सिमडेगा के विकास के लिए 50 करोड़ का अतिरिक्त फंड देगी राज्य सरकार

 

सिमडेगा के बोलबा स्थित वनदुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित शतचंडी महायज्ञ और प्राण प्रतिष्ठा समारोह में मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने हिस्सा लिया। इस दौरान श्री रघुवर दास ने पूजा-अर्चना कर सरहुल और नवरात्र की बधाई दी। लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मां शब्द बहुत अहम है। सृष्टि का निर्माण मां के बगैर संभव नहीं है। हम सबकी तीन मां है। एक मां, जिसने हमें जन्म दिया। दूसरी मां जो हमें शक्ति देती है और तीसरी मां, हमारी भारत माता है। इस मां की शक्ति से हमने देश की सेवा करने का संकल्प लिया है।

“मैंने मां दुर्गा से यही प्रार्थना करते हुए कहा है कि मां, मुझे इतनी शक्ति दो कि इस समृद्धि झारखंड में मौजूद गरीबी को आने वाले 4-5 साल में पूरी तरह खत्म कर दूं। हर गरीब की जिंदगी खुशहाल हो, हर गरीब अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे सके, अच्छे कपड़े पहन सके, यही प्रार्थना मैंने मां से की है। 

 

भारतीय संस्कृति का महत्व बताते हुए मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि, इसे किसी नेता ने नहीं बनाया, बल्कि मुनियों, सूफी संतों ने बनाया है। इस प्राचीन संस्कृति की बदौलत भारत कभी विश्वगुरु था। आज फिर से ऐसा होता दिख रहा है। इस विश्वगुरु की हैसियत को पाने के लिये हम सभी देशवासियों को मिलजुल कर प्रयास करने की जरूरत है। हमारे देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी लगातार इस प्रयास में जुटे हुए हैं कि भारत पुन: विश्वगुरू बने। इसके लिये पिछले 4 साल में कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए। कई कदम उठाए गए। हम सभी झारखंडवासियों को भी नए भारत के निर्माण में अपना योगदान देना है। 

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से हमें शक्ति मिलती है। अच्छा काम करने के लिये सद्बुद्धि मिलती है। यज्ञ से हमें ऊर्जा मिलती है। वातावरण साफ होता है। शुद्ध विचार आते हैं। हमें सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।

 

“हमारा धर्म किसी से भेदभाव नहीं करता। ये कहता है कि पूरा संसार हमारा परिवार है। हमारा ये धर्म मानव कल्याण की बात करता है। मैं भी व्यक्तिगत रूप से और हमारी सरकार भी सभी धर्मों का एक समान आदर करती है। हमारे संविधान में इस बात की इजाजत नहीं दी गई है कि किसी की गरीबी, लाचारी का फायदा उठा कर धर्म परिवर्तन कराया जाये। झारखंड में भी ऐसा कोई कानून नहीं बना है। अगर कोई गरीबी का लालच देकर, डर दिखाकर किसी गरीब का धर्म बदलवाने की कोशिश करता है, तो हम उसे जेल भेजेंगे।”

 

मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वो अपने क्षेत्र में जागरूक रहें, कोई यदि गरीब भाईयों-बहनों का जबरन धर्मांतरण करवाता है या उसकी कोशिश करता है तो इस रोकना अपना धर्म समझें। ऐसी खबर की जानकारी तुरंत शासन और प्रशासन को दें ताकि जबरन धर्मांतरण करने वालों पर कानूनी कार्रवाई हो सके। ऐसी जागरूकता समाज में रहनी चाहिये। कोई स्वेच्छा से कोई धर्म अपनाए, हमें कोई आपत्ति नहीं है, ये सबकी आस्था का विषय है। अगर गरीबों का नाजायज फायदा उठाकर धर्म परिवर्तन करने का कोई काम करेगा तो रघुवर दास की सरकार उसे जेल भेजेगी। चाहे वो कितनी बड़ी हस्ती क्यों न हो।

