मुख्यमंत्री रघुवर दास ने गुदड़ी अंचल कार्यालय का किया शुभारंभ

गुदड़ी- मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आज चाईबासा के गुदड़ी में प्रखंड सह अंचल कार्यालय का उद्घाटन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कई आंगनबाडी केंद्र, पंचायत भवन और विकास योजनाओं का भी शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कार्यालय बनाने के लिए पांच-पांच एकड़ जमीन देने वाले मानकी मुंडा समाज के प्रतिनिधियों का धन्यवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुदड़ी प्रखंड की जनता, मानकी मुंडा के प्रधान और जमीन देने वाले फिलिस वरजू का मैं दिल से धन्यवाद करता हूं। 

“ये क्षेत्र उग्रवाद के लिए जाना जाता था, आज जनता की मदद से यहां अमन चैन है। मैं पुलिस प्रशासन और सीआरपीएफ के जवानों का भी शुक्रिया अदा करता हूं। झारखण्ड की जनता जाग चुकी है और विकास में बाधा पहुंचाने वालों  हमारा राज्य छोड़ दो, अब यहां की जनता डरने वाली नहीं।”

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि बंदूक से व्यवस्था नहीं बदलती, बंदूक किसी की जान लेती है। सरकार व्यवस्था बदलना चाहती हैं। मुख्यमंत्री ने पथ से भटके हुए नौजवानों से अपील करते हुए कहा कि आइए मुख्यधारा से जुड़िए और बदलाव में हमारा साथ दीजिए। उन्होंने कहा कि झारखण्ड में भी दो अत्यंत पिछड़े जिले हैं, उनके विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। झारखण्ड के 17 पिछड़े जिलों के विकास के लिए 50 करोड़ का फंड बजट से अलग देने की व्यवस्था की जा रही है। खुद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का इन पर फोकस है। 

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि जलापूर्ति योजना के तहत, 2022 तक राज्य का कोई ऐसा गांव नहीं होगा, जहां पानी की सप्लाई पाइपलाइन से नहीं होगी। उन्होंने जनता से वादा करते हुए कहा कि 2020 तक विकास के मामले में चाईबासा की तुलना रांची से होगी। इस क्षेत्र में मार्च तक 108 एंबुलेंस सेवा शुरू हो जाएगी। यहां पर आईटीआई का संचालन सरकार करेगी। हमारी सरकार का लक्ष्य है कि गांव का हर नौजवान हुनरमंद हो, और बेरोजगारी की मार नई पीढ़ी को न झेलनी पड़े। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि इन तीन वर्षों में हमने कनेक्टिविटी सुधारने का काम किया है। गुदड़ी की सड़क का निर्माण किया जा रहा है। सड़क के जरिए विकास कार्यों में तेजी आती है। आदिवासी समाज सजग हो रहा है, विकास के प्रति जागरुक हो रहा है, हमारी सरकार पूरी ईमानदारी से आपकी सारी समस्याओं का हल निकाल रही है।

“आप लोगों के प्रेम और स्नेह से अभिभूत हूं। गुदड़ी के अपने ग्रामीण भाई-बहनों के साथ उनके हाथ का बनाया स्वादिष्ट भोजन कर मन तृप्त हो गया। मैं आपको यकीन दिलाना चाहता हूं कि आने वाले वक्त में झारखण्ड की तस्वीर बदलेगी और दुनिया झारखण्ड को सलाम करेगी।”