झारखण्ड का विकास देश के लिए एक मॉडल बने

 

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने रांची के प्रोजेक्ट भवन में नाबार्ड द्वारा वर्ष 2018-19 के लिए स्टेट क्रेडिट सेमिनार में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री श्री दास ने नाबार्ड के कार्यों की सराहना करते कहा कि नाबार्ड और झारखण्ड सरकार राज्य में ग्रामीण विकास के लिए लगातार कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने तथा योजनाओं का लाभ समाज के आखिरी व्यक्ति  तक पहुंचाने में नाबार्ड महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है।

आज हमारे प्रधानमंत्री न्यू इंडिया की बात करते है, न्यू इंडिया का सपना तभी पूरा होगा जब न्यू झारखण्ड बनेगा। उसके लिए हमें ग्रामीण विकास पर जोर देना होगा। असली भारत और असली झारखण्ड गांवों में है। नाबार्ड किसानों और गरीबों के लिए जो काम कर रहा है वो एक मॉडल है, उसके लिए आपको बधाई।’

मुख्यमंत्री श्री दास ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए नाबार्ड और बैंकों से अपील की कि बैंक गरीबों और महिलाओं को ऋण खुले मन से दें। हमारे गरीब भाई बहन अपना कर्ज वापस जरूर करते हैं क्योंकि उनका मन साफ रहता है। वित्तीय संस्थान अपना दिल बड़ा करें क्योंकि गांव की जनता बहुत ईमानदार है।

हमें ऊंची छलांग लगानी है, उसके लिए अपनी सोच को भी बड़ा करना पड़ेगा। किसी राज्य में इतने संसाधन नहीं है जितने झारखण्ड में हैं, लेकिन यहां के लोग गरीब हैं। इन गरीबों की जिंदगी में बदलाव लाना है। मैं चाहता हूं कि झारखण्ड का विकास देश के लिए एक मॉडल बने। ’

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि आगामी बजट जनता का बजट होगा जिसमें गांवों की बेहतरी पर जोर होगा। श्री दास ने कहा कि सरकार ऐसा बजट बनाएगी जिसका लाभ हर किसी को मिले।

देश के 30 पिछड़े ज़िलों में 6 झारखंड में हैं। इन जिलों को पिछले 70 सालों में नजरअंदाज किया गया जिसकी वजह से इन इलाकों का विकास नहीं हो पाया। अगर इन जिलों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में भी ये जिले पिछड़े ही रहेंगे। आगामी बजट में हमारी सरकार इन 6 जिलों पर खास जोर देने जा रही है। नाबार्ड और बैंक भी इन जिलों में खास ध्यान दे। स्वयं सहायता समूह को मिलने वाले ऋण में बढ़ोत्तरी करें। 

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि, हमारी सरकार गांव की जनता पर विश्वास करती है। हम छोटी-छोटी योजनाओं को सीधा गांवों तक लेकर जा रहे हैं। हम ऐसी प्रक्रिया अपनाने जा रहे हैं जिससे लाभुक के खाते में पूरा पैसा जाए।

रांची के प्रोजेक्ट बिल्डिंग में बैठ कर हम कोई योजना अपने गांवों पर नहीं थोपेंगे। विकास कार्यों का पूरा हक गांव वालों को होगा। हम गांव, गरीब किसान और महिलाओं की क्रय शक्ति को बढ़ाना चाहते हैं। हम पूरे राज्य में हस्तकला का पंजीकरण करने जा रहे हैं। प्रखड स्तर पर हम मॉर्डन हाट लगायेंगे। हमारा फोकस गरीब किसान और महिलाएं हैं  । ’

मुख्यमंत्री श्री दास ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के सपने को पूरा करने के लिए डिजिटल झारखंड पर जोर देने की अपील की। श्री दास ने कहा कि हमें आम गांवों को डिजिटल गांव में बदलना है।

मुख्यमंत्री ने नाबार्ड और बैंकों से अपील की कि वो हर साल गांवों को डिजिटल बनाने के लिए एक लक्ष्य निर्धारित करें। श्री दास ने अधिकारियों से कहा कि देश और राज्य के प्रति जुनून पैदा करें, बिन इस जुनून के देश में बदलाव नहीं आएगा।