झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं को हिम्मत है तो बुढा पहाड़ पर रात गुजारें – दीनदयाल बर्णवाल

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता दीनदयाल बर्णवाल ने हेमंत सोरेन के उस  बयान पर  पिकनिक मनाने जाते हैं  बुढा  पहाड़ पर अधिकारी एवं बड़े पुलीस पदाधिकारी पर  पलट वार करते हुए कहा की ,अपने जान को जोखिम में डालकर  पुलिस के पदाधिकारी और  प्रशासन के अधिकारी झारखंड से नक्सल की समाप्ति करने के लिए  बुढा  पहाड़ एवं अन्य दुर्गम जगहों पर जाकर निरीक्षण करते हैं नक्सलियों को पकड़ते हैं अपनी जान को जोखिम में डालकर झारखंड की सुरक्षा करते हैं । ऐसे में विपक्ष के द्वारा लगातार ऐसी टिप्पणी करके झा मु मो पुलिस प्रशासन का मनोबल गिराने का काम कर रहे हैं , आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी झा मु मो   को है जिस से नक्सलियों के प्रति उनका प्रेम जाग गया है । 
बर्णवाल ने कहा कि जहां  एक तरफ रघुवर सरकार नक्सलियों का सफाया कर राज्य को सुदृढ़ बनाने में लगा हुआ है । हर खेत को पानी और हर हाथ को काम के लिए 24 घंटा लगा हुआ है । ऐसे में विपक्ष द्वारा कटाक्ष करना मानसिक दिवालियापन दर्शाता है  । 
*बर्णवाल ने हेमंत सोरेन जी के योजना नही मूर्ख बनाओ अभियान है ,के बयान पर  झा मु मो को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि जिस पार्टी के नेताओं  ने जन्म काल से ही झारखंड को मूर्ख बनाने का कार्य किया , झारखंड को बदनाम करने का कार्य किया ,उन्हें हर कार्य मूर्ख जैसा लगना स्वाभाविक है* 
बर्णवाल ने कहा कि झारखंड की जनता रघुवर दास के बजट पूर्व कार्यक्रम को हाथों-हाथ ले रही है ,जनता बेहद खुश नजर आ रही है जनता द्वारा बनाई गई योजना को सरकार धरातल पर लाने का कार्य को देखते हुए  विपक्ष घबरा  गया है । बर्णवाल ने कहा कि अब  झारखंड में विकास बोलेगा और विपक्ष भागेगा  ।
3 वर्षों से लगातार  विपक्ष सदन से भाग रहा है  दीनदयाल बरनवाल
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता दीनदयाल बर्णवाल ने कांग्रेस के उस बयान पर सरकार   चर्चा से भाग रही है पर पलटवार करते हुए कहा कि 3 वर्षों से सदन से लगातार विपक्ष भागता रहा है । सरकार  वार्ता करने के लिए हर दम तैयार रहती है ,सदन में चर्चा करने के लिए तैयारी के साथ सदन में आती है परंतु विपक्ष 3 वर्षों से लगातार सदन छोड़ भाग खड़ी होती है । 
विपक्ष को हिम्मत है तो सदन में चर्चा करें सदन को उपयोग करें लेकिन उन का इतिहास को देखते  हुए ऐसा लगता है कि फिर सदन से वाकआउट करने वाली है । इसीलिए अभी से ही विरोध की भूमिका बना  रही है ।  जनता की गाढ़ी कमाई को विपक्ष ने हो हल्ला करके सदन की कार्यवाही को बाधित करके बर्बाद किया है जिसका जवाब विपक्ष को आने वाला चुनाव में देना पड़ेगा।  जनता एक-एक से पूछेगी की आपने जनहित और जनसेवा के मुद्दे पर क्यों भाग खड़े हुए।