स्किल हब बनेगा झारखण्ड

झारखंड को पूर्वी भारत का स्किल हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार राज्य सरकार की मदद करेगी। यहां इससे जुड़े संस्थान खोले जाएंगे। जहां लोगों को विभिन्न प्रकार के कौशल विकास के कोर्स करवाए जाएंगे। ये निर्णय नई दिल्ली में मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास और केंद्रीय पेट्रोलियम रसायन प्राकृतिक गैस और कौशल विकास मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ हुई बैठक में लिया गया। बैठक में यह भी तय किया गया कि गैस आधारित अर्थव्यवस्था को विकसित करने के लिए इससे संबंधित उद्योगों पर काम किया जाएगा। राज्य में वैसे उद्योग लगाए जाएंगे जिनमें गैस के उपयोग से उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद बनाए जा सकते हैं। पूर्वी भारत के बंदरगाहों से झारखंड के शहरों के सीधे जुड़ाव के लिए सड़क और रेल मार्ग का निर्माण किया जाएगा। साथ ही जो राज्य के औद्योगिक शहर हैं, उन्हें भी बंदरगाहों से जोड़ा जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि 25 जनवरी को शिकारीपाड़ा में एलपीजी पंचायत की शुरूआत होगी। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद रहेंगे। उज्ज्वला योजना और गैर उज्ज्वला योजना के तहत ज्यादा से ज्यादा गैस कनेक्शन वितरण के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बैठक में कोयले के विकल्प के रूप में मिथेन व अन्य उत्पादों को विकसित करने पर भी सहमति बनी। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम करेंगे। बैठक में सिंदरी खाद कारखाना पर भी चर्चा हुई।