मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण फैसले

 

राज्य के ग्रामीण विकास में जन-जन की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक गांव में आदिवासी विकास/ग्राम विकास समितियों के गठन की स्वीकृति मंत्रिपरिषद द्वारा दी गई।

श्री अगुस्टिन प्रफुल्ल बेग, तत्कालीन प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, हंटरगंज, चतरा, सम्प्रति-अंचल अधिकारी, हरिहरगंज, पलामू को अनिवार्य सेवानिवृत्त करने की स्वीकृति दी गई। श्री बेग पर इंदिरा आवास कार्यान्वयन में लाभुकों के चयन में अनियमितता का आरोप प्रमाणित पाया गया है।

2.5 करोड़ रुपये से अधिक लागत के जल संसाधन की परियोजनाओं के कार्यान्वयन के उद्देश्य से निविदा प्रक्रिया एवं ठेका शर्तों हेतु लागू स्टैंडर्ड बिल्डिंग डॉक्यूमेंट,  झारखण्ड के सेक्शन-3 की कंडिका-28 की उपकंडिका 28.1 में संशोधन की स्वीकृति दी गई।

पश्चिमी सिंहभूम जिले के सालीहातु कॉलोनी विकसित करने हेतु 3 एकड़ पुरानी परती जमीन नगर विकास एवं आवास विभाग के पक्ष में हस्तांतरित भूमि को झारखण्ड राज्य आवास बोर्ड, रांची को निःशुल्क हस्तांतरण किये जाने की स्वीकृति दी गई।

पाकुड़ जिलान्तर्गत अंचल-आमड़ापाड़ा के मौजा-चिलगोजोरी में कुल रकबा 12.00 एकड़ गैरमजरूआ खास भूमि किस्म-पुरातन पतित पर जवाहर नवोदय विद्यालय-II की स्थापना हेतु नवोदय विद्यालय समिति, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार को निःशुल्क भू-हस्तांतरण करने की स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड विधान मण्डल सचेतक (सुविधा और भत्ता) नियमावली, 2015 में संशोधन करने को मंजूरी दी गई।

माननीय सर्वोच्च न्यायालय में राज्य सरकार का पक्ष रखने हेतु श्री अजीत कुमार सिन्हा, तत्कालीन वरीय स्थायी सलाहकार (सम्प्रति वरीय अपर महाधिवक्ता) के नियुक्ति की घटनोत्तर स्वीकृति एवं शुल्क निर्धारण तथा वरीय स्थायी सलाहकार एवं उनके सहायतार्थ दो कनीय अधिवक्ताओं के पद को समाप्त करने की स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय के लिए 10 लाख रूपये मात्र का Specific Advance  की झारखण्ड कोषागार संहिता के नियम 332 को शिथिल करते हुये निकासी की स्वीकृति दी गई।

स्कीम संख्या-21214 के अन्तर्गत झारखण्ड विधानसभा भवन के निर्माण कार्य हेतु हुडको से रुपये 465 करोड़ का ऋण आहरण करने की स्वीकृति।

ग्रामीण विकास विभाग (ग्रामीण कार्य मामले) द्वारा RIDF-XXIII  के तहत 51-ग्रामीण पुल परियोजनाओं के कार्यान्वयन हेतु राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) से 14310.50 लाख रुपये के ऋण आहरण की स्वीकृति दी गई।

कोडरमा-तिलैया रेलवे लाईन के निर्माण के लिए रेल मंत्रालय भारत सरकार को 93,31,563 रुपये की अदायगी पर कोडरमा जिला के 2.50 एकड़ भूमि स्थायी रूप से भू-हस्तांतरण करने की मंजूरी दी गई।

मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग, झारखण्ड द्वारा सहायक लोक अभियोजक, अपर लोक अभियोजक एवं लोक अभियोजक के सृजित पदों को झारखण्ड अभियोजन सेवा में सम्मिलित करने की स्वीकृति मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदान की गई।

झारखण्ड राज्य में भेषजी स्नातक (B.Pharma) पाठ्यक्रम विनियम, 2018 की स्वीकृति दी गई।

सर्वश्री हिन्दुस्तान उर्वरक एवं रसायन लि0 द्वारा सिन्दरी, धनबाद, झारखण्ड राज्य में Fertilizer/Ammonia/Urea Plant  की स्थापना हेतु लीज दस्तावेज पर मुद्रांक एवं निबंधन शुल्क से विमुक्ति (छूट) की स्वीकृति दी गई।

पश्चिमी सिंहभूम के मौजा-बुधाबुरू (धोबिल) के 513.036 हेक्टेयर क्षेत्र पर सर्वश्री स्टील अथॉरिटी ऑफ इण्डिया लि0 द्वारा धारित लौह अयस्क खनिज के खनन पट्टा क्षेत्र में से 29.411 हे0 क्षेत्र पर खनिज (सरकारी कम्पनी द्वारा खनन) नियम, 2015 के तहत अवधि विस्तार की स्वीकृति।

माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय, रांची द्वारा पारित आदेश के आलोक में सूचना सेवा के मूल कोटि पद हेतु संबंधित पदाधिकारियों का स्वीकृत वेतनमान का पुननिर्धारण की स्वीकृति दी गई।