मां छिन्नमस्तिके के दरबार में रजरप्पा महोत्सव का आगाज

 

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने रजरप्पा के सीसीएल स्टेडियम मैदान में दो दिवसीय भव्य रजरप्पा महोत्सव का आगाज करते हुए कहा कि झारखण्ड अगले पांच-सात वर्षों में पूरी दुनिया के लिए प्रमुख आकर्षण का केन्द्र होगा। इसके लिए सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। एक ही साथ राज्य में सांस्कृतिक पर्यटन, धार्मिक पर्यटन, पर्यावरण पर्यटन, एडवेंचर टूरिज्म, माइनिंग टूरिज्म और ग्रामीण पर्यटन की योजनाओं पर काम हो रहा है। इसके लिए विभिन्न महत्वपूर्ण पर्यटक स्थलों पर महोत्सव का आयोजन कर इसकी ब्रांडिंग की जा रही है। उन्होंने रजरप्पा महोत्सव के आयोजन की शुभ कामनाएं दी।

“झारखण्ड के वन प्रांतर, प्राकृतिक सौंदर्य एवं वन्यप्राणी सहज रूप से पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। अब लोग लंदन और अमेरिका घूमते-घूमते ऊब चुके हैं और पर्यटकों की आकर्षण का केन्द्र बिन्दु झारखण्ड बनने जा रहा है।”      

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड में अमीरी की गोद में अभी भी गरीबी बसती है। झारखण्ड की महिलाएं स्वयं सक्षम हैं कि वो चाहेंगी तो राज्य में गरीबी और मुफलीसी को नेस्तनाबूद होगा। महिलाएं अब स्वयं लाह का उत्पादन कर उनके उत्पाद बाजारों का सीधे उपलब्ध करा रहीं हैं। सरकार ने निर्देश दिया है कि मुद्रा योजना व सीएसआर की मदद से स्वास्थ्य विभाग में बेड सीट, सैनेटरी नैपकीन एवं अन्य उत्पादों को उपलब्ध कराएंगी। इसके अलावे रेडी टू ईट फूड का उत्पादन भी राज्य की महिलाएं ही करेंगी। इसके लिए हर एक प्रमण्डल में एक प्लांट सरकार लगाएगी। उत्पादन करने वाली महिलाएं स्वयं रेडी टू ईट फूड का वितरण आंगनबाड़ी केन्द्रों में करेंगी।

“मधु उत्पादन के लिए राज्य की 20000 महिलाओं को निःशुल्क मधुमक्खी पालन हेतु बक्से उपलब्ध कराई जा रही है। ऐसे प्रयासों से उनका आर्थिक संबल बढ़ेगा और 2022 तक हमें झारखण्ड से गरीबी को उखाड़ फेंकने में मदद मिलेगी।”

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर करने वाले झारखण्ड के लोग आर्थिक रूप से स्वयं इतने सक्षम हो जायें कि वे अपना बीपीएल कार्ड यह कहते हुए सरेंडर कर दें कि अब उन्हें इसकी जरूरत नहीं है। रामगढ़ जिले की कामयाबियों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रथम ओडीएफ जिला होने पर इस जिले ने झारखण्ड का नाम रोशन किया है। कुपोषण, बालिका स्वास्थ्य एवं आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में रामगढ़ जिले की प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने पूरी टीम को धन्यवाद दिया।

रामगढ़ जिले में पर्यटन की संभावनओं की चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि रजरप्पा में पर्यटन सुविधाओं के विकास के प्रथम चरण का डीपीआर भी तैयार हो चुका है। इसी प्रकार पतरातु डैम को आकर्षक पर्यटन स्थल बनाने की दिशा में भी कार्य आंरभ हो चुका है। दुनिया का सबसे ऊंचा बौद्ध स्तूप चतरा जिले के ईटखोरी में बनेगा अन्य पर्यटक स्थलों यथा पारसनाथ, नेतरहाट, बेतला, सारंडा एवं लुगु पहाड़ आदि जगहों पर अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की पर्यटन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार प्रयत्नशील है। इस मौके पर उन्होंने डाक विभाग के द्वारा माँ छिन्नमस्तिका मंदिर, रजरप्पा पर विशेष डाक टिकट जारी किया। साथ ही राज्य के सभी पर्यटन स्थलों से संबंधित विशेष फिलेटैली आवरण का विमोचन किया। उन्होंने सचिव, पर्यटन एवं कला संस्कृति को निर्देश देते हुए कहा कि इस विशेष डाक टिकट व डाक कवर को राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों में उपलब्ध करवाएं। इस अवसर पर डीएवी, रजरप्पा के दसवीं के छात्र ने मुख्यमंत्री को उनका पोट्रेट भेंट किया। मुख्यमंत्री ने अपने मामा के घर पर रहकर पढ़ाई करने वाले इस छात्र का हौसला बढ़ाया और साथ ही पचास हजार रुपये की सहायता राशि देने का आदेश दिया।

कार्यक्रम में राज्य 20 सूत्री कार्यान्वयन समिति के उपाध्यक्ष श्री राकेश प्रसाद, पूर्व सांसद श्री यदुनाथ पाण्डेय, सचिव पर्यटन कला संस्कृति डॉ. मनीष रंजन, पोस्ट मास्टर जनरल झारखण्ड परिमण्डल श्रीमती शशि शालिनी कुजूर, डीआईजी हजारीबाग प्रक्षेत्र श्री भीमसेन टुटी, उपायुक्त रामगढ़ श्रीमती राजेश्वरी बी, आरक्षी अधीक्षक रामगढ़ श्रीमती एन. विजयालक्ष्मी, जिला पार्षद अध्यक्ष ब्रह्मदेव महतो सहित बड़ी संख्या में जिला प्रशासन के अधिकारी, कर्मी व गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।