रूढ़िवादी सोच को खत्म करने की जरूरत- मुख्यमंत्री

 

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि आज के आधुनिक युग में भी समाज में रूढ़िवादी सोच बरकरार है, इसे समाप्त करने के लिए जागरुकता जरूरी है। राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों को मिल कर समाज को जगाने के काम करना होगा। झारखंड में ढुकुआ जैसे कुरीतियां हैं। गरीबी के कारण कई परिवार शादी के अवसर पर गांव-समाज के लोगों को खिला-पिला नहीं सकते हैं। ऐसी शादियों को मान्यता नहीं दी जाती है। इस परंपरा को समाप्त करने की जरूरत है। जन आंदोलन चलाकर इसे समाप्त किया जायेगा। सरकार इसके लिए जल्द ही नीतिगत निर्णय भी लेगी। उन्होंने कहा कि इस हेतु यदि कानून का सरलीकरण करने की जरूरत होगी, तो यह भी किया जायेगा। मुख्यमंत्री शुक्रवार को जैप ग्राउंड में आयोजित 51 जोड़ों के सामूहिक विवाह कार्यक्रम में लोगों को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी शादियां कराने वाले संगठनों को प्रति जोड़े 1000 रुपये की सहायता राशि दी जायेगी। इन विवाहों को मान्यता भी दी जायेगी। आज विवाह के बंधन में बंधनेवाले नव दंपतियों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोटे से 11-11 हजार रुपये दिये जायेंगे। शादी के लिए प्रयास करनेवाले जोरदाग ग्राम के मुखिया फूलचंद मुंडा को 21 हजार रुपये की राशि दी जायेगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का लाभ भी इन्हें मिलेगा।

श्री दास ने कहा कि इन दंपतियों को रोजगार से भी जोड़ा जायेगा। इससे इनकी आजीविका चलती रहे। छोटे-छोटे प्रयासों से ही समाज को बदला जा सकता है। कुछ लोग भोले-भाले आदिवासियों को विकास से दूर रखना चाहते हैं। ऐसे लोगों को पहचानने की जरूरत है। राज्य सरकार गांव-गांव तक विकास की किरण पहुंचाने के लिए काम कर रही है। कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने के लिए विकास का विरोध कर रहे हैं।

कार्यक्रम में NHIDCL के प्रबंध निदेशक श्री एन0एन0 सिन्हा, श्रीमती निकिता सिन्हा, झारखंड आजीविका मिशन सोसाइटी के सी0इ0ओ0 श्री पारितोष उपाध्याय समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।