वन उत्पादों से जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहन देगी सरकार

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि झारखण्ड में बड़े पैमाने पर वनोपज होते हैं, जिनका वैल्यू एडिशन कर ग्रामीणों के जीवन में बदलाव लाया जा सकता है। ग्रामीणों कोप्रशिक्षण देकर अच्छी गुणवत्तायुक्त उत्पाद तैयार कराना, उनकी ब्रांडिंग करना, उन्हें मार्केट उपलब्ध कराना इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। गांव में प्रतिभा की कमी नहीं है। मौका मिलते ही वे अपनी पहचान देश-दुनिया में बना सकते हैं। राज्य सरकार वनोत्पाद से जुड़े उद्योगों को  बढ़ावा देकर गांव के विकास की रूपरेखा तैयार कर रही है।श्री रघुवर दास के केंद्रीय जनजातीय कल्याण राज्य मंत्री श्री सुदर्शन भगत और ट्राइफेड के अधिकारियों के साथ बैठक में बोल रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग, कल्याण विभाग, वन विभाग और कृषि
विभाग का समन्वय कर नीति बनायी जा रही है। राज्य में हाट बाजारों को विकसित किया जारहा है। वहां आधारभूत संरचना को सुधारा जा रहा है। यहां ग्रामीणों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिले, इसकी व्यवस्था सरकार करेगी। लाह व इसके उत्पादों की मांग पूरी दुनिया में है। ग्रामीणों को प्रशिक्षित कर लाह व तसर के उत्पाद तैयार कराये जायेंगे। उनकी ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए बोर्ड का गठन किया गया है।इसी प्रकार हस्तशिल्प के लिए भी बोर्ड बनाया गया है। सरकार राज्यभर के हस्तशिल्पियों का आंकड़ा इकट्ठा कर रही है।

उन्हें बाजार की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण देकर उत्पाद तैयार कराया जायेगा। उनके उत्पादों के लिए बाजार भी तलाशा जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिरौंजी, ईमली, हरे-बहेरा, आंवला आदि की सही कीमत मिले, इसका भी प्रयास किया जायेगा। इन छोटे-छोटे प्रयासों से उनकी आमदनी को बढ़ाया जा सकता है। बैठक में ट्राइफेड के प्रबंध निदेशक श्री प्रवीर कृष्ण ने कहा कि हाट में आधारभूत संरचना को सुधारने के लिए केंद्र सरकार राशि देती है। टेक्सटाइल के उत्पादों के  लिए प्रशिक्षण, लूम और बाजार भी ट्राइफेड उपलब्ध कराती है। राज्य सरकार के सहयोग से राज्य में 1000 ग्राम प्रोसेसिंग यूनिट लगायी जायेगी, जहां वनोपज, हैंडीक्राफ्ट, टेक्सटाइल आदि के लिए वैल्यू एडिशन केंद्र बनेंगे। यहां बिना मशीन वैल्यू एडिशन का प्रशिक्षण दिया जायेगा। बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती राजबाला वर्मा, वन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री इंदूशेखर चतुर्वेदी, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सुनील कुमार बर्णवाल, कल्याण सचिव श्रीमती हिमानी पांडेय, ग्रामीण विकास सचिव श्री अविनाष कुमार, कृषि सचिव श्रीमती पूजा सिंघल समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।