विभागीय समीक्षा बैठक: ‘जनता से जुड़ी योजनाओं को दें प्राथमिकता’

 

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने आज झारखण्ड मंत्रालय में मंत्रियों और विभिन्न विभागों के आला अधिकारियों के साथ समीक्षात्मक बैठक की। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि अगले वित्तीय वर्ष के लिए बजट में की गई घोषणाओं के आलोक में सारी कागजी कार्रवाई मार्च अंत तक पूरी कर ली जानी चाहिए। एक अप्रैल से योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए काम में तेजी तभी आएगी। एडवांस बजट का उद्देश्य भी तभी पूरा होगा। इसके साथ ही इस वित्तीय वर्ष में ज्यादा से ज्यादा राशि योजनाओं पर खर्च हो, इसकी भी पूरी व्यवस्था रखी जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की बजट घोषणाओं और केंद्र सरकार की बजट घोषणाओं के आलोक में योजनाओं को तैयार करें और लोक कल्याणकारी योजनाओं को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जाए।

श्री दास ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि बरसात में काम में परेशानी आएगी, इसलिए अभी तीन-चार महीने का समय है। इस दौरान काम में तेजी लाएं। विभागों या जिला स्तर पर काम के लिए चिट्ठी भेजकर चुप न बैठें। उनके साथ लगातार सम्पर्क और समन्वय स्थापित कर तेजी से काम करें। विभागों के बीच परस्पर संवाद बना रहना चाहिए।

 “सरकार के लिए कुछ काम अत्याधिक प्राथमिकता में हैं। इनमें दीपावली तक हर हाल में राज्य के हर घर को बिजली पहुंचाने का लक्ष्य पूरा करना है। इसके लिए दो-तीन शिफ्ट में काम कराएं। पूरे राज्य के हर गांव को सड़क से जोड़ने का लक्ष्य भी हमें पूरा करना है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के जीवन में बदलाव आयेगा। इसी तरह 2018 में पूरे राज्य को खुले में शौच से मुक्त (ओ.डी.एफ) करना है। सभी कार्य धरातल पर दिखाई दें यह भी सुनिश्चित किया जाए।”

उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों की तरह शहरी क्षेत्रों में भी स्वयं सहायता समूह को शौचालय निर्माण का काम सौंपने का निर्देश दिया। शौचालयों में पानी भी रहे, इसकी भी व्यवस्था देखें। श्री दास ने कहा कि शौचालय निर्माण में किसी भी प्रकार से भ्रष्टाचार की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए और यदि कोई शिकायतें आएं तो उन्हें त्वरित निष्पादित किया जाए।

श्री रघुवर दास ने कहा कि केंद्र सरकार के बजट में जनजातीय क्षेत्रों में एकलव्य विद्यालय खोलने का प्रस्ताव है। राज्य के छह अति पिछड़े जिलों में इन्हें खोला जाए। गांव में तालाब और चेकडैम का निर्माण स्थानीय ग्रामीणों और कृषकों की आवश्यकताओं के अनुरूप किया जाए। इसकी आवश्यकता इंजीनियर न तय करें बल्कि स्थानीय कृषकों के द्वारा निर्धारित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री सिंचाई योजना को सही तरीके से लागू करने के लिए कृषि और जल संसाधन विभाग समन्वय बनाकर काम करे। उन्होंने राज्य में चिकित्सकों व मेडिकल स्टाफ की कमी को पूरा करने का निर्देश दिया। उन्हें बताया गया कि मेडिकल कॉलेज में शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए 561 पोस्ट स्वीकृत किये जा चुके हैं और 1124 पदों को स्वीकृत करने की प्रक्रिया चल रही है। मुख्यमंत्री ने इसी वर्ष उन रिक्तियों को भरने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि गरमी आ रही है। इसके पूर्व ही राज्य के चापाकल आदि को दुरुस्त कर लें। जहां कृषि उत्पादन ज्यादा है, उन क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर फूड प्रोसेसिंग यूनिट बनाएं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताया गया कि 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा के तहत अब तक 125 वाहन चालू कर दिये गए हैं। इस पर श्री रघुवर दास ने बाकी वाहनों को भी जल्द उपलब्ध करने का निर्देश दिया। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही साप्ताहिक समीक्षा करने को कहा। उन्होंने राज्य के स्कूलों में लाइब्रेरी कम मोटिवेशनल सेंटर शुरू करने के काम में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्कूलों में बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए अभियान चलाएं। नेतरहाट की तर्ज पर राज्य के तीन प्रमंडलों (रांची,दुमका और चाईबासा) में आवासीय विद्यालयों में इसी सत्र से पढ़ाई शुरू करें। सरकारी स्कूलों में भारतीय संस्कृति पर आधारित शिक्षा पर जोर दिया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि कृषि सरकार की प्राथमिकता वाले क्षेत्र में है और निर्देश दिया कि राज्य में किसान चौपाल लगायी जाए। इसमें उनके अलावा मंत्री, विधायक एवं अधिकारी भी अलग-अलग चौपाल में जाएंगे। बैठक में बताया गया कि इस वर्ष ग्रामीण क्षेत्र में 25 कोल्ड रूम बनाये जा रहे हैं। देवघर, रांची, सिमडेगा व निकटवर्ती क्षेत्रों में फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए उद्यान विकास योजना के तहत काम शुरू कर दिया गया है। देवघर, साहेबगंज व पलामू में 50 हजार लीटर क्षमता वाले डेयरी प्लांट के निर्माण के लिए एनडीडीबी के साथ करार किया जा चुका है।

बैठक में मंत्री श्री नीलकंठ सिंह मुंडा, श्री सीपी सिंह, डॉ (श्रीमती) लुईस मरांडी, डॉ (श्रीमती) नीरा यादव, श्री रामचंद्र चंद्रवंशी, श्री रणधीर सिंह, श्री अमर कुमार बाउरी, मुख्य सचिव श्रीमती राजबाला वर्मा, विकास आयुक्त श्री अमित खरे, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री सुनील कुमार बर्णवाल समेत विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, निदेशक समेत अन्य आला अधिकारी उपस्थित थे।