संथाल परगना का विकास सरकार की प्राथमिकता: समीक्षा बैठक में बोले सीएम रघुवर दास

 

माननीय मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने बुधवार को कहा कि आजादी के बाद से ही संथाल परगना राज्य का सबसे पिछड़ा क्षेत्र है। शिक्षा, बिजली, सड़क, पानी समेत हर क्षेत्र में पिछड़ा है। 2014 में सरकार में आने के बाद से हमने संथाल के विकास पर विशेष जोर दिया है। इसके नतीजे भी दिख रहे हैं, लेकिन अभी भी काफी कुछ करना बाकी है। यहां के लोगों के जीवन में बदलाव लाकर ही हम वास्तविक विकास ला सकेंगे। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं को लागू कर हम इस क्षेत्र में अमूल-चूल परिवर्तन कर पाएंगे। मुख्यमंत्री ने ये बातें झारखण्ड मंत्रालय में संथाल परगना प्रमंडल में फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा के दौरान कही। बैठक में सौभाग्य योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना तथा एसपीरेशनल जिलों के लिए बनाई गई कार्य योजना, प्रत्येक प्रखण्ड के उत्कृष्ट कार्य करने वाले सखी मंडल के अध्यक्ष और 500 से अधिक आबादी वाले गांवों की सूची तैयार किए जाने की समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सौभाग्य योजना के तहत जैसे ही घर-घर बिजली पहुंचेगी, लोगों के जीवन में बदलाव आएगा। बच्चे देर तक पढ़ सकेंगे। दुकानें देर तक खुल सकेंगी। टेलीविजन के माध्यम से देश-दुनिया में हो रहे बदलावों से अवगत हो सकेंगे। सौभाग्य योजना के तहत संथाल परगना के हर जिले में दिसंबर 2018 तक घर-घर बिजली पहुंचा दी जाएगी। इसके लिए टाइमलाइन बनाकर काम किया जा रहा है।

योजनाओं को जन आंदोलन बनाकर धरातल पर उतारें

श्री रघुवर दास ने कहा कि हमें झारखण्ड को बिचौलिया, सिंडिकेट, भ्रष्टाचार से मुक्त करना है। गांव के विकास के लिए विभिन्न विभागों की योजनाओं को लागू करने में गांव की आदिवासी विकास समिति/ग्राम विकास समिति को जोड़ें। इससे अवांछित तथा किसी किस्म के बिचौलिये से मुक्ति मिलेगी। साथ ही जनभागीदारी से गांवों का विकास होगा। समय आ गया है कि आदिवासी विकास समिति, ग्राम विकास समिति, महिला स्वयं सहायता समूह (सखी मंडल), डिस्ट्रीक-ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर आदि की मदद से हम अपनी योजनाओं को लागू कराएं। गांव के लोग अपने गांव के विकास कार्यों में रूचि लेंगे, इसलिए लोगों को जोड़ें। जन आंदोलन बनाकर काम करने से योजनाएं तेजी से धरातल पर उतरेंगी। बजट के अलावा कई अन्य माध्यमों से जिलों को राशि मिल रही है। उसका उपयोग छोटी-छोटी योजनाओं को पूरा करने में करें। गरीब, आदिवासी, अनुसूचित जाति, जनजाति आदि के जीवन में बदलाव लाने में पैसे की कमी आड़े नहीं आने देंगे।

 

कालाजार का पूरी तरह सफाया करें

संथाल परगना के कुछ इलाके में अभी भी कालाजार का प्रकोप है। कच्चे घर, सीलन और अंधकार वाले जगह में ये पनपते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान बनने से इन क्षेत्रों में कालाजार जैसी बीमारी पर नियंत्रण पाया जा सकेगा। कालाजार फैलाने वाला कीड़ा कच्चे मकानों में घर बना लेता है। मकान पक्के हो जाएंगे तो नए मरीजों की संख्या कम हो जाएगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग अभियान चलाये।

