आइए हमसब मिलकर गरीबी उन्मूलन के लिए काम करें, गरीब परिवारों की जिंदगी में खुशहाली लाएं

रांची के हरमू रोड स्थित मारवाड़ी धर्मशाला में सामूहिक विवाह के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने 108 नवविवाहित जोड़ों को सुखी दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दीं। श्री दास ने कहा कि, मैं भी गरीब परिवार से आया हूं, गरीबी की वेदना समझता हूं। शादी के लिए गरीब अपनी जमीन, गहने तक बेच देते हैं। ऐसी सामूहिक शादी से गरीबों को शक्ति मिलती है। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट और दैनिक जागरण द्वारा आयोजित 108 सामूहिक विवाह समारोह में बोल रहे थे। नवविवाहित जोड़ों को सरकार की तरफ से दांपत्य जीवन शुरू करने के लिए 30 हजार रुपये की आर्थिक मदद भी दी जाएगी। 

 

रुपये पैसे से कोई बड़ा नहीं होता, किसी के दुख सुख में शामिल होने में बड़प्पन है। ऐसे कार्यक्रम हम सभी को सामाजिक एकता का संदेश देते हैं। झारखण्ड के गरीब परिवारों की जिंदगी को खुशहाल बनाने का हमने संकल्प लिया है। झारखंड में 32-33 लाख गरीब हैं, मेरा संकल्प है कि उन सबके चेहरे पर मुस्कान लाना है।  – रघुवर दास, मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री दास ने कहा कि राज्य में बड़ी आबादी गरीब है। उन्हें अपने बच्चों की शादी की चिंता है। 18 हजार अनाथ बच्चे हैं, इनके जिंदगी में बदलाव लाना है। समाज और सरकार साथ मिलकर काम करें, तभी इन्हें विकास की धारा में ला सकते हैं। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट जैसी संस्थाएं और समाज के धनी लोग इसके लिए आगे आयें। सरकार पूरी तरह से सहयोग करेगी। अनाथ और दिव्यांग बच्चों की देखभाल और अस्पताल के लिए सरकार राजधानी के आसपास 5 एकड़ जमीन देगी। इसके अलावा गरीब परिवार की बच्चियों के सामूहिक विवाह पर 30 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। हमारी सरकार गरीबों की सरकार है।

ये एक नूतन आंदोलन है, इसे पूरे देश में फैलने का काम करें। झारखण्ड में आंदोलन के रूप में ऐसे कार्यक्रम का आयोजन करें, हमारी सरकार इन आयोजनों को प्रोत्साहित देगी। करोड़ों वंचितों, शोषितों  के चेहरे पर मुस्कान लाकर ही हम भारत को विश्वगुरु बना सकते हैं।  – रघुवर दास, मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने भी गरीबी देखी है इसलिए गरीबों का दर्द जानते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर माता-पिता को अपने बच्चों की शादी के लिए जमीन-जायदाद, गहने आदि भी गिरवी रखने पड़ते हैं। इस तरह के आयोजन आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावकों को सम्मान प्रदान करता है। इसे आंदोलन के रूप में पूरे राज्य में ले जाने की जरूरत है। हमारी परंपरा वसुधैव कुटुम्बकम पर आधारित है। हमारे लिए पूरी दुनिया एक परिवार है। ऐसे आयोजन इस परंपरा को आगे बढ़ाते हैं।

 

स्वामी सदानंद जी महाराज ने कार्यक्रम में सरकार के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। गुरु पूर्णिमा 24 जुलाई को एक और सामूहिक विवाह के आयोजन की घोषणा की। साथ ही झारखंड की गरीब कन्याओं के विवाह कराने और अनाथ बच्चों को पढ़ाने की घोषणा की। 

कार्यक्रम में नगर विकास मंत्री श्री सीपी सिंह, डिप्टी मेयर श्री संजीव विजयवर्गीय, संस्था के अध्यक्ष श्री डुंगरमल अग्रवाल, संत श्री मोहन प्रियाचार्य समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।