गरीबों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध

 

रांची के धुर्वा स्थित शहीद मैदान में आयोजित अखिल भारतीय रौतिया समाज विराट महाधिवेशन का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि अनुसूचित जाति, जनजाति, गरीब एवं पिछड़ों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। वर्ष 2022 तक समृद्ध झारखंड का निर्माण करना सरकार का लक्ष्य है। संकल्प से ही सिद्धि मिलती है। हम सभी का एक संकल्प होना चाहिए कि राज्य में कोई गरीब ना हो, अशिक्षित ना हो, बीमार ना हो एवं बेघर ना हो। राज्य सरकार द्वारा पिछले 4 वर्षों में कई लोक कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया गया है। राज्य के गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर दिए जा रहे हैं। 

“वर्ष 2019 तक पूरे राज्य को खुले में शौच से मुक्त बनाना सरकार का लक्ष्य है। स्वच्छ झारखंड स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध प्रयास कर रही है। वर्ष 2019 तक झारखंड के सभी गरीब परिवारों के घरों में शौचालय निर्माण किया जाएगा।

     

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि झारखंड की महिलाएं बहुत ही मेहनती और ईमानदार होती हैं। महिलाओं के समग्र विकास हो, इस हेतु सरकार कृतसंकल्पित है। सरकार द्वारा वैसे गरीब परिवार जिनके पास एलपीजी कनेक्शन नहीं है,उन्हें उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन से जोड़ा जा रहा है। झारखंड पहला ऐसा राज्य है, जहां LPG की पहली रिफिलिंग मुफ्त में दी जा रही है। सरकार का यह लक्ष्य है कि वैसे जनजाति आदिवासी गरीब तबके के लोग जिन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की आवश्यकता है, उन्हें भी एलपीजी गैस कनेक्शन दिया जाएगा।

“पूरे राज्य में अभी तक13लाख LPG कनेक्शन दिए जा चुके हैं और बाकी 15 लाख परिवारों तक गैस कनेक्शन पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। पिछले 4 वर्षों में गरीबों को भी देश की अर्थव्यवस्था से जोड़ा गया है।

इस दौरान मुख्यंत्री रघुवर दास ने महिलाओं से अपील की कि वो समूह बनाकर स्वरोजगार से जुड़े, सरकार हर संभव उन्हें मदद करेगी। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने हेतु राज्य सरकार कई तरह के कार्यक्रम चला रही है। राज्य में अब रेडी टू ईट कार्यक्रम को भी महिलाएं ही चलाएंगी। आने वाले समय में सरकार कई योजनाओं को महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने हेतु ला रही है । राज्य में महिलाएं समूह बनाकर हवाई चप्पल निर्माण, उद्योग, जूता निर्माण के इत्यादि कार्यों से भी जुड़ कर स्वावलंबी बनेंगी।

गांव समृद्ध होंगे तभी राज्य एवं देश समृद्ध होगा। गांव के समग्र विकास हेतु अब ग्राम विकास समिति का गठन किया जा रहा है। ग्राम विकास समिति के गठन होने से गांव की योजनाओं को गांव के ही लोग बनाएंगे और कार्यान्वित करेंगे। ग्राम विकास समिति के गठन होने से बिचौलिया एवं दलालों से ग्रामीणों को मुक्ति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में रोजगार का सृजन करना सरकार की प्राथमिकता है। सरकार द्वारा कौशल विकास योजना पर जोर दिया गया है। बेरोजगार युवक-युवतियों को हुनरमंद बनाकर उन्हें रोजगार से जोड़ा जा रहा है। झारखंड से ही मीठी क्रांति की शुरुआत हुई है। राज्य के 10 हजार किसानों को मधुमक्खी बक्सें नि:शुल्क दिए गए हैं।  किसानों द्वारा उत्पादित शहदको राज्य सरकार खरीदेगी। इस हेतु पतंजलि कंपनी से बहुत जल्द ही एक इकरारनामा भी किया जाएगा।समाज सबसे बड़ी ताकत होती है। मजबूत संगठन से ही मजबूत समाज की परिकल्पना पूरी होगी।

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि रौतिया समाज की पहचान राष्ट्रवादी समाज के रूप में की जाती है। रौतिया समाज द्वारा सरकार के समक्ष जो मांग रखी गई है, उसे राज्य सरकार द्वारा अनुशंसित कर भारत सरकार को प्रतिवेदित किया गया है। मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे शिक्षित समाज के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। बेटी-बेटे में फर्क ना करें। बेटा के साथ-साथ बेटियों को भी पढ़ाने का कार्य करें। शिक्षा सिर्फ डिग्री प्राप्त करने का साधन नहीं है अपितु शिक्षा से ज्ञान मिलता है। 

“राज्य से गरीबी मिटाने का मूल मंत्र शिक्षा ही है। बेटियों की शादी कम उम्र में कतई नहीं करें। बेटियों को पढ़ा-लिखा कर आगे बढ़ने का पूरा मौका दें। समाज को नशा मुक्त बनाने हेतु लोगों को जागरूक करें। समाज से डायन बिसाही आदि भ्रांतियों को दूर करने हेतु लोगों को जागरुक करना हम सभी का कर्तव्य है।

 

कार्यक्रम में गुमला विधायक श्री शिवशंकर उरांव, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री नंद कुमार साय, झारखंड प्रदेश अखिल भारतीय रौतिया समाज के केंद्रीय अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश साय, प्रदेश अध्यक्ष श्री लालदेव सिंह, सचिव श्री कुलदीप सिंह, अध्यक्ष छतिसगढ़ वनौषधि बोर्ड श्री राम प्रताप सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री अखिल भारतीय रौतिया समाज सुरेंद्र सिंह, रौतिया समाज झारखण्ड तथा अन्य प्रदेशो से समाज के अधिकारीगण, झारखण्ड,  ओडिशा, छत्तीसगढ़ तथा अन्य प्रांतों से आये बड़ी संख्या में रौतिया समाज के लोग उपस्थित थे।