पेपर वर्क की जगह गांव-गांव जाकर योजनाओं का रिव्यू करें अधिकारी: रघुवर दास

 

झारखंड मंत्रालय में ‘ट्रांसफॉरमेशन ऑफ एसपिरेशनल डिस्ट्रिक्ट इन झारखंड’ विषय पर आयोजित हाईलेवल मीटिंग में मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने 19 जिलों के जिला उपायुक्तों और विभाग के सचिवों के साथ बैठक की। इस बैठक में केंद्रीय गृह सचिव श्री राजीव गौबा ने शिरकत की। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के लोगों को आसानी से लोन उपलब्ध कराने के लिए आयोग, निगम आदि को वित्तीय शक्ति प्रदान की जायेगी। राज्य में आदिवासी सहकारिता निगम, अनुसूचित जाति आयोग को फंड उपलब्ध कराया जायेगा। पिछड़ा वर्ग के लिए भी वित्त निगम बनाया जाएगा। इससे इन वर्ग के लोगों को छोटे-मोटे उद्योग-व्यवसाय के लिए आसानी से लोन मिल सकेगा। उन्हें बैंकों के चक्कर नहीं काटने होंगे। वहीं, इस बैठक में मौजूद केंद्रीय गृह सचिव श्री राजीव गौबा ने कहा कि झारखण्ड के पिछड़े जिलों का समग्र विकास सरकार की प्राथमिकता है। झारखण्ड के 24 जिलों में से 19 जिले पिछड़े जिलों की श्रेणी में शामिल हैं। नीति आयोग द्वारा पिछड़े जिलों के रूप में चिन्हित जिलों में तेज गति से विकास हो इस पर आज की बैठक में विशेष चर्चा की गई। वहीं,इस बैठक में मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने ये जानने की कोशिश की जिलों में पिछले 3.5 साल में स्थिति को बेहतर करने की क्या कोशिश हुई और कौन से ऐसे काम बाकी है, जिनको करने से स्थितियां बेहतर हो जाएंगी।

मीटिंग के दौरान बोलते हुए मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि 70 सालों से केवल पेपर रिव्यू होते आए है। जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हुआ। सभी जिलों के उपायुक्तों और सचिवों को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि अधिकारी गांव-गांव जाकर योजनाओं का रिव्यू खुद करें, केवल पेपर पर काम न करें।

सभी डीसी को काम करने की पूरी आजादी है। गरीबी को अगर झारखंड से भगाना है, तो शिक्षा बहुत जरूरी है। जहां पर शिक्षकों की कमी है,वहां पर उसी शहर के, टोले के ग्रेजुएट लड़के लड़कियों को कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर टीचर की नौकरी के लिए रखें। ऐसा सिस्टम मेडिकल के लिए भी बना सकते हैं, जहां एएनएम की कमी है। ग्रेजुएट लड़ेक- लड़कियों को नौकरी पर रखने से पहले एक हफ्ते की ट्रेनिंग भी दी जाए।

विरोधियों को निशाने पर लेते हुए मुख्यमंत्री श्री रघवर दास ने कहा कि जेएमएम और कांग्रेस विकास विरोधी हैं। उन्होंने ना विकास किया है, ना होने दे रहे हैं। उनको डर है कि अगर लोग शिक्षित हो जाएंगे, तो वोट बैंक की राजनीति बंद हो जाएगी।

हमारे आदरणीय प्रधानमंत्री जी जनभागीदारी की बात करते हैं। हम जनभागीदारी के जरिए ज्यादा विकास कर सकते हैं। इसके साथ ही वहां के लोगों को काम भी मिलेगा। हर एक हफ्ते में सभी डीसी और सचिव एक- एक विभाग की मीटिंग करें कि चीजें कहां तक पहुंची है। केवल बीडीओ और नीचे के लेवल के अधिकारियों पर विकास की सारी जिम्मेदारी ना डालें। खुद भी नजर बनाए रखें, तभी गांव-गांव विकास पहुंचेगा।

श्री रघुवर दास ने अधिकारियों से कहा कि जहां अभी तक बिजली नहीं पहुंची, वहां पर सोलर फॉर्मिंग कराएं। सबसे पहले यह तय करें कि जिले का कौन सा प्रखंड पिछड़ा है।सबसे पिछड़ी पंचायत कौन सी है। तब हम इनोवेटिव आइडिया के जरिए उन इलाकों का विकास कर सकेंगे।

श्री रघुवर दास ने कहा कि जिन गांव की महिलाओं के आय का कोई साधन नहीं हैं, उन महिलाओं को संखी मंडल के जरिए जोड़े। गांव में 30-30 महिलाओं के 10 समूह बनाकर उनको चप्पल बनाने की ट्रेनिंग दी जाए। इन महिलाओं को ट्रेनिंग देने का काम प्रेम फुटवेयर करेगा। उसके बाद ये महिलाएं घर पर चप्पलों के बनाने का काम करेंगी। उसके बाद महिलाएं उन चप्पलों को खुद बेचेंगी, जिसकी कीमत 99 रुपए होंगी। अगर वो इसको बेच नहीं पाती है, तो प्रेम फुटवेयर इन चप्पलों को द खरीदेगा। अधिकारियों को नसीहत देते हुए कहा कि राज्य के सभी जिलों के डीसी आपस में कनेक्ट हो जाएं। अगर किसी अधिकारी के पास कोई आइडिया हो। उससे जिले की तस्वीर बदली हो, तो दूसरे जिले के डीसी तुरंत उस मॉडल को फॉलो करें। जिससे राज्य का हर जिला विकास के रास्ते पर चल सके। अपनी सरकार की तारीफ करते हुए श्री रघुवर दास ने कहा पिछले 3.5 वर्षों में झारखंड का विकास हुआ। इस विकास में टीम झारखंड का बड़ा योगदान है। राज्य के पुलिस अधिकारियों की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य में अगर नक्सलियों का आतंक कम हुआ है, तो उसमें झारखंड के सभी आईपीएस ऑफिसर का बहुत बड़ा योगदान है। हम टीम झारखंड की बदौलत राज्य में विकास की बयार ला सकते हैं।