संथाल परगना में समस्याएं बहुत, कड़ी मेहनत और समाज के सहयोग से करेंगे दूर- रघुवर दास

 

एसपिरेशनल डिस्ट्रिक्ट इनिशिएटिव के तहत दुमका में  माननीय मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने जिला के अधिकारियों के साथ रिव्यू मीटिंग की। इस दौरान श्री रघुवर दास ने कहा कि गरीबी असामाजिक तत्वों को जन्म देती है। सरकार का मकसद युवाओं को रोजगार से जोड़ना है। रोजगार से जुड़ने के बाद यूथ का आर्थिक विकास होगा, जिससे बेहतर समाज का निर्माण होगा।

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि संथाल परगना में समस्याएं बहुत हैं। कड़ी मेहनत और परस्पर सहयोग से हम इन समस्याओं को दूर कर सकते हैं। सभी को अपनी जिम्मेदारी तय करनी होगी। समाज से लेकर  जिला प्रशासन सभी को अपने-अपने स्तर पर काम करने की जरुरत है, तभी राज्य का समग्र विकास संभव है।

अधिकारियों को संबोधित करते हुए श्री रघुवर दास ने कहा कि आपको समाज का भला करने की जिम्मेदारी मिली है। कुछ ऐसा काम करके यहां से जाएं कि आपको जाने के बाद लोग याद रखें।

संथाल परगना की समस्याओं पर श्री रघुवर दास ने कहा कि अशिक्षा, अज्ञानता के कारण ही संथाल परगना पिछड़ा है। शिक्षकों के अभाव में स्कूलों में पढ़ाई नहीं होती है। शिक्षित युवाओं को पढ़ाने का काम दिया जा सकता है। इस वजह से जीरो ड्रॉपआउट के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकेगा। इसके साथ गांव के युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध होगा।

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि संथला परगना में कुपोषण एक बड़ी समस्या है। कुपोषण को खत्म करने के लिए सखी मंडल घर-घर जाकर स्थानीय भाषा में लोगों को जागरूक करें। स्थानीय भाषा में बुकलेट लोगों को उपलब्ध कराएं ताकि उसे पढ़कर इस समस्या को समाज से खत्म किया जा सके। स्कूल के टीचर बच्चों को कम से कम एक घंटा इस विषय के बारे में बताएं ताकि आने वाले समय में कुपोषण खत्म हो और एक स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके।

दुमका उपायुक्त मुकेश कुमार को निर्देश देते हुए श्री रघुवर दास ने कहा कि डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर और ब्लॉक कोऑर्डिनेटर की बैठक करें।

माननीय मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि 14वें वित्त आयोग की राशि से गांव का विकास किया जाए। 14वें वित्त आयोग का पैसा गांव के विकास के लिए ही दिया गया है। आदिवासी विकास समिति/ग्राम विकास समिति बनाया जाए और गांव के विकास की रूपरेखा उनके द्वारा तय की जाए। ‘अपना गांव,अपना काम’के द्वारा गांव के ही लोगों के द्वारा ही गांव के विकास का ब्लू प्रिंट तैयार किया जाए। ऐसा करने से बिचौलियों की भूमिका भी  खत्म होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को बहुफसलीय कृषि के लिए प्रेरित करें। परती भूमि पर सोलर फॉर्मिंग के साथ-साथ एलोवेरा की भी खेती की जा सकती है। रेडी-टू-ईट मशीन लगाया जाए जिसकी मदद से सखी मंडल के द्वारा हर गांव के हर आंगनबाड़ी केन्द्र तक सामग्री पहुंचाई जाएगी। उन्होंने पोल्ट्री फेडरेशन की स्थापना पर जोर देते हुए कहा कि इससे जुड़कर महिलायें आत्मनिर्भर बन सकती है। उन्होंने कहा कि जन सहयोग से ही योजना को शक्ति मिलती है। अधिकारी समर्पण के भाव से कार्य करें। सरकार बेरोजगारी और गरीबी को दूर करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। सरकार का लक्ष्य गरीबी और बेरोजगारी को खत्म करना है।

इससे पहले दुमका के उपायुक्त मुकेश कुमार ने नीति आयोग के द्वारा निर्धारित विभिन्न इंडीकेटर्स पर जिला प्रशासन द्वारा किए गए कार्यों को पीपीटी के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास के सामने पेश किया।