मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने किया आदि महोत्सव का शुभारंभ

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि आदिवासी कला के विकास एवं उनके द्वारा तैयार किये गये उत्पाद को देश-विदेश में बाजार उपलब्ध कराने हेतु राज्य सरकार प्रयासरत है ताकि उनके उत्पादों का उचित मूल्य मिले और उनके जीवन स्तर में सुधार हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार आदिवासी समुदाय की आय में वृद्धि हेतु प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को आड्रे हाउस में जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार एवं ट्राईफेड द्वारा आयोजित आदि महोत्सव का शुभारंभ कर लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने आड्रे हाउस में लगे स्टाॅल का भी अवलोकन किया। 

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि, राज्य के पर्यटन स्थलों में देश-विदेष से काफी लोग आते हैं। इसे ध्यान में रखते हुये सरकार पर्यटन स्थलों में बाजार हाट की व्यवस्था करेगी जहां आदिवासी कला, एवं उनके द्वारा तैयार उत्पादों को एक बाजार मिलेगा। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से लोग हमारे राज्य में आकर आदिवासी समुदाय की कला,संस्कृति एवं उनकी जीवन शैली पर रिसर्च करें, इसे ध्यान में रखते हुये हमारी सरकार इस बजट में शोध संस्थान पर राशि खर्च करने पर फोकस करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आदिवासी समाज एवं गरीब पिछड़े लोगों के उत्थान पर फोकस किया और आदिवासी समाज की आय में वृद्धि करने हेतु कई कार्यक्रम चलायें। 

मुख्यमंत्री श्री दास ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि इस समृ़द्ध राज्य की गोद में पल रही गरीबी को जड़ से खत्म कर हर चेहरे पर मुस्कान लायें। उन्होंने कहा कि आजादी के 70 सालों के बाद भी आदिवासी समाज के जीवन में अप्रत्याषित सुधार नहीं हुआ। राज्य सरकार ने आदिवासी समाज के लोगों की आय में वृद्धि करने हेतु मुख्यमंत्री लघु उद्यम बोर्ड का गठन किया है। उन्होंने कहा कि सरकार झार मधु के नाम से उत्पाद तैयार कर रही है। इस हेतु 600 किसानों को मास्टर ट्रेनर के रुप में तैयार किया जा रहा है। हर जिले में प्रोसेसिंग प्लांट लगाया जायेगा तथा रांची में एक बड़ा प्लांट भी लगाया जायेगा। इसी तरह लाह एवं हस्तषिल्प के क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत सरकार के जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री सुदर्शन भगत ने कहा कि भगवान बिरसा मुण्डा की पावन धरती पर पहली बार आदि महोत्सव का आयोजन हुआ है। इस आयोजन से देश और दुनिया में लोग झारखण्ड के हस्तशिल्पकारों के बनाये उत्पाद को जानेंगे। कारिगरों को बाजार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। आदिवासी, जनजाती समाज को विकास के मुख्यधारा से जोड़ने का निरंतर प्रयास सरकार द्वारा की जा रही है। इन्हें रोजगार से जोड़कर स्वांबलम्बी बनाना है। गांवों की आवश्यकताओं को आदिवासी समाज के लोग मिल-जुल कर पूरा करते हैं।

 गांवों में रहने वाले लोगों के पास हुनर की कमी नहीं है। वे लोग हस्तशिल्प के क्षेत्र में काफी दक्ष होते हैं। केन्द्र सरकार ने भी आदिवासियों एवं जनजातीयों के विकास हेतु प्रतिबद्ध प्रयास किया है। झारखण्ड सरकार भी इनके हित में कई महत्वपूर्ण योजनाएं चला रही है।  
समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास मंत्री डाॅ0 लुईस मराण्डी ने कहा कि आदि महोत्सव के आयोजन राज्य के आदिवासी कला एवं संस्कृति को विश्व के मानचित्र पर स्थापित करने का एक सराहनीय प्रयास है। ऐसे आयोजनों से हस्तशिल्प कारिगरों का मनोबल बढ़ेगा। साथ ही साथ रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। व्यापार के क्षेत्र में आदिवासी एवं जनजाती समाज के लोगों को आगे ले जाने हेतु सरकार प्रयासरत है। इस समुदाय के लोगों को रोजगार से जोड़कर ही झारखण्ड को समृद्ध राज्य के रूप में विकसित किया जा सकता है। राज्य सरकार द्वारा इनके कल्याणार्थ मुख्यमंत्री लघु उद्यम बोर्ड का गठन सहित कई कल्याणकारी योजनाएं चलायी जा रही हैं।

इस अवसर पर पद्मश्री श्री अशोक भगत, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सुनील कुमार बर्णवाल, ट्राईफेड के अधिकारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।  स्वागत संबोधन में ट्राईफेड के एमडी श्री प्रवीर कृष्ण ने आदि महोत्सव के उद्देश्य एवं ट्राईफेड के कार्यों पर प्रकाश डाला।