मुख्यमंत्री ने की उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल में फ्लैगशि‍प योजनाओं की समीक्षा

 

माननीय मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने मंगलवार को कहा कि 500 और उससे अधिक की आदिवासी आबादी वाले गांव में केंद्र सरकार की गरीबोन्मुखी योजनाओं को अभियान चला कर धरातल पर उतारा जाएगा। ‘हुल दिवस’ पर 30 जून से एक महीने तक यह अभियान चलेगा। इसमें सौभाग्य योजना के तहत घर-घर बिजली पहुंचाना, उजाला योजना के तहत एलईडी बल्ब वितरण, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन बांटना, प्रधानमंत्री जन-धन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना तथा मिशन इंद्र धनुष (टीकाकरण) योजना को लाभुकों तक शत प्रतिशत पहुंचाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने उक्त बातें झारखंड मंत्रालय में उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल में फ्लैगशि‍प योजनाओं की समीक्षा के दौरान कही।


मुख्यमंत्री ने कहा कि 24 मई को पूरे राज्य में जल संग्रहण दिवस मनाया जाएगा तथा इस दौरान पूरे राज्य में एक साथ 1000 तालाब के निर्माण की शुरुआत होगी। 20-29 जून तक प्रत्येक प्रखण्ड में कृषि महोत्सव का आयोजन किया जाए, जिसमें किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाए और उनकी समस्याओं का निराकरण किया जाए।

सौभाग्य योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों को निर्देश दिया कि स्कूल, आंगनबाड़ी, हेल्थ सेंटर आदि को प्राथमिकता के आधार पर बिजली कनेक्शन दें। ऊर्जा विभाग ने पूरे राज्य में हर घर तक विद्युतीकरण के लिए एक टाइमलाइन दिया है। अपने-अपने जिले के टाइमलाइन की समीक्षा उपायुक्त हर दस दिन में करें। मुख्यमंत्री उद्यमी बोर्ड तथा पंचायती राज के तहत प्रखण्ड समन्वयकों के माध्यम से उपायुक्त गांवों में उपलब्ध कराई जा रही बिजली कनेक्शन की थर्ड पार्टी के रूप में जांच भी करायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी उपायुक्त प्रत्येक दिन सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं में किसी एक योजना की समीक्षा करें।

“स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय बनवाने के साथ ही इन शौचालयों के उपयोग के लिए जागरुकता एवं उत्प्रेरण कार्यक्रम भी चलाएं,  ताकि इनका उपयोग अधिक से अधिक हो। हर हाल में 2 अक्टूबर 2018 तक पूरे राज्य में स्वच्छता अभियान के तहत शौचालय निर्माण के लक्ष्य को पूरा करें।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्ज्वला योजना के लक्ष्य को हासिल करने के लिए लोगों को जागरूक कर काम में तेजी लाएं। साथ ही, उज्ज्वला प्लस के तहत सूची तैयार करें और लाभान्वित करने हेतु कार्रवाई करने का निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों में स्कूलों की कमी है, उन क्षेत्रों में स्कूल खोलने पर जोर दें। राज्य में मॉडल स्कूलों में नामांकन बढ़ाएं, ताकि उनमें शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाया जा सके। उपायुक्त अपने क्षेत्र के सरकारी स्कूलों के प्राचार्यों के साथ बैठक कर स्वच्छता के लिए प्रोत्साहित करें।

“जिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, वहां उसी गांव के पढ़े-लिखे लोगों को घंटी आधारित कक्षा के लिए नियुक्त करें। गांव के ही पढ़े-लिखे लड़कियों को एएनएम का प्रशिक्षण देकर हेल्थ सेंटर में एएनएम के रूप में नियुक्त करें।”

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी जिले मानसून के पूर्व अधिकतम कार्य को पूरा कराएं। साथ ही, गांव में ही दीवार लेखन के द्वारा प्रधानमंत्री आवास के लिए प्रतीक्षा सूची के लाभुकों का नाम प्रदर्शित करें, ताकि कोई भी व्यक्ति ग्रामीणों को बहला फुसला न सके। बैठक में मुख्य सचिव श्री सुधीर त्रिपाठी, विकास आयुक्त श्री अमित खरे, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री सुनील कुमार वर्णवाल समेत विभागों के प्रधान सचिव, सचिव, उत्तरी छोटानागपुर प्रमण्डल के सभी जिलों के उपायुक्त उपस्थित थे।