लिए हर संभव प्रयास करें। रांची से रजरप्पा की दूरी भी कम है, इसलिए वे सब परिवार छुट्टी के दिनों में भी यहां आकर पर्यटन विकास के काम को देखें। उन्होंने कहा कि तिरूपति के तर्ज पर यहां राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार धार्मिक पर्यटन की मूलभूत सुविधाएं विकसित की जानी है, जिसका प्रथम चरण इस साल के अंत तक पूरा कर लिया जाना है। इसके बाद तुरंत दूसरे फेज का काम शुरू होगा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने-वाले श्रद्धालुओं के लिए पूजा-अर्चना की प्रणाली निर्धारित कर दें। साथ ही, प्रसाद ग्रहण एवं भोजन आदि‍ के लिए अलग से लंगर की सुचारू व्यवस्था कराएं। लंगर में सुबह-शाम दो समय के भोजन एवं नाश्ते का समुचित प्रबंध रखना होगा। खाद्य सामग्रियों एवं प्रसाद के मामले में स्वच्छता की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए। इसके लिए खाद्य सामग्रियों की गुणवत्ता जांच की प्रणाली पूर्व में ही विकसित कर लें।

“प्रसाद एवं भोजन के लिए मूल्य तय होना चाहिए, ताकि यात्रियों को किसी भी प्रकार की समस्या न हो। बिक्री के लिए भी खाद्य सामग्रियों की गुणवता एवं शुद्धता की जांच की व्यवस्था रहे। साथ ही मूल्य भी निर्धारित हों।”

 
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां छिन्नमस्तिके धाम, रजरप्पा के सम्पूर्ण परिसर को रमणीक स्थल के रूप में विकसित किया जाना है, ताकि स्वाभाविक रूप से पर्यटक यहां आने के प्रति आकर्षित हों। क्यू कॉम्पलेक्स में भी यात्री सुविधाओं के साथ-साथ स्वस्थ मनोरंजन की ऐसी व्यवस्था रखें, जिससे पर्यटकों को किसी भी क्षण यात्रा बोझिल न लगे। उन्होंने कहा कि रामगढ़ जिला प्रशासन के द्वारा दर्शन मार्ग में अवस्थित दुकानों को वहां से हटवाकर कहीं दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा। इसके अलावे दामोदर नदी पर झूला पुल एवं भैरवी नदी पर भी पुल बनाया जाना है। 

“यात्रियों की सुविधा के लिए अमानती सामान घर की व्यवस्था रहेगी, ताकि लोग अपने सामानों को सुरक्षित रखकर पूजा-अर्चना एवं भ्रमण कर सकेंगे। सभी कार्यों में गुणवता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा। इसके लिए सभी संबंधित पदाधिकारियों को समय-समय पर आकर निर्माण कार्य का स्वयं पर्यवेक्षण करना है।” 

बैठक में उपायुक्त रामगढ़ श्रीमती राजेश्वरी बी ने कहा कि परिसर से अतिक्रमण हटाने एवं तकनीकी पदाधिकारियों एवं निर्माणकर्ता एजेंसी से नियमित समन्वय के लिए जिला प्रशासन के द्वारा एक नोडल ऑफिसर की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है, ताकि किसी भी समस्या की स्थिति में वे वरीय पदाधिकारियों के साथ संपर्क कर तत्काल कार्रवाई करें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री सुनील कुमार वर्णवाल, सचिव, पर्यटन, कला संस्कृति, खेल-कूद एवं युवाकार्य विभाग श्री मनीष रंजन, सचिव पथ निर्माण श्री केके सोन, सचिव कृषि-पशुपालन मत्स्य एवं सहकारिता श्रीमती पूजा सिंघल, एडीजी श्री आरके मल्लिक, उपायुक्त रामगढ़ श्रीमती राजेश्वरी बी, हजारीबाग के एसपी श्री अनीश गुप्ता, वन विभाग के श्री संजय कुमार सहित सभी विभागों से संबंधित वरीय पदाधिकारिगण उपस्थित थे।