मुख्यमंत्री ने सुनी लोगों की समस्याएं, बोले- जनता का शासन पर विश्वास बढ़ा

 
 

 

जनसंवाद कार्यक्रम के जरिए माननीय मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने सूचना भवन में लोगों की शिकायतें सुनीं। इसका निपटारा करने का आदेश तुरंत अधिकारियों को दिया। जनसंवाद के माध्यम से मिली शि‍कायतों के निपटारे पर खुशी जाहिर करते हुए संबंधि‍त विभाग के अधि‍कारियों और कर्मचारियों को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जि‍ला प्रशासन और संवेदनशील बनें। खास कर दिव्यांगों और छोटे-छोटे मामले का निपटारा जिला स्तर पर ही पूरा कर लिया जाए।  हमारे सरकार की सोच है कि शासन और जनता के बीच खाई को मिटाना है। अभी तक 1 लाख 55 हजार शि‍कायतों का निपटारा हुआ है, जो सराहनीय है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता का शासन पर विश्वास बढ़ा है। अधि‍कारी जनता के सहयोग में सहभागी बनें। जनता की जो महत्वपूर्ण मांग है,उस पर ध्यान दें। लोकतंत्र जनता का, जनता के लिए और जनता द्वारा शासन है, इसलिए शासन जनता से अधि‍क से अधि‍क कनेक्टिविटी करे। हमें पूर्ण विश्वास है कि संवाद होने से बहुत सारी समस्याओं का समाधान हो जाता है। जनता के साथ हमारा संवाद लगातार बने रहना चाहिए। इस दौरान माननीय मुख्यमंत्री ने स्थानीय निकाय चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए भी अधि‍कारियों और कर्मचारियों को धन्यवाद दिया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांग के प्रति ये सोच रखना कि ये दया के पात्र हैं तो ये गलत है। बल्कि उनकी सेवा करना हमारा कर्म है। ये भाव प्रशासन के अधि‍कारी और कर्मचारी में होना चाहिए। इस संबंध में और संवेदनशील होकर काम करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिवि‍ल सर्विस डे पर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने कहा था कि जनता की अधि‍क से अधि‍क शासन में भागीदारी हो, क्योंकि लोकतंत्र जनता का, जनता के लिए और जनता द्वारा शासन है।
मुख्यमंत्री ने जि‍लावार और विभागवार मिली कुल 23 शि‍कायतें सुनीं और जल्द से जल्द उसके निपटारे के निर्देश दिए। इनमें मुख्य रूप से गुमला, लोहरदगा, धनबाद, गिरिडीह,हजारीबाग, चतरा, बोकारो, सिमडेगा, खूंटी, कोडरमा, रांची, रामगढ़, देवघर, पश्चि‍मी सिंहभूम, गढ़वा, पाकुड़ जिले से शि‍कायतें आई थीं। शि‍कायतों में मुख्य रूप से मजदूरों की वेतन भुगतान में देरी का मामला, स्कूल की जर्जर हालत, फसल बीमा भुगतान समय पर न होने, पैसे के अभाव में इलाज में देरी का मामले उनके सामने रखे गए थे।


एक मामला पश्चि‍मी सिंहभूम जिले का था, जहां बड़ा लागिया पंचायत के रोरो गांव में मनरेगा योजनाओं के तहत 14 मजदूरों का वेतन भुगतान में देरी की शिकायत की थी। इस पर मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने डीसी को जल्द से जल्द वेतन भुगतान कराने को कहा। इसके साथ ही ये भी कहा कि मुखिया या  पंचायत सचिव आरोपी है तो उन पर जल्द से जल्द एफआईआर कर कार्रवाई की जाए।
वहीं, खूंटी से पैसे के अभाव में अपनी पत्नी की इलाज न कराने पाने की शि‍कायत लेकर पहुंचे शख्स को मुख्यमंत्री ने रिम्स में इलाज कराने का आश्वासन दिया। इसी तरह रामगढ़ में फसल बीमा न मिलने की शि‍कायत पर मुख्यमंत्री ने जल्द से जल्द फसल बीमा भुगतान कराने को कहा। रामगढ़ से ही एक दिव्यांग ने शि‍कायत करते हुए कहा कि उसे प्रशि‍क्षण नहीं दिया जा रहा है? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आप जहां भी चाहो प्रशि‍क्षण ले सकते हो। इसके लिए उन्होंने संबंधि‍त अधि‍कारियों को निर्देश दि‍या। इसी तरह अन्य जिलों के अधि‍कारियों को भी समस्याओं को जल्द से जल्द समाधान करने के लिए कहा।

बता दें, मुख्यमंत्री जनसंवाद के तहत 87.21℅ शिकायतों का निष्पादन हुआ। 1 मई 2015 से शुरू हुआ मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र के तहत कुल 678681 लोगों ने संपर्क साधा। जनसंवाद में 2,07057 शिकायतें पंजीकृत हुई। 2,07,057 पंजीकृत शिकायतों से 1,78,390 (86.16%) शिकायतों को जिला और विभाग में अग्रसारित किया गया। स्थानीय स्तर पर जन शिकायतों का निष्पादन हुआ, जिनकी संख्या 28667(13.84%) है। मुख्यमंत्री जनसंवाद के तहत संतोषजनक निष्पादित कुल शिकायतों की संख्या 1,55,566 (87.21℅) है। वर्तमान में जनसंवाद में लंबित शिकायतों की संख्या 22824 (12.79%) है।