 

लोगों से अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हर काम सरकार नहीं कर सकती। समाज में जागरूकता के साथ एकता होनी चाहिए। इसके लिए हमें अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। 

“समाज में कोई व्यक्ति गरीब है तो उसके सुख- दुख में खड़ा रहना चाहिए। गरीब को भगवान भरोसे नहीं छोड़ना चाहिए। हमारे समाज,गांव,टोले में कोई गरीब है। उसकी मदद कीजिए। अगर मदद नहीं कर पाएं तो सरकार को बताइए। 181 नंबर पर फोन कीजिए। हमारी सरकार यथासंभव उस गरीब को मदद पहुंचाएगी।”

कुटुंब व्यवस्था को नारी शक्ति ने संभाल कर रखा हुआ है। हमारी सरकार भी यही चाहती है कि महिला शक्ति राज्य और देश की शक्ति बने। इसके लिए हमारी सरकार ने सशक्त योजनाओं की शुरुआत की है। अभी आप देखेंगे कि अप्रैल महीने से रेडी टू ईट योजना के तहत महिलाओं को सखी मंडल के जरिए रोजगार सृजित करने जा रहे हैं। आंगनबाड़ी के माध्यम से रेडी टू ईट कार्यक्रम के तहत स्कूलों में बच्चों को पौष्टिक आहार दे रहे हैं। उसके लिए सभी मंडलों में प्लांट बनवा रहे है। यहां बनने वाले सभी उत्पादों को सरकार खरीदेगी। पहले ये ठेकेदारों के जरिए खरीदे जाते थे। यही नहीं इन्हें भेजने के लिए ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था महिलाएं ही करेंगी। इस तरह 2-3 महीनों के अंदर 10 हजार  से ज्यादा महिलाओं को रोजगार मिलेगा। पहले स्कूलों में दिए जाने वाले अंडों को हम आंध्र प्रदेश से मंगवाते हैं। अब हम कॉपरेटिव पॉल्ट्री फेडरेशन बना कर आदिवासी बहनों को इस योजना से जोड़ रहे हैं। इसमें 4 लाख की सरकारी मदद मिलेगी, 1 लाख पोल्ट्री फॉर्म के निर्माण के लिये और 3 लाख के चूजे दिये जाएंगे। उसके बाद अंडा उत्पादन को सरकार खरीद लेगी।

स्वच्छता अभियान में अच्छे काम की मुख्यमंत्री ने सराहना की और सिमडेगा के लोगों और प्रशासन को बधाई दी। माननीय प्रधानमंत्री जी ने पिछले महीने ‘मन की बात’ में इस बात का जिक्र किया था। 


“हमारा सिमडेगा जिला काफी पिछड़ा है। हमारी सरकार ने तय किया है कि राजकीय फंड के अलावा 50 करोड़ रुपये जिले के विकास के लिये खर्च किए जाएंगे। मालसरा में एक उत्कृष्ट सांस्कृतिक भवन बनेगा। इसमें जनजातीय सहित सभी समाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियां होंगी। सिमडेगा में सड़कों का जाल बिछेगा। सभी गांव जिला मुख्यालय और आस-पास के जिलों के साथ-साथ रांची से भी सुगमता के साथ ही सड़क परिवहन से जुड़ जाएगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरहुल प्रकृति की जिजीविषा को दर्शाता है। इस जीवन्तता को जनजातीय समुदायों ने अपनी सांस्कृतिक विरासत के रूप में आगे बढ़ाया है। हम वनों को हरा-भरा रखने का संकल्प लेते हुए अपने आने वाले पीढ़ियों को ऐसा ही हरा विकसित और न्यू झारखंड दें। सीएम की जनसभा में विधायक श्रीमती विमला प्रधान, सिमडेगा के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक तथा समाज के गणमान्य नागरिक मौजूद थे।