उज्ज्वला और उज्ज्वला प्लस के लक्ष्य को हासिल करें

मुख्यमंत्री ने कहा कि लाभुकों तक एलपीजी कनेक्शन पहुंच जाएगा,  तो महिलाओं के पास काफी समय बचेगा। इससे वे जीविकोपार्जन के अन्य काम कर सकेंगी। उनका जीवनस्तर ऊपर उठेगा। उज्ज्वला और उज्ज्वला प्लस के लक्ष्य को एक कार्य योजना के तहत पूरा करें।

2 अक्टूबर 2018 तक सभी जिले ओडीएफ हों

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवघर जिला ओडीएफ हो चुका है और 2 अक्टूबर 2018 तक सभी जिले ओडीएफ घोषित हों। अन्य जिले आपस में समन्वय बनाकर महिला रानी मिस्त्री के द्वारा अधिक से अधिक शौचालय का निर्धारित टाइमलाइन के भीतर निर्माण करें। स्वच्छता से बीमारियों से बचा जा सकता है। खुले में शौच जाने से काफी बीमारियां होती हैं।

अज्ञानता ही पिछड़ापन का मुख्य कारण है

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि पिछड़ापन का प्रमुख कारण अज्ञानता है। संथाल में लोगों को शिक्षित कर क्षेत्र का तेजी से विकास किया जा सकता है। विकास हो या सामाजिक समस्या, सबका हल शिक्षा से ही होगा। गांव के पढ़े-लिखे युवकों को घंटी आधारित कक्षा के लिए नियुक्त करें। मॉडल स्कूल पर विशेष फोकस करते हुए अधिक से अधिक नामांकन को बढ़ावा दिया जाए। दूर के बच्चों के आवागमन के लिए यातायात की सुविधा उपलब्ध करायें। कस्तुरबा गांधी बालिका विद्यालय में पढ़ने वाली बच्चियों के कौशल विकास पर भी पूरा ध्यान रहे।

जिस पंचायत में बाल विवाह नहीं होगा, उसे प्रोत्साहन राशि दी जाएगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में बाल विवाह भी एक समस्या है। हमें लोगों को जागरूक कर गैर बाल विवाह गांव, पंचायत, प्रखंड, जिला बनाना है। दो साल तक जहां बाल विवाह नहीं होगा, उस पंचायत को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सीएम ने कहा कि उपायुक्त बिजली के लिए हर दस दिन में बैठक कर समीक्षा करें। इसी प्रकार प्रतिदिन किसी न किसी योजना की समीक्षा करें।

24 मई को होगा जल संग्रहण दिवस का आयोजन

24 मई को जल संग्रहण दिवस का आयोजन किया जा रहा है। इसे वृदह पैमाने पर आयोजित किया जाएगा। इसके तहत बड़े तालाबों के साथ ही संथाल परगना के विभिन्न जिलों के गांव में 411 परकुलेशन टैंक आदिवासी विकास समिति/ग्राम विकास समिति के माध्यम से बनाए जाएंगे। वहीं, 20-29 जून 2018 तक कृषि महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसमें किसानों को बीज, फसल बीमा, सॉयल हेल्थ कार्ड आदि का वितरण किया जाएगा।

बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों के लिए आवास निर्माण में तेजी लायी जा रही है। स्थानीय तौर पर समस्याओं के निराकरण पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि संथाल में पानी की समस्या के निराकरण के लिए तालाब, डोभा, डीप बोरिंग, परकुलेशन टैंक आदि के निर्माण को मिशन मोड में पूरा करें। इससे कृषि कार्यों में भी मदद मिलेगी।

बैठक में मुख्य सचिव श्री सुधीर त्रिपाठी, विकास आयुक्त श्री अमित खरे, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह, जल संसाधन के अपर मुख्य सचिव श्री डीके तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री सुनील कुमार वर्णवाल, विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव, सचिवगण, जामताड़ा, देवघर, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहेबगंज के उपायुक्त उपस्थित थे।