स्वशासन से सुशासन लाना हमारा लक्ष्य – रघुवर दास

वनों एवं वन्य प्राणियों के संरक्षण एवं विकास हेतु आयोजित सामाजिक पूंजी सम्मेलन सह प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रघुवर दास शामिल हुए । सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि वन हमारी धरती के लिए फेफड़ों का काम करते हैं जो हवा को शुद्ध करते हैं, इसलिए वन बचाइए, प्रकृति का दोहन मत करिए । मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आगे कहा कि आज अगर वन सुरक्षित हैं तो इसका श्रेय मैं अपने गांव के भाइयों और बहनों को देता हूं । उनकी जागरूकता की वजह से आज वनों का संरक्षण संभव हो सका है । मुख्यमंत्री रघुवर दास ने वन विभाग के कामकाज की भी तारीफ की ।

‘हम स्वशासन और सुशासन लाना चाहते हैं। जनसहयोग से कोई भी काम आसान हो जाता है। जनभागीदारी से कार्य को बल मिलता है। विभाग हर समिति में महिलाओं को जरूर शामिल करें।’

लघु एवं कुटीर उद्योगों पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अगर आपके द्वारा बनाई गई वस्तुओं की अच्छे ढंग से मार्केटिंग और ब्रांडिंग करें तो हमें सफलता जरूर मिलेगी । हमारी सरकार की प्राथमिकता है कि हम राज्य से हो रहे पलायन को रोकें।

‘झारखण्ड प्राकृति की गोद में बसा राज्य है, दूसरे राज्यों की तुलना में यहां वन संपदा कहीं अधिक है। लोगों की बनाई चीजें सरकार खरीद सकती है जिससे गांव में बैठे-बैठे लोग पैसा कमा सकते हैं। गांव में कुटीर ओर लघु उद्योग का जाल हम बिछा दें तो लोगों को पलायन नहीं करना पड़ेगा।’

अधिकारियों को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि सकारात्मक रुख अपनाकर, कैसे गरीब के जीवन में बदलाव लाएं, ये अपना ध्येय बनाएं । इस राज्य में एक-एक गरीब को रोजगार से जोड़ना हमारी सरकार की प्राथमिकता है । गरीब बहनों से पूछें कि वो किस क्षेत्र में काम करना चाहती है, उसमें उन्हें लगाएं ।

‘हमारी सरकार जनता को उसी स्कीम से जोड़ेगी, जिसकी मार्केटिंग हो, जैसे लाह का काम, कुकून के धागे की आंध्र प्रदेश में डिमांड है, हमारे गरीब भाई-बहन अर्जुन का पेड़ लगाएं, किसी बिचौलिए की जरूरत नहीं पड़ेगी।’

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि जहां जिस चीज का उत्पादन होगा, वहां मुख्यमंत्री उद्यमी बोर्ड मार्केटिंग का काम करेगा ।  मुख्यमंत्री ने कहा कि मधु की ठंडे देश में बहुत डिमांड है, तो आप मधु का उत्पादन करें, हम हर आंगनबाड़ी केंद्र में मधु देंगे, जिससे बच्चे सेहतमंद होंगे ।

‘जितना उत्पादन सखी मंडल और समितियों द्वारा होगा वो सब सरकार खरीदेगी जिसके लिए अर्बन हाट बनाया जाएगा । हाट में हैंडिक्राफ्ट का सामान, मधु बेचा जाएगा। बाजार सरकार उपलब्ध कराएगी, जिससे गरीबों की आय बढ़ेगी। खेती के साथ पशुपालन भी करें, जिससे दूध आदि बेचकर भी आमदनी बढ़े ।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि बांस को पेड़ों की श्रेणी से हटा दिया गया है। इसकी ब्रांडिंग कैसे करेंगे इस पर भी सरकार काम कर रही है । वन विकास और जन विकास, इस मूलमंत्र के साथ वन विभाग को काम करने की जरूरत है । गरीब जनता की सोच बहुत बड़ी है, हमें गांव का विकास करना है ।

‘प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का संकल्प है कि हर गरीब के चेहरे पर खुशी हो, 2022 तक गरीबी खत्म हो। हम सब की ये जिम्मेदारी है कि हम गरीबी को खत्म करने की दिशा में जोर-शोर से काम करें। आप एक कदम चलो, आपका ये दास चार कदम चलेगा।’

इससे पहले मुख्यमंत्री ने विभिन्न ग्राम समितियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया और परिसर में लगे वन विभाग के विभिन्न स्टॉलों का परिभ्रमण किया।

कार्यक्रम में राजसभा सांसद श्री महेश पोद्दार, मुख्य सचिव श्रीमती राजबाला वर्मा, विकास आयुक्त श्री अमित खरे वन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री इंदुशेखर चतुर्वेदी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री संजय कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री सुनील कुमार बर्णवाल, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष श्री एके पांडे समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।