विद्यादान करें, बेटियों को सशक्त बनाएं- रघुवर दास

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने सोमवार को प्रोजेक्ट भवन में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जागरूकता अभियान में हिस्सा लिया और जागरूकता LED वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि कन्यादान पुण्य का काम है, लेकिन उससे पहले विद्यादान जरूरी है। यही जागरूकता राज्य के कोने-कोने में फैलानी है। श्री रघुवर दास ने कहा कि गरीबी को समाप्त करने के लिए शिक्षा ही सबसे सशक्त माध्यम है। बच्चियों को शिक्षित करने से दो परिवारों को लाभ मिलता है। पहले पढ़ाई, फिर विदाई के मिशन पर हमारी सरकार काम कर रही है।

उन्होंने झारखण्डवासियों से अपील करते हुए कहा कि भले एक वक्त का भोजन छोड़ना पड़े तो छोड़ें, लेकिन हमारे घर की कोई भी लड़की अशिक्षित न रहे। बेटी पढ़ेगी तो ही समाज आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि झारखंड की बच्चियां अपने पैरों पर खड़े होने में सक्षम है, जरूरत है उन्हें अवसर प्रदान करने की। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने गुमला की सुश्री ऋतु कुमारी के पढ़ाई के लिए शादी से इनकार करने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि ऋतु कुमारी ने एक मिसाल कायम की है। ऋतु के परिवारवाले उसकी शादी कराना चाहते थे, लेकिन ऋतु पढ़ना चाहती है। सरकार की ओर से उसकी पढ़ाई की व्यवस्था के साथ-साथ एक लाख रुपये की सम्मान राशि दी जायेगी। वहीं मुख्यमंत्री रघुवर दास ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जागरूकता अभियान की LED वैन का फीता सुश्री ऋतु कुमारी से कटवाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी, दलित, वंचितों की आवाज बनकर काम कर रही है। इस दौरान मुख्यमंत्री रघुवर दास भी ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ शपथपत्र भरकर इस मुहिम से जुड़े। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव श्री अमित खरे, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सुनील कुमार वर्णवाल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री संजय कुमार, नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव श्री अरुण सिंह समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।