बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी राज्य का गौरव- रघुवर दास

 

रांची के बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित एग्रोटेक-2018 कृषि मेले में मुख्यमंत्री रघुवर दास शामिल हुए। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सर्वप्रथम भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर नमन किया । इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ये एग्रोटेक मेला झारखण्ड में किसानों के विकास का एक छोटा सा नमूना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में ऑडिटोरियम बनवाने का भी एलान किया । मुख्यमंत्री ने गढ़वा के दिव्यांग कृषक को सम्मानित कर उनकी हौसलाअफजाई की ।       

‘मैं कोई वैज्ञानिक या कृषि पंडित नहीं हूं, मैं एक मजदूर हूं, टाटा स्टील में मजदूरी करता था, इस राज्य की सवा 3 करोड़ जनता की सेवा करने का सौभाग्य मुझे मिला है।’

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि जनता और शासन के बीच कोई बिचौलिया नहीं होना चाहिए, यही हमारी सरकार का मूलमंत्र है । मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड के बजट और केंद्र सरकार के बजट में कृषि और गांवों के विकास पर जोर दिया गया है । ताकि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सबका साथ , सबका विकास के सपने को साकार किया जा सके ।    

‘2019 तक हर गांव को पक्की सड़क से जोड़ना है । और साल 2018 तक राज्य के हर घर में बिजली पहुंचाने का हमारी सरकार ने लक्ष्य तय किया है और इसे हम हर हाल में पूरा करेंगे ।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि 3 साल में 400 करोड़ का फूड प्रोसेसिंग प्लांट बना । जहां 2350 लोगों को रोजगार मिला । साल 2018 में 55 फूड प्रोसेसिंग प्लांट बन रहे हैं जहां 2500 लोगों को रोजगार मिलेगा । हमारी सरकार चाहती है कि कृषि का विकास ऐसे हो जिसमें जनभागीदारी ज्यादा से ज्यादा हो।


प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के तहत झारखण्ड को केंद्र सरकार ने 600 करोड़ रुपये दिए हैं जिसके लिए मुख्यमंत्री रघुवर दास ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय जल संसाधन मंत्री श्री नितिन गडकरी जी का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हर जिले को सिंचाई के लिए 30 करोड़ रुपये देगी । और गांव वाले ये खुद तय करेंगे कि उन्हें कितना डोभा चाहिये, तालाब चाहिये, पानी चाहिए।

झारखण्ड में अनाज की कम पैदावार को लेकर भी मुख्यमंत्री रघुवर दास ने चिंता व्यक्त की । उन्होंने कहा कि आबादी के मुताबिक राज्य में अनाज की पैदावार नहीं हो रही है, हम आज भी  अनाज बाहर से खरीद रहे हैं । और ये हमारे लिए चिंता का विषय है, इस ओर ध्यान देने की ज़रूरत है।

‘प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का सपना है कि 2022 तक ऐसे भारत का निर्माण हो जहां कोई गरीब न रहे,कोई बेदवा न रहे और किसानों की आय दोगुनी हो । ’  

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने किसानों से अपील कि वो खेती, पशुपालन और बागवानी पर ज्यादा काम करें।  मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में हमारी सरकार बिरसा यूनिवर्सिटी को 90 करोड़ दे रही है ।

‘बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी राज्य का गौरव है इस पर कोई भी आंच न आये ये समाज की ज़िम्मेदारी है ।’

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बताया कि मधुमक्खी पालन के लिए भारत सरकार 2.5 लाख बॉक्स झारखण्ड सरकार को देगी। और हमारी सरकार मधुमक्खी पालन करने वाले किसानों को 20-20 बॉक्स देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 जिलों में 10-12 हजार किसान तैयार हो गए हैं, उन सबको हम ये बॉक्स देंगे । मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि मेरे जीवन का एक ही लक्ष्य है कि इस राज्य की कोख में पल रही गरीबी को खत्म करना ।  झारखंड दुनिया के विकसित देशों से बराबरी कर सकता है। बस हमें पूरी ईमानदारी से एकजुट हो कर काम करना है ।

मुख्यमंत्री ने बिरसा कृषि विश्वविद्यालय परिसर में नये अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त ऑडिटोरियम के निर्माण की घोषणा की। विश्वविद्यालय परिसर की चहारदीवारी बावत उन्होंने कहा कि आस-पास के सभी गांव हमारे विद्यार्थियों को अपने बच्चों की तरह देखेंगे तथा परिसर में किसी भी प्रकार की अवांछनीय घटना पर प्रषासन पूरी कड़ाई से निपटेगा। विकास के लिए बढ़ते कदम को रोकने वाले असमाजिक तत्वों से सरकार कड़ाई से निपटेगी।

इस अवसर पर कांके विधायक डॉ. जीतू चरण राम ने अपने सम्बोधन में विश्वविद्यालय को देश का गौरव बताया तथा यहां के विद्यार्थियों के रोजगार के लिए कैम्पस साक्षात्कार शुरू कराने की बात कही। कृषि सचिव श्रीमती पूजा सिंघल ने गांव और किसान के विकास के लिए किए जा रहे सरकार के प्रयास और कार्यों को विस्तार से बताया। स्वागत सम्बोधन विष्वविद्यालय के कुलपति डॉ. परविन्दर कौशल ने किया। इस अवसर पर विषेष सचिव श्रीमती शुभ्रा वर्मा, निदेशक श्री राजीव कुमार, शिक्षा प्रसार निदेशक डॉ. जग्रनाथ उरांव, केन्द्रीय सरना समिति के श्री फूलचंद तिर्की, रंजीत टोप्पो विश्व विद्यालय के कृषि वैज्ञानिक, शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में आए किसान उपस्थित रहे।