हमारी संस्कृति को बचाने में आदिवासी समाज का बहुत बड़ा योगदान- रघुवर दास

 

भारत को फिर से विश्वगुरु बनाना है। इसके लिए भारतीय संस्कृति, सभ्यता और भाषा को बढ़ावा देना जरूरी है। हमारी संस्कृति और सभ्यता हजारों वर्ष पुरानी है। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने निवारणपुर स्थित प्रज्ञा प्रवाह के लोकमंथन 2018 कार्यालय के उद्घाटन के बाद उपस्थित बुद्धिजीवियों को संबोधित करते हुए कही।

“मैं सर्वप्रथम लोकमंथन के सभी अधिकारियों और कार्यकर्ताओं को साधुवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने झारखंड जैसे वनवासी और आदिवासी क्षेत्र को लोकमंथन के द्वितीय कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए चुना। हमारी सदियों पुरानी संस्कृति को बचाने में आदिवासी समाज का बहुत बड़ा योगदान है। ऐसे क्षेत्र में लोकमंथन जैसे कार्यक्रम से देश में झारखंड का भी संदेश जाएगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम बहुत भाग्यशाली हैं कि भारत जैसे देश में हमारा जन्म हुआ। भारत के पास हजारों साल का इतिहास है, संस्कृति और मानव सभ्यता है। जिस तरह अंग्रेज हमारे देश में व्यापार करने के साथ-साथ शासन करने आए और समाज को तोड़ने का काम किया। इसके बावूजूद  देश को आजादी मिली, लेकिन आज भी उससे ज्यादा देश विरोधी शक्तियां देश को तोड़ने का काम कर रही हैं। हमारे अखंड भारत को ऐसी शक्तियां छिन्न-भिन्न करने में लगी हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को किसी नेता या किसी सरकार ने नहीं बनाया, भारत को हमारे ऋषि मुनियों, संतों, साहित्यकारों और नाटककारों ने बनाया है। ऐसे लोकमंथन जैसे कार्यक्रमों से हमें ऐसा संदेश देना है जिससे भारत फिर से विश्वगुरु बने और भारत विश्व को संदेश देने वाला वाहक बने। हमें समाज को शक्तिशाली बनाना चाहिए,  सरकार तो बहुत छोटी चीज है। आपको हम भरोसा दिलाते हैं कि सिर्फ सरकार ही नहीं, बल्कि झारखंड की सवा 3 करोड़ जनता लोकमंथन जैसे कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए अपना योगदान देगी। कार्यक्रम में संघ के सह सर कार्यवाह सदस्य दत्तात्रेय होसबोले,  श्री जे नंदकुमार, श्री मयंक रंजन, श्री नंद कुमार इंदू समेत बड़ी संख्या में गणमान्य बुद्धिजीवि  उपस्थित थे।